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'बाद में पता चला कि मैं बचपन में मशहूर था'

Wed, 03 Aug 2016 02:56 PM IST
सुप्रिया सोगले/ बीबीसी
सुप्रिया सोगले/ बीबीसी Updated Wed, 03 Aug 2016 02:56 PM IST
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I later found out that I was famous in childhood says budhiya
- फोटो : bbc
साल 2006 में चार साल के एक लड़के बुधिया सिंह ने 65 किलोमीटर की दौड़ पूरा कर रातों-रात शोहरत कमा ली थी। ओडिशा की झुग्गी-झोपड़ियों से आए बुधिया सिंह ने अपने गुरु बिरंची दास की मदद से इस दौड़ को पूरा कर लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स में जगह बनाई। लेकिन 2008 में बुधिया के बाल-अधिकारों को लेकर छिड़े विवाद और उनके कोच बिरंची दास की मृत्यु के बाद भारत का यह 'सनसनीखेज' धावक कहीं पीछे छूट गया।
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अब 14 साल के हो चुके बुधिया सिंह की जिंदगी पर एक फिल्म 'बुधिया सिंह- बॉर्न टू रन' आ रही है। इसके जरिए बुधिया की कहानी दर्शकों के सामने होगी। इस फिल्म के सिलसिले में बीबीसी ने बुधिया से बातचीत की और उन्होंने अपने बारे में कुछ किस्से साझा किए।
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उन्होंने बताया, "मुझे 11 साल की उम्र में पता चला की मेरा इतना नाम था। जब बचपन में लोग पूछते थे कि मैं और कितना भागूंगा, तो मैं कहता था की जितना भाग सकता हूँ भागूंगा, पर आज मैं यह नहीं बोल सकता क्योंकि मुझे प्रशिक्षण ठीक से नहीं मिला है।"
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'सरकार शायद मुझे भूल गई है'

I later found out that I was famous in childhood says budhiya
अपनी वर्तमान स्थिति के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए बुधिया ने कहा, "सरकार शायद मुझे भूल गई है। मुझे हॉस्टल में अच्छे प्रशिक्षण देने का वादा करके ले गए थे। पर न तो मुझे प्रशिक्षण अच्छा मिल रहा है और न ही खाना।" उनका आरोप है कि ओडिशा के जिस खेल प्रशिक्षण शिविर में उन्हें ट्रेनिंग मिल रही है, वहां 12 खिलाडियों के लिए एक कोच है। इस वजह से कोच बुधिया को व्यक्तिगत ट्रेनिंग नहीं दे पाते हैं।

बुधिया अपने नाम और शोहरत का श्रेय बिरंची दास को देते हुए कहते हैं, "अगर वो न होते तो शायद आज मैं कही पर बाल मजदूरी कर रहा होता। उन्होंने मुझे ओलिंपिक का सपना दिखाया है। मुझे उनके जैसे कोच की जरूरत है।"

मनोज वाजपेयी और तिलोत्तमा शोम के अभिनय से सजी फिल्म 'बुधिया सिंह- बॉर्न टू रन' की रिलीज से बुधिया को खासी उम्मीद है। वो कहते हैं की इसके बाद शायद देश के किसी कोने से उन्हें बिरंची दास जैसा कोच मिले, जो ओलिंपिक में भारत के लिए दौड़ने के उनके सपने को पूरा कर दे।
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