{"_id":"5c229825bdec2257132ab199","slug":"ibarat-2018-when-4-judges-of-supreme-court-said-in-a-conference-that-democracy-is-in-danger","type":"story","status":"publish","title_hn":"इबारत 2018 : सर्वोच्च न्यायालय के 4 जजों ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया, लोकतंत्र खतरे में है","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
इबारत 2018 : सर्वोच्च न्यायालय के 4 जजों ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया, लोकतंत्र खतरे में है
Wed, 26 Dec 2018 02:20 AM IST
Gaurav Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Gaurav Pandey
Updated Wed, 26 Dec 2018 02:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
12 जनवरी, 2018 को नई दिल्ली में तुगलक रोड पर बंगला नंबर चार में सुप्रीम कोर्ट के चार जज जे. चेलेश्वर, रंजन गोगोई, मदन बी. लोकुर और कुरियन जोसफ जनता के बीच आए और मीडिया के सामने सात पेज का पत्र मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के नाम जारी किया। यह अभूतपूर्व घटना थी। सर्वोच्च न्यायालय के चार वरिष्ठ न्यायाधीश जनता के बीच खुद मीडिया से मिलने आए।
विज्ञापन
जजों ने यह प्रेस कांफ्रेंस खासतौर पर विशेष सीबीआई अदालत के जज बीएच लोया की मौत के मामले की सुनवाई में मुख्य न्यायाधीश के रोस्टर चयन पर सवाल खड़े करने के लिए की थी। साथ ही जजों ने यह चिंता भी जाहिर की, कि देश में अगर न्यायपालिका निष्पक्ष नहीं रहेगी तो लोकतंत्र जीवित नहीं रहेगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जजों ने सुप्रीम कोर्ट की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए।
विज्ञापन
जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा कि वे मजबूर होकर मीडिया के सामने आए हैं। हालांकि सर्वोच्च न्यायालय जैसी गरिमामयी संस्था का इस तरह के मसलों को जनता के बीच लाना हैरान करता है। यकीनन यह सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों का साहस कदम था। जस्टिस चेलेश्वर ने इस मौके पर कहा था, 'मजबूर होकर मीडिया के सामने आए हैं।'
विज्ञापन