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जानिए कैसे मोदी-शाह के दुलारे बने बिप्लब देब, पूरा परिवार जुड़ा है संघ से

Fri, 09 Mar 2018 01:24 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अगरतला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अगरतला Updated Fri, 09 Mar 2018 01:24 PM IST
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how biplab kumar deb tripura cm became a favourite of amit shah and modi
बिप्लब देब आज से त्रिपुरा के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं। वह भाजपा के वर्तमान में त्रिपुरा के अध्यक्ष भी हैं। 
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बिप्लब की मुख्यमंत्री बनने की कहानी तो 2015 में तब ही लिख दी गई थी जब उनकी क्षमता में विश्वास जताते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने उन्हें त्रिपुरा के लिए जन संपर्क अभियान का प्रमुख बनाया था। उनकी कार्यकुशलता को देख शाह ने उन्हें 6 जनवरी 2016 को त्रिपुरा भाजपा का अध्यक्ष बनाया।

 बिप्लब का जन्म 29 नवंबर 1971 को गोमती त्रिपुरा के राजधर नगर में हुआ था। उनकी परिवारिक पृष्ठभूमि भी राजनीतिक रही है, इसलिए बचपन से ही बिपल्ब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गए थे।
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 संघ में विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वाह करते हुए बिप्लब ने संघ की प्रथम वर्ष शिक्षा भी ग्रहण की है। उनके पिता हीरूधन देब त्रिपुरा में जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में एक रहे।
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जनसंघ के टिकट पर हीरूधन ने तीन दफे चुनाव भी लड़ा था। दीन दयाल उपाध्याय और केशव राम बलिराम हेडगेवार को अपना आदर्श मानने वाले बिप्लब का संघ के प्रचारकों से बेहद लगाव रहा है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनका संपर्क उस वक्त हुआ था जब मोदी भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री थे, तब से ही मोदी उनके आदर्श बन गए। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की संगठन क्षमता के बिप्लब बेहद कायल हैं। शाह की संगठन क्षमता ने उन पर खासा प्रभाव छोड़ा है। संगठन में शाह को अपना रोल मॉडल मानते हुए ही बिप्लब ने त्रिपुरा में जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत बनाया और 42 हजार पन्ना प्रमुखों की फौज तैयार की।

कुशाभाऊ ठाकरे से लेकर वेंकैया नायडू तक का विशेष स्नेह है देब पर

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अगरतला से स्नातक की डिग्री के बाद वर्ष 1989 में वह दिल्ली आ गए थे। कुछ दिनों तक संघ कार्यालय में कार्य करने के बाद बिपल्ब ने संघ से जुड़ी सुरुची प्रकाशन में काम किया। वहां से वे तत्कालीन भाजपा महासचिव गोविंदाचार्य के संपर्क में आए और वे उनके साथ कार्य करने लगे।

राजग एक की सरकार बनने के बाद बिप्लब ने केंद्रीय मंत्री रीता वर्मा के साथ सहयोगी के रूप में कार्य किया। उसके बाद वे मध्य प्रदेश के सतना से सांसद गणेश सिंह के साथ बतौर सहयोगी के रूप में जुड़े। इस बीच उनकी सक्रियता संघ और भाजपा में विभिन्न रूप से बनी रही। बाल आप्टे और प्यारे लाल खंडेलवाल सरीखे तत्कालीन भाजपा नेताओं संग बिप्लब का लगातार संपर्क रहा है।

कुशाभाऊ ठाकरे से लेकर वेंकैया नायडू तक का विशेष स्नेह रहा है। दिल्ली में रहते हुए भी त्रिपुरा के विकास की चिंता करते रहे। संघ की संस्थाओं के जरिए पूर्वोत्तर में चलने वाले प्रकल्पों को यहां से मदद भी करते थे।

संघ-भाजपा के अलावा बिप्लब देब कई सामाजिक संगठनों से भी जुड़े रहे। बिप्लब की शादी दिल्ली की नीति देब से हुई। वर्तमान में नीति स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में कार्यरत हैं। उनकी एक पुत्री और एक पुत्र हैं। भारतीय गृहणी की तरह नीति का सहयोग बिप्लब को हमेशा मिलता रहा है। 
 
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