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अखिलेश बोले- जाति-धर्म जीता, तो पूछना होगा- एक्सप्रेस वे क्यों बनाया?

Thu, 09 Mar 2017 11:00 AM IST
amarujala.com- Presented by : अजय कुमार सिंह
amarujala.com- Presented by : अजय कुमार सिंह Updated Thu, 09 Mar 2017 11:00 AM IST
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If jaat-dharam wins, we’ll have to ask why build expressway asks Akhilesh Yadav
अखिलेश यादव - फोटो : reuters

यूपी विधानसभा चुनाव के नतीजे में अब कुछ ही दिन बचे हैं। उससे पहले एक साक्षात्कार में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कई मुद्दों पर खुलकर अपना पक्ष रखा है। इंडियन एक्सप्रेस के साथ खास बातचीत में अखिलेश ने कहा कि अगर धर्म और जाति के नाम पर राज्य में सरकार बनती है, तो फिर एक्सप्रेस वे बनाने का क्या फायदा? पढ़िए अखिलेश के इंटरव्यू का संपादित अंश..

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सवाल : अखिलेश सरकार के एक मंत्री गायत्री प्रजापति रेप केस में फरार है। राज्यपाल ने चिट्ठी लिखकर आपसे सवाल पूछे। पिछले पांच सालों से गुंडाराज के आरोप सरकार पर लगते रहे हैं। आपको शर्मिंदगी महसूस नहीं होती?
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जवाब : मैंने पुलिस और जिला मजिस्ट्रेट को कार्रवाई करने के लिए कहा है। पुलिस उसको ढूंढ़ रही है। मैंने पुलिस को और प्रयास तेज करने के लिए कहा है, अन्यथा गलत संदेश जाएगा। मैं नहीं कहता कि राज्यपाल का पत्र अनुचित है। राज्यपाल मेरे पास हर तरह के मुद्दों पर पत्र लिखते रहते हैं। उन्होंने हजारों पत्र लिखे होगा। मैं भी हर चिट्ठी का जवाब देता हूं, लेकिन किसी और राज्यपाल ने इतने पत्र किसी मुख्यमंत्री को नहीं लिखे होंगे।
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सवाल : उत्तर प्रदेश की राजनीति हमेशा करवट लेती रही। 1990 में मंदिर तो साल 2000 तक मंडल, इसके बाद फिर बदलाव आया। आज आप यूपी की राजनीति कैसे करेंगे?
जवाब : मैंने हिम्मत से कहा- काम बोलता है। मैंने यहां विकास की राजनीति लाई है। अब लोगों को तय करना होगा। यह चुनाव उत्तर प्रदेश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। यदि कल जाति-धर्म जीतता है, तो हमें खुद से पूछना पड़ेगा कि हम एक्सप्रेस वे क्यों बनाते हैं?

सवाल : यह चुनाव आपके परिवार में कोलाहल से शुरू हुआ, पिता से आपने पार्टी को अपने कंट्रोल में ले लिया, अब साधना गुप्ता कह रही हैं कि गलत समय में पार्टी में विवाद हुआ, जिसका खामियाजा चुनाव में भुगतने होंगे?

जवाब : यह सात चरण का चुनाव था और यह बयान सातवें चरण से पहले ही आया है। इस पर तीन बातें कहेंगे। पहला, महाभारत में सातवां गढ़ (चक्रव्यूह का) सबसे अभेद्य था। दूसरा, शादी के बंधन में बंधने के लिए आग के चारों ओर सात फेरे लिए जाते हैं। और तीसरा,  दिल्ली से दूर रहोगे तो सुखी रहोगे।

कांग्रेस-सपा गठबंधन पर क्या बोले अखिलेश

If jaat-dharam wins, we’ll have to ask why build expressway asks Akhilesh Yadav
अखिलेश यादव

सवाल : क्या आप यूपी के अलावा कांग्रेस के साथ गठबंधन को राष्ट्रीय स्तर तक देखते हैं?
जवाब : मैं राष्ट्रीय स्तर पर जाना नहीं चाहता। मैं राज्य में ही ठीक हूं। हम अपनी पार्टी को और मजबूत करेंगे जहां कहीं भी अन्य राज्यों में गुंजाइश है।

सवाल : कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर कई तरह की बातें कही जा रही है। कहा जा रहा है कि कांग्रेस ने जितनी सीटें मांगी, आपने दे दी। इस पर कोई पछतावा?
जवाब :  मेरा फैसला सही था। गठबंधन कर हमने संदेश दिया है कि हम सरकार बना सकते हैं और यही कारण है कि प्रधानमंत्री परेशान हैं। पीएम अपनी चुनावी सभाओं में मजाक उड़ा रहे हैं, 'गोद में बैठा लिया है', 'यार बना लिया है'।

सवाल : 2019 के संसदीय चुनावों के लिए सपा-कांग्रेस गठबंधन का क्या होगा?
जवाब : 11 मार्च के बाद इस पर हम फैसला करेंगे।

सवाल : क्या यह एक सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का चुनाव था?
जवाब : बीजेपी इस चुनाव को सांप्रदायिक नहीं कर सकी। 2014 का लोकसभा चुनाव भाजपा का सबसे अच्छा चुनाव था, लोगों से वादे किए गए। अच्छे दिन, सबका साथ, सबका विकास, लेकिन बाद में इस वादे से पलट गए। 

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