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शिक्षण संस्थानों के परिसर में लैंगिक उत्पीड़न पर सख्त हुई सरकार

Wed, 13 Jul 2016 02:56 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, इलाहाबाद
ब्यूरो/ अमर उजाला, इलाहाबाद Updated Wed, 13 Jul 2016 02:56 AM IST
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HRD issue guidelines for molestation cases in educational institutes
प्रकाश जावड़ेकर - फोटो : PTI

उच्च शिक्षण संस्थानों में लैंगिक उत्पीड़न पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने संख्त रुख अपनाया है। मंत्रालय की ओर से इस बाबत अधिसूचना जारी कर दी गई है, जिसे मंगलवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया।

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साथ में आयोग की ओर से विश्वविद्यालयों तथा अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों को पत्र भी लिखा गया है। इसके माध्यम से मंत्रालय ने ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए सेल के गठन के साथ शिकायतों पर त्वरित और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कहा है।
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इतना ही नहीं छात्र-छात्राओं और महिला कर्मचारियों को मिले कानूनी संरक्षण तथा अधिसूचना की बाबत जागरूक करने के मकसद से महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से हैंडबुक भी जारी की गई है। हैंडबुक के बारे में हर विद्यार्थी तथा कर्मचारी को जानकारी देने के साथ संस्थानों की वेबसाइट पर भी अपलोड किया जाएगा। 

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किस तरह की हरकत उत्पीड़न है इसको बुकलेट में बताया गया है

HRD issue guidelines for molestation cases in educational institutes
यूजीसी - फोटो : demo

अधिसूचना में मंत्रालय ने संस्थान, छात्र-छात्रा, उत्पीड़न आदि बिंदुओं को परिभाषित किया है। किस तरह की हरकत उत्पीड़न की श्रेणी में आएगी इसे भी बताया गया है। इसके अंतर्गत भय का माहौल बनाना भी उत्पीड़न माना जाएगा।

विश्वविद्यालय या कालेज परिसर ही नहीं, कैंटीन, वाहन में उत्पीड़न भी इसी के श्रेणी में आएगा। यदि विद्यार्थियों का कहीं टूर जाता है और वहां उनके साथ किसी तरह का भेदभाव या छेड़खानी की जाती है तो उस स्थल को भी संस्थान परिसर में शामिल मानते हुए आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

यूजीसी ने कुलपतियों को पत्र लिखकर विश्वविद्यालय और कालेजों में प्रावधानों को लागू करने तथा फैकेल्टी, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को हैंडबुक उपलब्ध कराने के लिए कहा कहा है।

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