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एनजीओ पर सरकार की सख्त घेराबंदी, बीस हजार संस्थाओं के लाईसेंस रद्द
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 28 Dec 2016 05:01 AM IST
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सरकार ने स्वयंसेवी संस्थाओं (एनजीओ) की सख्त घेराबंदी कर दी है। अब देश में सिर्फ 13000 स्वयंसेवी संस्थाएं बची हैं जो विदेशों से चंदा ले सकेंगी। गृहमंत्रालय ने देश में पंजीकृत 33000 एनजीओ में से 20000 का लाइसेंस रद्द कर दिया क्योंकि यह विदेशों से चंदा लेने वाला एफसीआरए का उल्लंघन कर रहे थे।
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गृहमंत्री राजनाथ सिंह की पहल पर मंत्रालय लंबे समय से उन एनजीओ की जांच कर रहा है जो कथित तौर पर विदशी चंदा लेकर भारत विरोधी गतिविधियों को हवा देते हैं। मंत्रालय ने उन एनजीओ को सख्त नोटिस देकर उनके खाते और कामकाज की ऑडिट शुरु की। गृहमंत्रालय सूत्रों के मुताबिक करीब 11000 एनजीओ ऐसे थे जो सरकार को सालाना ऑडिट रिपोर्ट सौंपने की जरुरी कानूनी जिम्मेदारी को लगातार नजरअंदाज कर रहे थे। इसकेअलावा विदशों के चंदा लेने संबंधी सरकारी शर्तों की भी अनदेशी की जा रही थी।
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मंत्रालय की सख्ती और लंबी जांच के बाद यह फैसला लिया गया है। गृहमंत्रालय केविदेश प्रभाग ने मंगलवार को इस बावत पूरी रिपोर्ट राजनाथ सिंह को दी है। रिपोर्ट केमुताबिक अब देश में सिर्फ 13000 ऐसे एनजीओ बच गए हैंजो कानूनी तौर पर विदेशों से चंदा लेकर अपने एजेंडे पर काम कर सकते हैं। मंत्रालय केमुताबिक भारत जैसे देश की तरक्की में एनजीओ का बड़ा रोल है। लेकिन उन एनजीओ को कानून केदायरे में ही काम करना होगा।
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गृहमंत्रालय में 2000 नए एनजीओ ने लाइसेंस के लिए आवेदन ले रखा है। जबकि 3000 को प्रियर परमीशन श्रेणी में रखा गया है। यानि यह 3000 एनजीओ बिना सरकार की अनुमति के विदेशी चंदा नहीं ले सकेंगे।