'आप ‘पब्लिक फिगर’ हैं तो आपको आलोचनाएं सहनी ही चाहिए'
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राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर मानहानि का मुकदमे जड़ने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर से तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जयललिता को आड़े हाथ लिया। शीर्ष अदालत ने जयललिता से कहा कि अगर आप ‘पब्लिक फिगर’ हैं तो आपको आलोचनाएं तो सहनी ही चाहिए।
न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि तमिलाडु एक ऐसा राज्य है जहां मानहानि के मुकदमों के लिए सरकारी तंत्र का दुरूपयोग हो रहा है।
मालूम हो कि जयललिता और राज्य सरकार की ओर से 200 से अधिक मानहानि के मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
राजनीतिक हथियार के तौर पर मानहानि का इस्तेमाल न हो
पीठ ने कहा, ‘यह कोई तरीका नहीं है। स्वस्थ्य प्रजातंत्र में ऐसा नहीं होना चाहिए। पब्लिक फिगर को प्रतिद्वंद्वियों द्वारा नीतियों को लेकर की गई आलोचनाएं सहनी चाहिए।
पिछली सुनवाई में भी सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आलोचनाओं को बर्दाश्त करने की क्षमता होनी चाहिए। राजनीतिक हथियार के तौर पर मानहानि का मुकदमा नहीं ठोका जाना चाहिए।
मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने डीएमडीके प्रमुख एवं अभिनेता विजयकांत और उनकी पत्नी प्रेमलता के खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट पर रोक लगा दी है।