फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Huge Flood As Uttarakhand Glacier Breaks 10 Dead 170 Missing here complete timeline of chamoli disaster

Uttarakhand Glacier Breaks: चमोली पर 48 घंटे चलेगा रेस्क्यू ऑपरेशन, यहां पढ़ें उत्तराखंड आपदा की टाइमलाइन

Sun, 07 Feb 2021 09:22 PM IST
स्वाति सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: स्वाति सिंह Updated Sun, 07 Feb 2021 09:22 PM IST
विज्ञापन
Huge Flood As Uttarakhand Glacier Breaks 10 Dead 170 Missing here complete timeline of chamoli disaster
चामोली में बादल फटने से बढ़ी परेशानी - फोटो : अमर उजाला

उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर फटने से बड़ी तबाही हुई है। चमोली जिले जोशीमठ में ग्लेशियर टूटने से धौलीगंगा नदी में बाढ़ आ गई। पानी तेज गति से आगे बढ़ रहा है। आसपास के इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने की आशंका है, लिहाजा आसपास के इलाकों से लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। इससे ऋषिगंगा प्रोजेक्ट को नुकसान पहुंचा है। श्रीनगर, ऋषिकेश और हरिद्वार में अलर्ट है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने घटना स्थल पर पहुंच स्थिति की जानकारी ली है। यहां पढ़ें पूरी टाइमलाइन

विज्ञापन


8:29 बजे: नंदा देवी ग्लेशियर टूटने की घटना को लेकर कानपुर में भी अलर्ट जारी किया गया।

8:21 बजे: हिंडन एयर फोर्स स्टेशन के दो C-130 विमानों के साथ NDRF की टीमों को तैनात किया। जहां Mi-17 और ALH हेलीकॉप्टरों को जोशीमठ में तैनात किया गया।
विज्ञापन


7:54 बजे: रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उत्तराखंड त्रासदी में बचाव अभियान को तेज करने के लिए जोशीमठ में कंट्रोल रूम की स्थापना की गई। 

शाम 7:42  बजे: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने एक चैनल को बड़ी जानकारी देते हुए कहा कि तपोवन में एक टनल में फंसे सभी 16 लोगों का बचा लिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


शाम 7:36  बजे: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर के टूटने के कारण जान गंवाने वालों के परिजनों को दो लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की। वहीं गंभीर रूप से घायलों के लिए 50,000 रुपये।

शाम 6:38 बजे: उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मृतक के परिजनों को चार-चार लाख रुपये मुआवजे देने की घोषणा की।

शाम 6:20 बजे: कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति ने उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की।

शाम 6:19 बजे: उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत स्थिति की समीक्षा करने के बाद देहरादून वापस आ गए।

शाम 5:54बजे: उत्तराखंड में ग्लेशियर टूटने की घटना पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी दुख जताया।

शाम 5:18 बजे: उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने दुख जताया ।

4:45 बजे: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया दुख।

4:40 बजे: गाजियाबाद से एनडीआरएफ की दो टीम उत्तराखंड के लिए रवाना। राहत काम तेज।

4: 14 बजे: आईटीबीपी के डीजी के अनुसार रैनी गांव के पास पुल के ढहने के कारण कुछ सीमा पर आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है। 

दोपहर 3:59  बजे: आईटीबीपी के डीजी एसएस देसवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि काम वाली  जगह पर 100 से अधिक मजदूर मौजूद थे। जिनमें से 10 लोगों के शव बरामद किए गए हैं। 

दोपहर 3:46 बजे: जोशीमठ क्षेत्र से आगे मलारी के पास एक सीमा सड़क संगठन का पुल बाढ़ से बह गया।

दोपहर 3:42 बजे: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जताया दुख।

दोपहर 3:22 बजे: 16 लोगों को पुलिस ने सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया।

दोपहर 3:18 बजे:  उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत चमोली के तपोवन क्षेत्र के रैनी गांव के पास पहुंचे। वे स्थिति का जायजा ले रहे हैं।

दोपहर 3:12 बजे:  रावत को चमोली जिले के तपोवन क्षेत्र में सेना और आईटीबीपी के जवानों द्वारा बाढ़ की स्थिति के बारे में जानकारी दी गई।

दोपहर 3:11 बजे: उत्तराखंड के चमोली के तपोवन इलाके में एनटीपीसी स्थल से तीन शव बरामद हुए हैं। यह जानकारी आईटीबीपी ने दी।

दोपहर 3:02  बजे: भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उत्तराखंड के सीएम टीएस रावत से बात की और चमोली में बाढ़ की स्थिति के बारे में जानकारी ली।

दोपहर 2: 53 बजे: उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि 2 शव बरामद किए गए।

दोपहर 2: 51 बजे: आईटीबीपी, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें पहले ही घटनास्थल पर पहुंच चुकी हैं। रेड अलर्ट जारी किया गया है।

दोपहर 2: 08 बजे: उत्तराखंड के चमोली में राहत कार्यों को लेकर कैबिनेट सचिवालय में एक बैठक बुलाई गई है।

दोपहर 1: 58 बजे: बचाव कार्य के लिए वायुसेना ने तैनात किए तीन हेलिकॉप्टर

दोपहर 1: 53 बजे: प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा, असम में रहते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने सीएम टीएस रावत और अन्य शीर्ष अधिकारियों से बात की। 

दोपहर 1: 46 बजे: एनडीआरएफ के डीजी एसएन प्रधान ने कहा, 'ग्लेशियर टूटने से ऋषिगंगा नदी प्रभावित हुई है और बाढ़ के कारण बीआरओ द्वारा बनाया जा रहा पुल बह गया है। ऋषिगंगा परियोजना की अपर रीच भी क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे चमोली, जोशीमठ और अन्य बहाव क्षेत्र प्रभावित होंगे।

दोपहर 1: 35 बजे: चमोली जिले में आई बाढ़ के चलते 100-150 लोगों के हताहत होने की आशंका मिली। यह जानकारी उत्तराखंड के मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने दी।

दोपहर 1: 34 बजे: मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि अभी तक किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है।

दोपहर 1: 32 बजे: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद सिंह रावत से फोन पर बात की।

दोपहर 1:30 बजे: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड के चमोली जिले में बाढ़ की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उत्तराखंड के मुख्य सचिव, केंद्रीय गृह सचिव और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय के साथ समन्वय और राहत का जारी है। वायु सेना और अन्य आपदा राहत बल को स्टैंडबाय पर रखा गया है।

दोपहर 1:30 बजे: चमोली में आई आपदा के मद्देनदजर गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से बात की। इसके अलावा उन्होंने आईटीबीपी के डीआईजी से भी बात की।

दोपहर 1: 22 बजे: सभी जिलाधिकारियों को आपदा चेतावनी भेजी गई। जिसमें कहा गया, 'उत्तराखंड में नंदादेवी ग्लेशियर के एक हिस्से के टूटने की रिपोर्ट मिली है। गंगा नदी पर बसे जिलों को हाई अलर्ट पर रहने की आवश्यकता है और जल स्तर की 24 घंटे निरंतर निगरानी करने की आवश्यकता है। यदि जरूरत हो तो लोगों को बाहर निकालने और सुरक्षित स्थान पर ले जाने की आवश्यकता है।

दोपहर 1:13 बजे: धौलीगंगा में बड़े पैमाने पर आई बाढ़ को लेकर गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने कहा, 'आईटीबीपी की दो टीमें मौके पर पहुंचीं हैं। एनडीआरएफ की तीन टीमों को देहरादून से रवाना किया गया है और 3 अतिरिक्त टीमें शाम तक वायुसेना के हेलिकॉप्टर की मदद से वहां पहुंचेंगी। एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन पहले से ही मौके पर मौजूद है।'

दोपहर 1:10 बजे: मुख्यमंत्री रावत ने कहा, 'मैं स्वयं घटनास्थल के लिए रवाना हो रहा हूं। मेरी सभी से विनती है कि कृपया कोई भी पुराने वीडियो शेयर करके पैनिक ना फैलाएं। स्थिति से निपटने के सभी जरूरी कदम उठा लिए गए हैं। आप सभी धैर्य बनाए रखें।'


दोपहर 1:08 बजे: चमोली पुलिस ने कहा, 'तपोवन क्षेत्र में एक ग्लेशियर टूटने से ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट क्षतिग्रस्त हो गया है। अलकनंदा नदी के किनारे रहने वाले लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जाती है।'

दोपहर 1:04 बजे: मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा, 'अगर आप प्रभावित क्षेत्र में फंसे हैं, आपको किसी तरह की मदद की जरूरत है तो कृपया आपदा परिचालन केंद्र के नंबर 1070 या 9557444486 पर संपर्क करें। कृपया घटना के बारे में पुराने वीडियो से अफवाह न फैलाएं। आप 1905 पर भी संपर्क कर सकते हैं।'

दोपहर 1:03 बजे: चमोली जिले के जोशीमठ क्षेत्र के रैनी गांव में एसडीआरएफ और दमकल के बचावकर्मी पहुंचे।

दोपहर 1:00 बजे: मौके पर आईटीबीपी के जवान पहुंचे। आईटीबीपी ने कहा, ' रैनी गांव के पास धौली गंगा में भारी बाढ़ देखी गई। यहां बादल फटने या जलाशय टूटने के कारण कुछ जलस्रोतों में बाढ़ आ गई। इससे नदी किनारे बने घर नष्ट हो गए। बहुत से लोगों के हताहत होने की आशंका है। बचाव के लिए सैकड़ों आईटीबीपी के जवान मौके पर पहुंच रहे हैं।'

दोपहर 12: 58 बजे: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा, 'चमोली जिले से एक आपदा की सूचना मिली है। जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभागों को स्थिति से निपटने के लिए निर्देशित किया गया है। किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। सरकार सभी आवश्यक कदम उठा रही है।'

दोपहर 12: 56 बजे: चमोली के जिलाधिकारी ने अधिकारियों को धौली गंगा नदी के किनारे बसे गांवों में रहने वाले लोगों को बाहर निकालने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक घटनास्थल के लिए रवाना हो गए।

दोपहर 12:55 बजे: धौली गंगा नदी का जल स्तर बढ़ गया है। ऐसा चमोली जिले के तपोवन क्षेत्र के रैनी गांव में एक बिजली परियोजना के पास अचानक हिमस्खलन के बाद हुआ।

दोपहर 12.12 बजे: चमोली को पार कर नंदप्रयाग पहुंचा पानी।

सुबह 11:45 बजे: जोशीमठ को पार कर विष्णुगाड-पिपलकोटी परियोजना तक पहुंचा बाढ़ का पानी।

सुबह 11:25 बजे: धौलीगंगा और ऋषिगंगा के संगम के बाद तपोवन पहुंचा अलकनंदा नदी का पानी, तपोवन-विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना को भारी नुकसान कर सैलाब आगे बढ़ा।

सुबह 11:10 बजे: ऋषिगंगा-1 और देवडी बांध को क्षतिग्रस्त कर बहाव आगे बढ़ा।

सुबह 10:55 बजे: रैनी में ऋषिगंगा-2 हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट का एक बड़ा हिस्सा तोड़कर आगे बढ़ा पानी का सैलाब

सुबह 10:40 बजे: चमोली जिले के ऋषिगंगा नदी में हिमखंड टूटने से नदी ने लिया रौद्र रूप

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed