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2019 के लोकसभा चुनावों पर उपचुनाव के नतीजों असर, हो सकती है भाजपा की मुश्किलों भरी डगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कर्नाटक
Updated Mon, 12 Nov 2018 05:35 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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हालही में कर्नाटक में हुए उपचुनाव में कांग्रेस और जनता दल (एस) गठबंधन की जीत हुई है। अब इस जीत को आगामी 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या वाकई लोकसभा चुनाव में गठबंधन भाजपा को बड़ा झटका दे सकता है।
हालांकि उपचुनावों में ऐसे नतीजे भाजपा के लिए कोई आश्चर्य की बात नहीं है। इससे पहले भी भाजपा को ज्यादातर उपचुनावों में हार का सामना करना पड़ा है। वहीं मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों के नतीजों को लेकर भी ऐसे ही अनुमान लगाए जा रहे हैं। ये राज्य में 2019 की रणनीति तय करेंगे।
भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि यह कहना बिलकुल गलत होगा कि कर्नाटक में आए उपचुनाव के नतीजों का 2019 लोकसभा के चुनावों पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह नतीजे विधानसभा चुनाव के नतीजों की निरंतरता है। उन्होंने कहा कि जहां हम बेल्लारी की आठ विधानसभा सीटों में से छह में हार गए थे। वहीं मंड्या और जमखंडी में भी हम बड़ी ताकत बनकर नहीं उभरे, जबकि हमें उम्मीद थी शिवमोग्गा सीट को हमने जीता है।
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हालांकि उपचुनावों में ऐसे नतीजे भाजपा के लिए कोई आश्चर्य की बात नहीं है। इससे पहले भी भाजपा को ज्यादातर उपचुनावों में हार का सामना करना पड़ा है। वहीं मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों के नतीजों को लेकर भी ऐसे ही अनुमान लगाए जा रहे हैं। ये राज्य में 2019 की रणनीति तय करेंगे।
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भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि यह कहना बिलकुल गलत होगा कि कर्नाटक में आए उपचुनाव के नतीजों का 2019 लोकसभा के चुनावों पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह नतीजे विधानसभा चुनाव के नतीजों की निरंतरता है। उन्होंने कहा कि जहां हम बेल्लारी की आठ विधानसभा सीटों में से छह में हार गए थे। वहीं मंड्या और जमखंडी में भी हम बड़ी ताकत बनकर नहीं उभरे, जबकि हमें उम्मीद थी शिवमोग्गा सीट को हमने जीता है।
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महत्वपूर्ण प्रतियोगिता
मध्य प्रदेश के दो अन्य पदाधिकारियों के मद्देनजर, 2019 के लोकसभा चुनाव के संबंध में अधिक महत्वपूर्ण है। "यह बीजेपी और कांग्रेस के बीच द्विपक्षीय लड़ाई है। मध्यप्रदेश में कांग्रेस का प्रदर्शन राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा विरोधी गठबंधन के आकार का निर्धारण करेगा। अगर यहां कांग्रेस अच्छा करती है, तो नेतृत्व की अधिक मांग करेगी, और अगर ऐसा नहीं होता तो, महाराष्ट्र में कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) गठबंधन को शरद पवार के साथ बड़ी हिस्सेदारी की मांग जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।"
उधर "उत्तर प्रदेश में, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के महागथबंधन के लिए, मध्यप्रदेश में कांग्रेस के प्रदर्शन पर निर्भर करता है। वैसे अभी तक तो स्पष्ट है कि बसपा सुप्रीमो मायावती ने कांग्रेस के साथ गठबंधन को अस्वीकार किया है। पहले मध्य प्रदेश में और बाद में छत्तीसगढ़ और राजस्थान में...
उधर "उत्तर प्रदेश में, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के महागथबंधन के लिए, मध्यप्रदेश में कांग्रेस के प्रदर्शन पर निर्भर करता है। वैसे अभी तक तो स्पष्ट है कि बसपा सुप्रीमो मायावती ने कांग्रेस के साथ गठबंधन को अस्वीकार किया है। पहले मध्य प्रदेश में और बाद में छत्तीसगढ़ और राजस्थान में...