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कालेधन को सफेद करते कैमरे में कैद हुए 200 बैंक अधिकारी
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 12 Dec 2016 07:36 PM IST
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कालाधन को जुगाड़बाजी के जरिए सफेद में बदलने के खेल में शामिल 425 बैंकों के 200 से भी अधिक अधिकारी स्टिंग के फंदे में उलझ गए हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश पर खुद आईबी ने बीते करीब 20 दिन के दौरान 625 बैंकों का स्टिंग किया। बताते हैं कि इस स्टिंग ऑपरेशन में 425 बैंकों में कालाधन केसफेद बनाने की प्रक्रिया कैमरे में कैद हुई। इसमें 200 से अधिक बैंक अधिकारी, हवाला कारोबारी, नेता और व्यापारी शामिल हैं।
बीते रविवार को पीएमओ ने स्टिंग से जुड़ी सीडी और इससे संबंधित आईबी की रिपोर्ट के अध्ययन के बाद इसे भावी कार्रवाई के लिए वित्त मंत्रालय को भेज दिया है। नोटबंदी के कारण पहले से जारी अफरातफरी और न बढ़ जाए, इसके लिए इनके खिलाफ कार्रवाई फरवरी महीने के बाद शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
माना जा रहा है कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस खुलासे को सार्वजनिक करेंगे। सूत्रों ने बताया कि 8 नवंबर को नोट बंदी के फैसले के बाद व्यापक मात्रा पर पकड़ी जा रही नकदी से सतर्क पीएमओ, गृह मंत्रालय ने आईबी को नवंबर के तीसरे हफ्ते की शुरआत में बैंकों की स्टिंग के मिशन पर लगाया। इस क्रम में आईबी की कई टीमों ने देश भर के करीब 600 बैंकों का स्टिंग किया। इस ऑपरेशन में 425 बैंकों में काला धन को सफेद बनाने की हेराफेरी सामने आई।
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बीते रविवार को पीएमओ ने स्टिंग से जुड़ी सीडी और इससे संबंधित आईबी की रिपोर्ट के अध्ययन के बाद इसे भावी कार्रवाई के लिए वित्त मंत्रालय को भेज दिया है। नोटबंदी के कारण पहले से जारी अफरातफरी और न बढ़ जाए, इसके लिए इनके खिलाफ कार्रवाई फरवरी महीने के बाद शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
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माना जा रहा है कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस खुलासे को सार्वजनिक करेंगे। सूत्रों ने बताया कि 8 नवंबर को नोट बंदी के फैसले के बाद व्यापक मात्रा पर पकड़ी जा रही नकदी से सतर्क पीएमओ, गृह मंत्रालय ने आईबी को नवंबर के तीसरे हफ्ते की शुरआत में बैंकों की स्टिंग के मिशन पर लगाया। इस क्रम में आईबी की कई टीमों ने देश भर के करीब 600 बैंकों का स्टिंग किया। इस ऑपरेशन में 425 बैंकों में काला धन को सफेद बनाने की हेराफेरी सामने आई।
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70 फीसदी मामले निजी बैंक से जुड़े हैं
स्टिंग ऑपरेशन को अंजाम देने के बाद आईबी ने दो दिन पूर्व इससे जुड़ी सीडी और अपनी रिपोर्ट पीएमओ को दी। पीएमओ के अधिकारियों ने बीते रविवार को स्टिंग से जुड़े सभी सीडी, दस्तावेजों और आईबी की रिपोर्ट का मुआयना करने के बाद इन भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए मामले को वित्त मंत्रालय के सुपुर्द कर दिया।
जानकारी के मुताबिक काला को सफेद करने के खेल में सरकारी बैंक की तुलना में निजी बैंकों ने व्यापक भूमिका निभाई है। करीब 70 फीसदी मामले निजी बैंक से जुड़े हैं। पीएमओ ने वित्त मंत्रालय ने स्टिंग में दोषी पाए गए अधिकारियों की सूचना उससे जुड़े बैंक के शीर्ष स्तर के अधिकारी को देने का भी निर्देश दिया है।
जानकारी के मुताबिक काला को सफेद करने के खेल में सरकारी बैंक की तुलना में निजी बैंकों ने व्यापक भूमिका निभाई है। करीब 70 फीसदी मामले निजी बैंक से जुड़े हैं। पीएमओ ने वित्त मंत्रालय ने स्टिंग में दोषी पाए गए अधिकारियों की सूचना उससे जुड़े बैंक के शीर्ष स्तर के अधिकारी को देने का भी निर्देश दिया है।
विधानसभा चुनाव से पहले भी कार्रवाई संभव
उपलब्धि के रूप में प्रचारित करेगी सरकार
सरकार ने अपने इस स्टिंग को बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रचारित करने की येजना बनाई है। योजना यह है कि सबसे पहले स्टिंग ऑपरेशन से जुड़ी महत्वपूर्ण कड़ियों-दस्तावेजों और रिपोर्ट को पब्लिक डोमेन में डाला जाएगा। इसके बाद प्रधानमंत्री अपनी रैलियों में इसका प्रचार प्रसार करेंगे। कुल मिला कर योजना भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार के सख्त रुख को लोगों के सामने रखने का है।
हालांकि फिलहाल यह कहा जा रहा है कि भ्रष्ट बैंक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई फरवरी-मार्च के बाद होगी। मगर सूत्रों का कहना है कि इस बीच कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के कारण कार्रवाई जनवरी महीने में ही की जा सकती है। सरकार के रणनीतिकारों को उम्मीद है कि जनवरी महीने का दूसरा हफ्ता आते आते नोट बंदी के कारण हो रही समस्या में बहुत कमी आ जाएगी।
सरकार ने अपने इस स्टिंग को बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रचारित करने की येजना बनाई है। योजना यह है कि सबसे पहले स्टिंग ऑपरेशन से जुड़ी महत्वपूर्ण कड़ियों-दस्तावेजों और रिपोर्ट को पब्लिक डोमेन में डाला जाएगा। इसके बाद प्रधानमंत्री अपनी रैलियों में इसका प्रचार प्रसार करेंगे। कुल मिला कर योजना भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार के सख्त रुख को लोगों के सामने रखने का है।
हालांकि फिलहाल यह कहा जा रहा है कि भ्रष्ट बैंक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई फरवरी-मार्च के बाद होगी। मगर सूत्रों का कहना है कि इस बीच कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के कारण कार्रवाई जनवरी महीने में ही की जा सकती है। सरकार के रणनीतिकारों को उम्मीद है कि जनवरी महीने का दूसरा हफ्ता आते आते नोट बंदी के कारण हो रही समस्या में बहुत कमी आ जाएगी।