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पाक की नई नापाक चाल को नाकाम करने में जुटे मुसलिम संगठन
गुंजन कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 05 Oct 2016 11:50 PM IST
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भारतीय मुस्लिम (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : getty
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देश के100 से भी अधिक मुसलिम संगठन पाकिस्तान की एक नापाक चाल को बिना शोर गुल के नाकाम करने में जुटे हैं। भारत के कड़े रुख से हताश पाकिस्तान भारतीय उपमहाद्वीप के मुसलमानों को कश्मीर के कथित जेहाद में शामिल करने की अंदरखाने पूरजोर कोशिश में लगा है। लेकिन जमीयत उलेमा-ए-हिंद (जेयूआईएम), ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल, जमात अहल-ए-हदीश और अपने रुख में अति कट्टर माने जाने वाले मुंबई के रजा एकेडमी जैसे संगठनों ने अपने तकरीर में पाकिस्तान के इस इरादे को गहरा आघात पहुंचाया है।
जेयूआईएम के अध्यक्ष सैयद अरशद मदनी ने अपने अनुयायियों से कहा है कि पाकिस्तान की इस चाल में फंसना नहीं है। जेयूआईएम के प्रवक्ता हामिद नोमानी के अमर उजाला से कहा कि पाकिस्तान की नापाक चालों पर उनके संगठन का इरादा साफ है। कश्मीर हमेशा से भारत का रहा है और रहेगा। खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां मुसलिम संगठनों की इस प्रतिक्रिया से गदगद हैं।
पाकिस्तान की यह चाल 22 सितंबर को पूरी तरह उजागर हुई जब उसके समर्थन से चलने वाले अल कायदा केभारतीय उपमहाद्वीप चैप्टर की साईट पर मुसलमानों से कश्मीर की आजादी के जेहाद में जुडने का अह्वान किया गया। 10 पेज के इस संदेश में खासतौर पर मुसलिम युवाओं को बरगलाने संबंधी बातें लिखी गई हैं। कहा गया है कि वह कश्मीर के मुसलमानों को जेहाद में अकेला नहीं छोड़े।
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जेयूआईएम के अध्यक्ष सैयद अरशद मदनी ने अपने अनुयायियों से कहा है कि पाकिस्तान की इस चाल में फंसना नहीं है। जेयूआईएम के प्रवक्ता हामिद नोमानी के अमर उजाला से कहा कि पाकिस्तान की नापाक चालों पर उनके संगठन का इरादा साफ है। कश्मीर हमेशा से भारत का रहा है और रहेगा। खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां मुसलिम संगठनों की इस प्रतिक्रिया से गदगद हैं।
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पाकिस्तान की यह चाल 22 सितंबर को पूरी तरह उजागर हुई जब उसके समर्थन से चलने वाले अल कायदा केभारतीय उपमहाद्वीप चैप्टर की साईट पर मुसलमानों से कश्मीर की आजादी के जेहाद में जुडने का अह्वान किया गया। 10 पेज के इस संदेश में खासतौर पर मुसलिम युवाओं को बरगलाने संबंधी बातें लिखी गई हैं। कहा गया है कि वह कश्मीर के मुसलमानों को जेहाद में अकेला नहीं छोड़े।
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पाकिस्तान की चाल में नहीं फंसने की हिदायत
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
खुफिया एजेंसी के उच्चपदस्थ सूत्रों ने बताया कि देश में सक्रिय पाक एजेंट मुसलिम समाज में कश्मीर केकथित जेहाद से जुडने का जहर खासे समय से फैला रहे हैं। अब वह आईएस की तर्ज पर सोशल मीडिया के जरिए संदेश देने का तंत्र तैयार कर रहा है। इसकेलिए पाकिस्तान ने अल कायदा के भारतीय उपमहाद्वीप चैप्टर का इस्तेमाल किया है। सूत्रों के मुताबिक यह चैप्टर आईएसआई की उपज है।
इस संदेश के एक दिन बाद यानि 23 सितंबर को सदा अल हिंद मुसलिम संगठन ने बंगलुरू के इदगाह मसजिद में 6000 की भीड़ में पाकिस्तान को अपने नापाक इरादे के लिए चेताया। इसी दिन उज्जैन में मुसलिम युवा मंच ने ने अपने सम्मेलन में कहा कि देशभक्ति इसलाम के मूल में है। भारत के एकता और अखंडता को लेकर मुसलिम समाज की नीयत में सवाल खड़ा नहीं किया जा सकता।
इस तरह की तकरीर करने वाले संगठनों में मालेगांव का कुल जमात तंजीम, मिल्ली काउंसिल का गुजरात चैप्टर, बिहार का ऑल इंडिया मुसलिम मजलिस-ए-मुसा, क्षत्रपति शिवाजी मुसलिम ब्रिगेड और ऑल इंडिया मुसलिम एसोसिएशन शामिल हैं। खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक ऐसे करीब 100 संगठन हैं जिन्होंने पाकिस्तान की चाल में नहीं फंसने की हिदायत दी है।
इस संदेश के एक दिन बाद यानि 23 सितंबर को सदा अल हिंद मुसलिम संगठन ने बंगलुरू के इदगाह मसजिद में 6000 की भीड़ में पाकिस्तान को अपने नापाक इरादे के लिए चेताया। इसी दिन उज्जैन में मुसलिम युवा मंच ने ने अपने सम्मेलन में कहा कि देशभक्ति इसलाम के मूल में है। भारत के एकता और अखंडता को लेकर मुसलिम समाज की नीयत में सवाल खड़ा नहीं किया जा सकता।
इस तरह की तकरीर करने वाले संगठनों में मालेगांव का कुल जमात तंजीम, मिल्ली काउंसिल का गुजरात चैप्टर, बिहार का ऑल इंडिया मुसलिम मजलिस-ए-मुसा, क्षत्रपति शिवाजी मुसलिम ब्रिगेड और ऑल इंडिया मुसलिम एसोसिएशन शामिल हैं। खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक ऐसे करीब 100 संगठन हैं जिन्होंने पाकिस्तान की चाल में नहीं फंसने की हिदायत दी है।