मोदी की पाक को दो टूक, दोस्ती करनी है तो छोड़े आतंकवाद का साथ
- पीएम ने कहा, बेहतर संबंधों के लिए पाक अपनी तरफ से खड़ी की गई आतंकवाद की बाधा खत्म करे
- द वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए साक्षात्कार में कहा, आतंकियों को सहयोग देना बंद करे पाक
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-पाक के बीच बेहतर संबंध न बन सकने के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि जब तक पाकिस्तान खुद की तरफ से खड़ी की गई आतंकवाद की बाधा को खत्म नहीं कर देता, तब तक दोनों देशों के बीच संबंध बेहतर नहीं हो सकते। प्रधानमंत्री मोदी ने यह बात अमेरिका के वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए साक्षात्कार में कही है।
जर्नल की वेबसाइट पर छपी रिपोर्ट के मुताबिक पीएम मोदी ने पाक को साफ किया कि बेहतर संबंधों के लिए पाक को आतंकियों को दिए जा रहे हर तरह के सहयोग को खत्म करना होगा। उन्होंने कहा कि भारत दोनों देशों के बीच रिश्ते बेहतर करने के लिए प्रतिबद्ध है। हम पहला कदम उठाने को तैयार हैं, लेकिन शांति की तरफ जाने वाली सड़क दो राह वाली है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को लेकर किसी तरह का समझौता नहीं होगा।
पाक की तरफ से आतंकियों के खात्मे के लिए बेहतर प्रयास न करना भी दोनों देशों के बीच अच्छे संबंधों में रोड़ा है। मोदी ने कहा कि मैंने हमेशा कहा है कि आपस में लड़ने की बजाय, हम बेहतर दोस्त बन सकते हैं। भारत-पाक को गरीबी से लड़ना चाहिए। हम पाकिस्तान से अपेक्षा करते हैं कि वह अपनी भूमिका निभाए।
चीन के साथ कोई झगड़ा नहीं है
प्रधानमंत्री मोदी ने एक सवाल के जवाब में कहा कि भारत का चीन से कोई झगड़ा नहीं है। उन्होंने साफ किया कि दोनां देशों के बीच सिर्फ सीमा विवाद है, लेकिन वहां पर भी कोई तनाव नहीं है।
भारत-चीन के लोगों के बीच संपर्क बढ़ा है। व्यापार में भी बढ़ोत्तरी हुई है। भारत में चीन का निवेश बढ़ा है। उन्होंने कहा कि आजकल की दुनिया एक दूसरे से जुड़ी हुई है और इसी तरीके से काम करता है।
जर्नल से बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत की गुटनिरपेक्षता नीति बदलने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत अब एक कोने में खड़ा देश नहीं है। यह दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और यह तेजी से विकास कर रहा है।