फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   I was kept jailbird even after release: Hardik Patel

हार्दिक ने बयान का दर्द, कहा जमानत के बावजूद कर रखा है नजरबंद

Thu, 25 Aug 2016 03:58 PM IST
सुशीला सिंह/ बीबीसी संवाददाता
सुशीला सिंह/ बीबीसी संवाददाता Updated Thu, 25 Aug 2016 03:58 PM IST
विज्ञापन
I was kept jailbird even after release: Hardik Patel
हार्दिक पटेल

गुजरात में पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल ने कहा है कि जमानत दिए जाने के बाद भी सरकार ने उन्हें उदयपुर में नजरबंद कर रखा है। लेकिन वो यहीं से आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं। बीबीसी से बातचीत में उन्होंने आंदोलन की रणनीति को लेकर कहा कि जब नागपुर से पूरा देश चल सकता है तो क्या उदयपुर से आंदोलन नहीं चल सकता?

विज्ञापन


गुजरात में शुरू हुए पाटीदार आंदोलन को गुरुवार को एक साल पूरे हो जाएंगे।लेकिन जिस सरगर्मी से ये आंदोलन शुरू हुआ था अब इसमें कमी आई है और आंदोलन में भी बिखराव की ख़बरें आ रही हैं।हार्दिक पटेल ने अदालत के निर्देश पर राज्य से बाहर राजस्थान के उदयुपर में अपना अस्थायी ठिकाना बना रखा है।लेकिन हार्दिक पटेल का कहना है, "मैं नौ महीने जेल में रहा और अभी छह महीने के लिए गुजरात से बाहर हूँ। 
विज्ञापन


जब जेल से बाहर निकला तबसे मुझसे 50 लाख लोग जुड़े हैं। आंदोलन चल रहा है बस हम दिखा नहीं रहे हैं। जब हम गुजरात जाएंगे तो आप देख पाएंगे कि कितने बड़े पैमाने पर हमसे लोग जुड़े हुए हैं।" पाटीदार आंदोलन अभी धीमा है और हार्दिक का कहना है कि इसे ग्रामीण स्तर पर चलाया जा रहा है और धार्मिक यात्राओं के जरिए लोगों को जोड़ने की कोशिश हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


वो कहते हैं, "हम सवर्ण समाज में जितने भी राजपूत, पटेल, ब्राह्मण, स्वामी हैं, उन सबको जोड़ना चाहते हैं। आने वाले दिनों में हम दिखाएंगे कि हमारी ताकत कितनी है।" हालांकि आंदोलन से जुड़े कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि जो चंदा इकट्ठा हुआ, उसका दुरुपयोग हुआ है। लेकिन हार्दिक पटेल का कहना है कि हमारे आंदोलन को तोड़ने की बड़ी कोशिशें की जा रही हैं।

हमने करोड़ों कमाए तो करा लें इनकम टैक्स की जांच 

I was kept jailbird even after release: Hardik Patel
हार्दिक - फोटो : PTI

वो कहते हैं, "अगर हमने करोड़ों रुपये कमा लिये हैं तो इन लोगों को इनकम टैक्स विभाग से जांच कराने का आदेश दे देना चाहिए। दूसरी बात ये है कि जिन लोगों ने दिया वो नहीं बोल रहे हैं, यानी किसी ने नहीं दिया।" ऐसी खबरें हैं कि हार्दिक पटेल को कुछ लोगों ने चिट्ठी लिखकर पूछा था कि एक साल पहले के मुकाबले उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी कैसे हो गई।

जबकि हार्दिक का कहना था, "मैं मध्यवर्गीय परिवार से आता हूं। ना मैं बहुत गरीब हूं और ना ही बहुत अमीर। मैं किसान का बेटा हूं और मेरे पास 10 एकड़ जमीन है। मैं इसमें कमा खा सकता हूं। ये लड़ाई पूरे समाज की है और समाज ने आरोप लगाने वालों को जवाब दे दिया है।" जब ये आंदोलन शुरू हुआ तो उन पर देशद्रोह का आरोप लगाकर जेल भेज दिया गया था। अब जब उन्हें जमानत मिल चुकी है लेकिन उन्हें राज्य से बाहर रहने का निर्देश दिया गया है।

इसके साथ ही आंदोलन के अन्य अगुवा लोगों को भी अपनी जगहों से न निकलने के लिए कहा गया। ऐसे में आंदोलन का क्या होगा? हार्दिक पटेल का कहना है कि 'नागपुर में बैठे-बैठे देश चल सकता है तो उदयपुर में बैठे-बैठे आंदोलन क्यों नहीं चल सकता।'राज्य निर्वासन के बारे में उनका कहना था कि सरकार ने उन्हें 'उदयपुर में नजरबंद कर रखा है, जबकि ज़मानत के आदेश में ये कहीं नहीं लिखा गया है।'वो कहते हैं, "नजरबंदी के खिलाफ जोधपुर की अदालत में याचिका दायर की है और अगले दो तीन दिन में इस बारे में कोई स्थिति साफ हो पाएगी।"

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed