सीएए: महाराष्ट्र सरकार ने किया आइजीपी रहमान से इस्तीफा वापस लेने का अनुरोध
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नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ महाराष्ट्र कैडर के विशेष आईजीपी अब्दुर रहमान ने दिसंबर में अपना इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने इस कानून को सांप्रदायिक और असंवैधानिक बताया था। अब उनसे महाराष्ट्र के अल्पसंख्यक विकास मंत्री नवाब मलिक ने बात की है। जिसमें उन्होंने रहमान से अनुरोध किया है कि वह अपना इस्तीफा वापस ले लें।
Maharashtra's Minorities Development Minister Nawab Malik talks to Special IGP Abdur Rahman (pic 2), requesting him to take his resignation back. Rahman had resigned from his post in December 2019 in protest against passage of Citizenship Amendment Bill by Parliament. (file pics) pic.twitter.com/uj5WBR0eJS
— ANI (@ANI) January 14, 2020विज्ञापन
कौन हैं आईपीएस अधिकारी अब्दुर रहमान
अब्दुर रहमान मुंबई के राज्य मानवाधिकार आयोग में विशेष पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) के पद पर तैनात थे। उन्होंने एक बयान जारी करते हुए कहा था कि वह 12 दिसंबर से कार्यलय नहीं आएंगे। सूत्रों के अनुसार आईपीएस अधिकारी कदाचार के लिए विभागीय जांच का सामना कर रहे थे।
11 दिसंबर को ट्वीट करते हुए रहमान ने कहा था, 'नागरिकता संशोधन कानून, 2019 संविधान की मूल विशेषता के खिलाफ है। सविनय अवज्ञा में, मैंने कल से कार्यालय में उपस्थित नहीं होने का फैसला किया है। मैं आखिरकार सेवा छोड़ रहा हूं।' इसके बाद दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा था, 'यह विधेयक भारत के धार्मिक बहुलवाद के खिलाफ है। मैं सभी न्यायप्रिय लोगों से अनुरोध करता हूं कि वे लोकतांत्रिक तरीके से कानून का विरोध करें। यह संविधान की मूल विशेषता के विरुद्ध है।'
आईपीएस अधिकारी ने कहा, 'विधेयक के पारित होने के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने गलत तथ्य, भ्रामक जानकारी और गलत तर्क पेश किए थे। इतिहास के साथ छेड़छाड़ की गई। कानून के पीछे विचार मुसलमानों में डर को भड़काना और राष्ट्र को विभाजित करना है। कानून संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन करता है और उसकी मूल विशेषताओं के खिलाफ है।'