मुख्य न्यायाधीश ने कहा- अगर हम लोगों को खुश रहना सिखा दें तो कम होंगे मुकदमे
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दिल्ली सरकार द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बुधवार को मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने कहा कि अगर हम युवाओं को खुश रहना सिखा दें तो हम मुकदमेबाजी को बहुत हद तक नियंत्रण कर सकते हैं। उन्होंने दिल्ली सरकार द्वारा विद्यालयों में शुरू की गई 'हैपीनेस क्लास' की तारीफ भी की।
गोगोई दिल्ली सरकार द्वारा संचालित किए जा रहे हैप्पीनेस क्लासेस की पहली वर्षगांठ के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
Chief Justice of India (CJI), Ranjan Gogoi at 'Happiness Education Conference' in Delhi: And I have seriously thought about it, perhaps we can have something like happiness classes in our judicial academies also; without happiness, education can never be complete. (2/2) https://t.co/FhQg0f5r3Y
— ANI (@ANI) July 31, 2019विज्ञापन
उन्होंने कहा कि लोग इतने नाखुश हैं कि बड़ी संख्या में मुकदमे लंबित हैं, जो आगे चलकर लोगों को और भी दुखी करते हैं। अगर हम अपने युवाओं को खुश और संतुष्ट रहना सिखा सकते हैं, तो मुकदमों में कमी आएगी।
गोगोई ने कहा कि हैप्पीनेस क्लासेस को विद्यालयों में शामिल करना एक अच्छा विचार था। हम अपने न्यायिक अकादमियों में भी इसका प्रयोग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि खुशी के बिना किसी भी प्रकार की शिक्षा अधूरी है।
तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित यह कार्यक्रम दिल्ली सरकार द्वारा संचालित विद्यालयों में हैप्पीनेस क्लासेस के पाठ्यक्रम के एक साल पूरा होने पर मनाया जा रहा है।