फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   If I lost my patience then neither I survive nor my comrades: Suman

हिम्मत हार जाता तो न मैं बचता और न साथी: सुमन

Fri, 15 Jul 2016 09:14 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, फीरोजाबाद
ब्यूरो/ अमर उजाला, फीरोजाबाद Updated Fri, 15 Jul 2016 09:14 AM IST
विज्ञापन
If I lost my patience then neither I survive nor my comrades: Suman
सीआरपीएफ जवान सुमन शंकर मिश्रा अपने परिवार के साथ - फोटो : ब्यूरो/ फीरोजाबाद
आतंकी हमले में घायल हुए सीआरपीएफ के जवान सुमन शंकर मिश्रा बुधवार रात को यूपी के फीरोजाबाद में स्थित अपने घर आ गए। उनके घर आते ही परिवार में खुशियां छा गईं। परिवार वालों ने गांव में प्रसाद का वितरण किया। बच्चे पिता से लिपट गए।
विज्ञापन


आतंकी हमले में घायल हुए हिरन गांव निवासी सीआरपीएफ के जवान सुमनशंकर शर्मा बुधवार को देर रात घर लौट आए। आतंकियों की गोली पेट में लगने से घायल सुमन शंकर ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि 25 जून को 161 बटालियन के करीब एक सैकड़ा से अधिक जवान एनुअल फायरिंग करके लौट रहे थे।
विज्ञापन


तीन गाड़ियों में सबसे आगे ट्रक, बीच में हमारी बस और पीछे स्वराज माजदा थी। बस में 40 जवान सवार थे। सामने खड़े पांच आतंकियों ने सबसे पहले आगे चल रहे ट्रक को निशाना बनाने का प्रयास किया। लेकिन चालक ने तेजी से गाड़ी को आगे बढ़ा दिया। बीच में हमारी बस फंसते ही सामने खड़े पांच आतंकियों ने ग्रेनेड से हमला किया। हम लोग हिम्मत नहीं हारे, हिम्मत हार जाता तो न मैं बचता और न हमारे साथी।
विज्ञापन
विज्ञापन

​ऊपर वाले ने बचा लिया मेरा सिंदूर

If I lost my patience then neither I survive nor my comrades: Suman
पुलवामा में हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के आठ जवान शहीद हुए थे - फोटो : ANI

गोली का जवाब तुरंत देना शुरू कर दिया। पीछे से आ रही स्वराज माजदा के भी जवान उतरे और फायरिंग की। करीब 25 मिनट में दो आतंकियों को ढेर कर दिया। हालांकि इस दौरान तीन अन्य भागने में सफल रहे। आतंकियों को मारने के बाद घायल हुए पांच साथियों को मैंने खुद गाड़ी में चढ़ाया था। स्वराज माजदा गाड़़ी का चालक कुलविंदर भी घायल हो गया। हमारी गाड़ी में 12 जवान ही सुरक्षित बचे थे।
आठ जवान आतंकी हमले में मारे गए और शेष घायल हो गए।

सीआरपीएफ के जवान सुमन शंकर शर्मा के घर वापस आने पर पत्नी पूनम शर्मा ईश्वर का शुक्रिया अदा कर रही थी। उन्होंने कहा कि मेरी मांग का सिंदूर तो ऊपर वाले ने बचा लिया। उसी पर भरोसा था। मैं तो हमेशा ईश्वर को याद करती रही।

सुमन शंकर शर्मा बुधवार को देर रात्रि करीब 1.30 बजे निजी वाहन से घर लौटे तो परिजन जाग रहे थे। बड़ी बेटी जाहन्वी एवं मान्वी ने पिता को देखा तो वह गले से लिपट गई। सुमन शंकर के चोट लगे होने के बाद भी बेटियों को गले लगा लिया। पत्नी पूनम शर्मा ने बड़े बुजुर्गों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed