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Tamilnadu: तमिलनाडु से 50 साल पहले चोरी हुई थी देवी पार्वती की प्राचीन मूर्ति, अमेरिका के नीलामी घर में मिली
Mon, 08 Aug 2022 07:45 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 08 Aug 2022 07:45 PM IST
सार
स्थानीय पुलिस को 1971 में शिकायत दी गई थी और 2019 में एक व्यक्ति के.वासु की शिकायत पर आइडल विंग द्वारा एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी, तबसे ये मामला लंबित था।
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Idol of Goddess Parvati stolen from temple in Kumbakonam traced to US after 50 years
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
तमिलनाडु पुलिस की आइडल विंग सीआईडी ने सोमवार को दावा किया है कि उसने तमिलनाडु के कुंभकोणम मंदिर से पचास साल पहले देवी पार्वती की चोरी हुई एक मूर्ति का पता लगाया है और यह मूर्ति अमेरिका के न्यूयॉर्क में एक नीलामी घर में है। यह मूर्ति चोल काल की है।
स्थानीय पुलिस को 1971 में शिकायत दी गई थी और 2019 में एक व्यक्ति के.वासु की शिकायत पर आइडल विंग द्वारा एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी, तबसे ये मामला लंबित था। हाल ही में आइडल विंग इंस्पेक्टर एम. चित्रा ने जांच शुरू करने के बाद विदेशों में विभिन्न संग्रहालयों और नीलामी घरों में चोल काल की पार्वती की मूर्तियों को ब्राउज करना शुरू किया। गहन खोज के बाद उन्हें यह अमेरिका के बोनहम्स ऑक्शन हाउस में मिली।
आइडल विंग की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि चोल काल की लगभग 12वीं शताब्दी की ताबें-मिस्र धातु की मूर्ति की ऊंचाई लगभग 52 सेंटीमीटर है और इसकी कीमत 212,575 अमेरिकी डॉलर (लगभग 1 करोड़ 68 लाख 26 हजार 143 रुपये) है।
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देवी पार्वती या उमा को दक्षिण भारत में आमतौर पर खड़ी स्थिति में चित्रित किया जाता है। वह एक मुकुट पहने हए दिखाई देती हैं, जिसे करंदा मुकुट कहा जाता है, जो आकार में छोटा होता है और कमल की कली में समाप्त होता है।
आइडल विंग सीआईडी के डीजीपी जयंत मुरली के मुताबिक, उनकी टीम ने मूर्ति को वापस लाने के लिए कागजात तैयार कर लिए हैं।
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स्थानीय पुलिस को 1971 में शिकायत दी गई थी और 2019 में एक व्यक्ति के.वासु की शिकायत पर आइडल विंग द्वारा एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी, तबसे ये मामला लंबित था। हाल ही में आइडल विंग इंस्पेक्टर एम. चित्रा ने जांच शुरू करने के बाद विदेशों में विभिन्न संग्रहालयों और नीलामी घरों में चोल काल की पार्वती की मूर्तियों को ब्राउज करना शुरू किया। गहन खोज के बाद उन्हें यह अमेरिका के बोनहम्स ऑक्शन हाउस में मिली।
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आइडल विंग की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि चोल काल की लगभग 12वीं शताब्दी की ताबें-मिस्र धातु की मूर्ति की ऊंचाई लगभग 52 सेंटीमीटर है और इसकी कीमत 212,575 अमेरिकी डॉलर (लगभग 1 करोड़ 68 लाख 26 हजार 143 रुपये) है।
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देवी पार्वती या उमा को दक्षिण भारत में आमतौर पर खड़ी स्थिति में चित्रित किया जाता है। वह एक मुकुट पहने हए दिखाई देती हैं, जिसे करंदा मुकुट कहा जाता है, जो आकार में छोटा होता है और कमल की कली में समाप्त होता है।
आइडल विंग सीआईडी के डीजीपी जयंत मुरली के मुताबिक, उनकी टीम ने मूर्ति को वापस लाने के लिए कागजात तैयार कर लिए हैं।