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हूजी आतंकी को सजा-ए-मौत, श्रमजीवी बम विस्फोट में है आरोपी

Thu, 01 Sep 2016 12:07 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, जौनपुर
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, जौनपुर Updated Thu, 01 Sep 2016 12:07 AM IST
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Huji terrorist sentenced to death, is accused in bomb blast in shramjivi

श्रमजीवी एक्सप्रेस बम विस्फोट कांड के आरोपी हूजी के आतंकी ओबैदुर्रहमान उर्फ बाबू भाई को अदालत ने बुधवार को फांसी की सजा सुनाई। मामले में कोर्ट ने उसे मंगलवार को ही दोषी करार दिया था। इससे पहले कोर्ट ने इसी मामले में मोहम्मद आलमगीर उर्फ रोनी को 30 जुलाई को फांसी की सजा सुना चुकी है।

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बुधवार दोपहर हूजी के आतंकी ओबैदुर्रहमान उर्फ बाबू भाई को पुलिस ने अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम बुधिराम यादव की अदालत में पेश किया। दंड के प्रश्न पर सुनवाई शुरू हुई। जिला शासकीय अधिवक्ता राकेश कुमार यादव ने इसे विरलतम मामला बताया। उन्होंने कहा कि अभियुक्त को मृत्युदंड से कम की सजा न दी जाए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता प्रदीप कुमार श्रीवास्तव कि दलील थी कि यह केस परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है और ओबैदुर्रहमान मुख्य अभियुक्त नहीं है इसलिए इसे कम से कम सजा दी जाए।
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न्यायाधीश ने बहस एवं तर्कों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आतंकी आरोपी ओबैदुर्रहमान बाबू उर्फ बाबू भाई निवासी बगुरा बांग्लादेश को आईपीसी की धारा 302/120बी में मृत्युदंड, धारा 307/120बी में 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं पांच लाख रुपये अर्थ दंड, धारा 4 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम में आजीवन कारावास एवं पांच लाख रुपये अर्थ दंड और 14 फारनर्स एक्ट में पांच वर्ष का सश्रम कारावास एवं 25 हजार रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई।

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हादसे में हुई थी 12 लोगों की मौत

Huji terrorist sentenced to death, is accused in bomb blast in shramjivi

28 जुलाई 2005 को पटना से नई दिल्ली जा रही श्रमजीवी एक्सप्रेस की सामान्य बोगी में हरपाल गंज रेलवे स्टेशन के आगे हरिहरपुर क्रॉसिंग के पास विस्फोट हुआ था। इसमें आरडीएक्स का इस्तेमाल किया गया था जिसमें 12 यात्रियों की मौत हो गई थी जबकि 16 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

ट्रेन के गार्ड जाफर अली ने 28 जुलाई 2005 को जीआरपी थाने में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वर्ष 2005 से यह मामला अदालत में चल रहा था। ओबैदुर्रहमान उर्फ बाबू भाई आदि के मामले में कुल 42 गवाह पेश किए गए। श्रमजीवी बम विस्फोट मामले में कुल सात आरोपी हैं। जिसमें दो फरार चल रहे हैं। एक की मौत हो गई है।

फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएगा बाबू
हूजी के आतंकी आरोपी ओबैदुर्रहमान उर्फ बाबू भाई के अधिवक्ता प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने कोर्ट का फैसला आने के बाद कहा कि न्यायालय का फैसला है। हम उसका सम्मान करते हैं लेकिन इस फैसले से हम संतुष्ट नहीं हैं। इसके खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील की जाएगी।

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