{"_id":"604c88e58ebc3ec39e72a643","slug":"home-ministry-has-asked-the-ssb-bsf-and-assam-rifle-to-increase-their-vigil-on-the-nepal-bangladesh-and-myanmar-border-after-urea-smuggling-incidents","type":"story","status":"publish","title_hn":"तस्करी: हवाई जहाज से आने वाला यूरिया साइकिल पर जा रहा सीमा पार, तीन देशों की सीमाओं पर बढ़ाई चौकसी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
तस्करी: हवाई जहाज से आने वाला यूरिया साइकिल पर जा रहा सीमा पार, तीन देशों की सीमाओं पर बढ़ाई चौकसी
Sat, 13 Mar 2021 03:11 PM IST
Harendra Chaudhary
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Sat, 13 Mar 2021 03:11 PM IST
सार
रसायन और उर्वरक मंत्रालय के अनुसार, बिहार सरकार से एक ऐसी रिपोर्ट मिली है, जिसमें स्थानीय लोगों द्वारा साइकिल और सिर पर उठाकर यूरिया ले जाया जा रहा है..
विज्ञापन
यूरिया
- फोटो : Amar Ujala (File)
विस्तार
देश में विभिन्न राष्ट्रों से यूरिया का आयात किया जा रहा है। किसी देश से हवाई मार्ग के जरिए तो कहीं पर समुद्री रास्ते से यूरिया की खेप भारत में पहुंचती है। खास बात ये है कि इसके बाद साइकिल पर इसी यूरिया की तस्करी हो रही है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एसएसबी, बीएसएफ और असम राइफल को नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार बॉर्डर पर चौकसी बढ़ाने के लिए कहा है। यह कदम रसायन और उर्वरक मंत्रालय के उर्वरक विभाग द्वारा किए गए अनुरोध के बाद उठाया गया है।
विज्ञापन
रसायन और उर्वरक मंत्रालय के अनुसार, बिहार सरकार से एक ऐसी रिपोर्ट मिली है, जिसमें स्थानीय लोगों द्वारा साइकिल और सिर पर उठाकर यूरिया ले जाया जा रहा है। बाद में इसी विभाग ने तीन देशों की सीमा पर यूरिया की तस्करी रोकने के मकसद से चौकसी बढ़ाने का आग्रह किया था। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने विभाग के अनुरोध पर बीएसएफ, एसएसबी और असम राइफल को यह आदेश दिया है कि वे अपने अपने कार्यक्षेत्र में यूरिया की तस्करी पर पैनी निगाह रखें।
विज्ञापन
हालांकि इससे पहले रसायन मंत्रालय ने यूरिया की तस्करी होने की बात से इनकार कर दिया था। साथ ही मंत्रालय का कहना है कि राज्य सरकारों को आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 तथा उर्वरक नियंत्रण आदेश 1955 के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले किसी व्यक्ति के विरुद्ध तलाशी लेने, माल जब्त करने और दंडात्मक कार्रवाई करने की पर्याप्त शक्ति प्रदान की गई है।
विज्ञापन
बता दें कि 2017-18 से 2019-20 तक तीन वर्षों में 19 देशों से यूरिया का आयात किया गया था। साल 2017-18 में कुल 59.75 लाख मीट्रिक टन, 2018-19 में 74.81 लाख मीट्रिक टन और 2019-20 में 91.21 लाख मीट्रिक टन यूरिया का आयात हुआ है। जिन देशों से यूरिया आयात किया गया है, उनमें ओमान पहले नंबर पर और चीन दूसरे स्थान पर है। इसके बाद ईरान का नंबर आता है।
पाकिस्तान से 2017-18 में 0.96 लाख मीट्रिक टन यूरिया आयात किया गया था। मलेशिया से 2019-20 में 0.91 लाख मीट्रिक टन, वियतनाम से 0.43 लाख मीट्रिक टन, रूस से तीन वर्षों के दौरान 3.94 लाख मीट्रिक टन, ओमान से तीन वर्ष में 78.38 लाख मीट्रिक टन और चीन से इस अवधि में 46.01 लाख मीट्रिक टन यूरिया मंगाया गया। इनके अलावा कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन से भी तीन वर्षों में लगातार यूरिया की सप्लाई भारत पहुंची है।