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आईआईटी बॉम्बे: छात्र की मौत के बाद हंगामा; परीक्षा में चैटजीपीटी के इस्तेमाल पर विवाद से बढ़ी बात?
Sat, 19 Sep 2026 08:12 AM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 19 Sep 2026 08:12 AM IST
सार
आईआईटी बॉम्बे में बीटेक के दूसरे वर्ष के छात्र की मौत के बाद कैंपस में छात्रों का प्रदर्शन शुरू हो गया है। छात्रों ने इस साल ऐसी चार घटनाओं का दावा करते हुए प्रशासन से जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग की है। आखिर कैंपस में लगातार हो रही इन घटनाओं की वजह क्या है और प्रशासन से छात्र क्या जवाब चाहते हैं? पढ़िए रिपोर्ट
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आईआईटी बॉम्बे के पवई परिसर में प्रदर्शन करते छात्र
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई
विस्तार
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे में बीटेक के दूसरे वर्ष के एक छात्र ने शुक्रवर को कथित तौर पर आत्महत्या की।बताया जा रहा है कि परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल करते पकड़े जाने के बाद उसने यह कदम उठाया। वहीं, छात्रों ने आज आईआईटी प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों ने प्रशासन से मामले में जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग की। उनका कहना है कि इस साल ऐसी चार घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें दो घटनाएं पिछले दो महीनों में हुई हैं।
छात्र की पहचान साहिल वकोडे के रूप में हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, वह ऊर्जा विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग का छात्र था। छात्र ने परीक्षा के दौरान सवालों के जवाब पाने के लिए परीक्षा का प्रश्नपत्र चैटजीपीटी पर अपलोड किया था।
अधिकारियों ने बताया कि छात्र के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी। इस मामले पर प्रशिक्षक और विभागाध्यक्ष ने भी छात्र से बात की थी। उन्होंने उसे समझाया था। साथ ही भरोसा दिलाया था कि इस घटना का उसके पढ़ाई और शैक्षणिक करियर पर बुरा असर नहीं पड़ेगा।
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बातचीत के बाद छात्र अपने छात्रावास के कमरे में वापस चला गया। बाद में शाम को वह अपने कमरे में मृत पाया गया। आईआईटी बॉम्बे ने एक बयान जारी किया। संस्थान ने कहा कि वह एक छात्र की मौत से 'बहुत दुखी' है। बयान में कहा गया, संस्थान छात्र के दोस्तों, सहपाठियों, शिक्षकों और इस दुखद घटना से प्रभावित अन्य लोगों को सहायता दे रहा है। मौत से जुड़ी परिस्थितियों की उचित अधिकारियों द्वारा जांच की जा रही है'।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने क्या कहा?
वकोडे की मौत की जानकारी सामने आने के बाद आईआईटी पवई परिसर में छात्रों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि संस्थान घटना से जुड़ी पूरी सच्चाई सामने नहीं बता रहा है। छात्रों का दावा है कि परीक्षा में नकल करने के आरोपी छात्र को कथित तौर पर एक साल के निलंबन की धमकी दी गई थी। छात्रों ने कहा कि अगर उसे निलंबित किया जाता, तो उसे छात्रावास खाली करना पड़ता। उसे परिसर से बाहर रहना पड़ता।
छात्रों के अनुसार, ऐसी कार्रवाई से छात्र का इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम भी प्रभावित हो सकता था। चार साल का पाठ्यक्रम बढ़कर पांच साल या उससे भी ज्यादा हो सकता था। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि अनुशासनात्मक कार्रवाई को लेकर डर और दबाव ने वाकोडे को यह कदम उठाने के लिए प्रभावित किया हो सकता है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि वे यह जानना चाहते हैं कि ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं। इसके पीछे की वजह क्या है, इसकी जानकारी छात्रों को नहीं दी जा रही है। छात्रों ने डीन, निदेशक और प्रशासन से इस मामले पर रिपोर्ट देने की मांग की है। छात्रों का कहना है कि रिपोर्ट में यह साफ होना चाहिए कि मामले की जांच कैसे होगी। इसमें जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की बात भी होनी चाहिए। साथ ही छात्रों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
ये भी पढ़ें: तेलंगाना में रफ्तार का कहर: गणेश विसर्जन के बाद लौट रहे लोगों की कार दुर्घटनाग्रस्त, चार की मौत
छात्र अंश ने कहा कि छात्र इस घटना से बहुत दुखी हैं। उन्होंने कहा कि मृत छात्र उन्हीं में से एक था। ऐसे समय में किसी को दोष देने के बजाय सभी को साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में प्रशासन और छात्रों के बीच मतभेद दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस ने क्या कहा?
डीसीपी दत्तात्रेय नलावड़े ने बताया कि आईआईटी पवई में एक छात्र की आत्महत्या से मौत हुई है। इसके बाद कुछ छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन शुरू किया। उन्होंने कहा कि आईआईटी प्रशासन छात्रों से बातचीत कर रहा है। दोनों पक्षों के बीच सहमति से समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने भी मौके पर जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए हैं।
डीसीपी ने बताया कि मृत छात्र बीटेक के दूसरे वर्ष में पढ़ रहा था। मामले की आगे की जांच पुलिस कर रही है। प्रदर्शन कर रहे तीसरे वर्ष के इलेक्ट्रिकल ब्रांच के छात्र प्रणय ने कहा कि छात्रों की मांग सिर्फ इतनी है कि प्रशासन मामले की पूरी जानकारी दे। उन्होंने कहा कि छात्र जानना चाहते हैं कि ऐसी घटनाओं के पीछे क्या कारण हैं और इन्हें रोकने के लिए प्रशासन क्या कदम उठाएगा।
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छात्र की पहचान साहिल वकोडे के रूप में हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, वह ऊर्जा विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग का छात्र था। छात्र ने परीक्षा के दौरान सवालों के जवाब पाने के लिए परीक्षा का प्रश्नपत्र चैटजीपीटी पर अपलोड किया था।
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अधिकारियों ने बताया कि छात्र के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी। इस मामले पर प्रशिक्षक और विभागाध्यक्ष ने भी छात्र से बात की थी। उन्होंने उसे समझाया था। साथ ही भरोसा दिलाया था कि इस घटना का उसके पढ़ाई और शैक्षणिक करियर पर बुरा असर नहीं पड़ेगा।
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बातचीत के बाद छात्र अपने छात्रावास के कमरे में वापस चला गया। बाद में शाम को वह अपने कमरे में मृत पाया गया। आईआईटी बॉम्बे ने एक बयान जारी किया। संस्थान ने कहा कि वह एक छात्र की मौत से 'बहुत दुखी' है। बयान में कहा गया, संस्थान छात्र के दोस्तों, सहपाठियों, शिक्षकों और इस दुखद घटना से प्रभावित अन्य लोगों को सहायता दे रहा है। मौत से जुड़ी परिस्थितियों की उचित अधिकारियों द्वारा जांच की जा रही है'।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने क्या कहा?
वकोडे की मौत की जानकारी सामने आने के बाद आईआईटी पवई परिसर में छात्रों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि संस्थान घटना से जुड़ी पूरी सच्चाई सामने नहीं बता रहा है। छात्रों का दावा है कि परीक्षा में नकल करने के आरोपी छात्र को कथित तौर पर एक साल के निलंबन की धमकी दी गई थी। छात्रों ने कहा कि अगर उसे निलंबित किया जाता, तो उसे छात्रावास खाली करना पड़ता। उसे परिसर से बाहर रहना पड़ता।
छात्रों के अनुसार, ऐसी कार्रवाई से छात्र का इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम भी प्रभावित हो सकता था। चार साल का पाठ्यक्रम बढ़कर पांच साल या उससे भी ज्यादा हो सकता था। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि अनुशासनात्मक कार्रवाई को लेकर डर और दबाव ने वाकोडे को यह कदम उठाने के लिए प्रभावित किया हो सकता है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि वे यह जानना चाहते हैं कि ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं। इसके पीछे की वजह क्या है, इसकी जानकारी छात्रों को नहीं दी जा रही है। छात्रों ने डीन, निदेशक और प्रशासन से इस मामले पर रिपोर्ट देने की मांग की है। छात्रों का कहना है कि रिपोर्ट में यह साफ होना चाहिए कि मामले की जांच कैसे होगी। इसमें जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की बात भी होनी चाहिए। साथ ही छात्रों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
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छात्र अंश ने कहा कि छात्र इस घटना से बहुत दुखी हैं। उन्होंने कहा कि मृत छात्र उन्हीं में से एक था। ऐसे समय में किसी को दोष देने के बजाय सभी को साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में प्रशासन और छात्रों के बीच मतभेद दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस ने क्या कहा?
डीसीपी दत्तात्रेय नलावड़े ने बताया कि आईआईटी पवई में एक छात्र की आत्महत्या से मौत हुई है। इसके बाद कुछ छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन शुरू किया। उन्होंने कहा कि आईआईटी प्रशासन छात्रों से बातचीत कर रहा है। दोनों पक्षों के बीच सहमति से समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने भी मौके पर जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए हैं।
डीसीपी ने बताया कि मृत छात्र बीटेक के दूसरे वर्ष में पढ़ रहा था। मामले की आगे की जांच पुलिस कर रही है। प्रदर्शन कर रहे तीसरे वर्ष के इलेक्ट्रिकल ब्रांच के छात्र प्रणय ने कहा कि छात्रों की मांग सिर्फ इतनी है कि प्रशासन मामले की पूरी जानकारी दे। उन्होंने कहा कि छात्र जानना चाहते हैं कि ऐसी घटनाओं के पीछे क्या कारण हैं और इन्हें रोकने के लिए प्रशासन क्या कदम उठाएगा।