{"_id":"5b5998dd4f1c1b07788b6170","slug":"if-imran-khan-become-prime-minister-then-will-not-improve-indo-pak-relations","type":"story","status":"publish","title_hn":"पाकिस्तान चुनाव 2018: भारत के खिलाफ जहर उगलते रहे हैं इमरान खान, पीएम बने तो बिगड़ सकते हैं हालात","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
पाकिस्तान चुनाव 2018: भारत के खिलाफ जहर उगलते रहे हैं इमरान खान, पीएम बने तो बिगड़ सकते हैं हालात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 26 Jul 2018 03:18 PM IST
विज्ञापन
Imran Khan
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाकिस्तान नई सरकार बनने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। कुछ देर में पड़ोसी देश को नए वजीर-ए-आजम भी मिल जाएंगे। हालांकि भारत - पाक रिश्तों में भले ही विवाद के मुद्दे पुराने हो, जिसका सुलझना बेहद मुश्किल है। अब जैसे-जैसे तहरीक - ए - इंसाफ बहुमत की ओर बढ़ रही है ऐसे में यह लगने लगा है कि पहली बार पाकिस्तान में इमरान खान सत्ता पा सकते हैं। मतदान से पहले कराए गए सर्वे के मुताबिक, पाक पीएम पद के लिए इमरान खान लोगों की पहली पसंद बताए जाते रहे हैं।
इमरान खान लोगों की पहली पसंद इसलिए बने क्योकिं उन्होंने चुनाव प्रचार में भारत के खिलाफ खूब जहर उगला है। अपनी रैलियों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इमरान खान ने कहा कि युद्ध की स्थिति में भारत को अधिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
'मतदान से पहले लगभग भारत को चेतावनी देते हुए कहा था खान ने कहा था कि नवाज शरीफ और मोदी खुद को दुनिया को अपनी दोस्ती दिखाते थे लेकिन सच तो यह है कि भारत हमेशा से पाकिस्तान के खिलाफ रहा है। लेकिन मैं यह कह देना चाहता हूं कि अगर मैं सत्ता में आया तो भारत को यह गलती दोहराने नहीं दूंगा।'
विज्ञापन
इमरान के भारत के खिलाफ दिए जा रहे भाषणों को पाक सेना का भी खूब साथ मिला। इसलिए राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इमरान सरकार बनाते हैं तो उनके साथ भारत के रिश्तों की उम्मीद बेकार ही है।
क्रिकेट से राजनीति में कदम रखने वाले इमरान ने कई मौकों पर जेहादियों से बातचीत शुरू करने और कट्टरपंथियों को मुख्य धारा में लाने की भी पैरवी कर चुके हैं। इस वजह से उनके विरोधी उन्हें तालिबान खान तक के नाम से पुकारते हैं।
यह पहली बार नहीं है जब इमरान ने भारत के खिलाफ जहर उगला हो इससे पहले वह अक्टूबर 2016 में भी इमरान ने कहा था 'वह (भारत) पाकिस्तान को तोड़ने और भ्रष्टाचार के खिलाफ उठाए गए कदमों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा है।'
इमरान ने कहा, 'भारत में एक नए सिद्धांत का जन्म हुआ है जिसका लक्ष्य पाकिस्तान को तोड़ना है क्योंकि वे हमें सेना के जरिए हराने में सफल नहीं हो सके।' यही नहीं उन्होंने प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताया था।
इमरान ने उस समय भी पाकिस्तान और बलूचिस्तान में फैलती अशांति का कारण भारत को बताया था और कहा था, जब बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि भारत प्रांत में कानून और व्यवस्था की स्थिति को बिगाड़ने में लगा है तो हमारे प्रधानमंत्री इस मुद्दे को वैश्विक मंच पर क्यों नहीं उठा रहे हैं।
इमरान खान ने अप्रैल में भारतीय सेना के खिलाफ आपत्तिजनक ट्वीट किया था। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा था कि वह कश्मीर में मारे जा रहे निर्दोष कश्मीरियों के खिलाफ भारतीय सेना जो कर रही है वह किसी भी तरह से माफी के योग्य नहीं है। इमरान ने लिखा था की वह पाक अधिकृत कश्मीर में मारे गए आम नागरिकों की हत्या के लिए भारतीय सेना को दोषी मानते हैं। उन्होंने लिखा था कि कश्मीरियों द्वारा किए जा रहे लोकतांत्रिक संघर्ष में पाकिस्तान के लोग उनके साथ खड़े हैं। यही नहीं उन्होंने यूएनएससी को आईओके में भारतीय आक्रामकता के खिलाफ कठोर कदम उठाना चाहिए।
विज्ञापन
इमरान खान लोगों की पहली पसंद इसलिए बने क्योकिं उन्होंने चुनाव प्रचार में भारत के खिलाफ खूब जहर उगला है। अपनी रैलियों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इमरान खान ने कहा कि युद्ध की स्थिति में भारत को अधिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
विज्ञापन
'मतदान से पहले लगभग भारत को चेतावनी देते हुए कहा था खान ने कहा था कि नवाज शरीफ और मोदी खुद को दुनिया को अपनी दोस्ती दिखाते थे लेकिन सच तो यह है कि भारत हमेशा से पाकिस्तान के खिलाफ रहा है। लेकिन मैं यह कह देना चाहता हूं कि अगर मैं सत्ता में आया तो भारत को यह गलती दोहराने नहीं दूंगा।'
विज्ञापन
इमरान के भारत के खिलाफ दिए जा रहे भाषणों को पाक सेना का भी खूब साथ मिला। इसलिए राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इमरान सरकार बनाते हैं तो उनके साथ भारत के रिश्तों की उम्मीद बेकार ही है।
क्रिकेट से राजनीति में कदम रखने वाले इमरान ने कई मौकों पर जेहादियों से बातचीत शुरू करने और कट्टरपंथियों को मुख्य धारा में लाने की भी पैरवी कर चुके हैं। इस वजह से उनके विरोधी उन्हें तालिबान खान तक के नाम से पुकारते हैं।
यह पहली बार नहीं है जब इमरान ने भारत के खिलाफ जहर उगला हो इससे पहले वह अक्टूबर 2016 में भी इमरान ने कहा था 'वह (भारत) पाकिस्तान को तोड़ने और भ्रष्टाचार के खिलाफ उठाए गए कदमों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा है।'
इमरान ने कहा, 'भारत में एक नए सिद्धांत का जन्म हुआ है जिसका लक्ष्य पाकिस्तान को तोड़ना है क्योंकि वे हमें सेना के जरिए हराने में सफल नहीं हो सके।' यही नहीं उन्होंने प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताया था।
इमरान ने उस समय भी पाकिस्तान और बलूचिस्तान में फैलती अशांति का कारण भारत को बताया था और कहा था, जब बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि भारत प्रांत में कानून और व्यवस्था की स्थिति को बिगाड़ने में लगा है तो हमारे प्रधानमंत्री इस मुद्दे को वैश्विक मंच पर क्यों नहीं उठा रहे हैं।
इमरान खान ने अप्रैल में भारतीय सेना के खिलाफ आपत्तिजनक ट्वीट किया था। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा था कि वह कश्मीर में मारे जा रहे निर्दोष कश्मीरियों के खिलाफ भारतीय सेना जो कर रही है वह किसी भी तरह से माफी के योग्य नहीं है। इमरान ने लिखा था की वह पाक अधिकृत कश्मीर में मारे गए आम नागरिकों की हत्या के लिए भारतीय सेना को दोषी मानते हैं। उन्होंने लिखा था कि कश्मीरियों द्वारा किए जा रहे लोकतांत्रिक संघर्ष में पाकिस्तान के लोग उनके साथ खड़े हैं। यही नहीं उन्होंने यूएनएससी को आईओके में भारतीय आक्रामकता के खिलाफ कठोर कदम उठाना चाहिए।
Strongly condemn the brutality of Indian forces against innocent Kashmiris and the killing of unarmed civilians in IOK. The people of Pak stand with the Kashmiris democratic struggle for self determination. The UNSC must act against Indian aggression in IOK.
— Imran Khan (@ImranKhanPTI) April 2, 2018