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टेलीमेडिसिन सुविधा: केंद्र का सभी राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश, सबको चिकित्सा उपलब्ध कराना जरूरी

Tue, 18 Nov 2025 06:58 PM IST
देवेश त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: देवेश त्रिपाठी Updated Tue, 18 Nov 2025 06:58 PM IST
सार

मंत्रालय ने कहा कि जेलों में ये सुविधाएं स्थापित करके और उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नजदीकी सरकारी अस्पतालों से जोड़कर कैदियों को समय पर चिकित्सा परामर्श और उपचार मिल सकता है।

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Home ministry asks all states UTs to make telemedicine facilities available to prisoners
केंद्रीय गृह मंत्रालय - फोटो : ANI

विस्तार

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कैदियों को समय पर चिकित्सा देखभाल उपलब्ध कराने के लिए टेलीमेडिसिन सुविधाएं दिए जाने को कहा। गृह मंत्रालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों, डीजी और जेलों के आईडी को निर्देश जारी किए गए हैं।

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इसके मुताबिक देश के हर नागरिक को समय से चिकित्सा देखभाल उपलब्ध कराना जरूरी है. इनमें वो भी शामिल हैं, जो जेलों और सुधार संस्थानों में बंद हैं। स्वास्थ्य सेवा में टेलीमेडिसिन के एक व्यवहारिक, कुशल और किफायती समाधान के तौर पर उभरने पर जोर दिया।
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मंत्रालय ने कहा कि जेलों में ये सुविधाएं स्थापित करके और उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नजदीकी सरकारी अस्पतालों से जोड़कर कैदियों को समय पर चिकित्सा परामर्श और उपचार मिल सकता है। ऐसा होने पर कैंदियों को चिकित्सा संस्थानों में ले जाने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी और इसमें ज्यादा समय भी नहीं लगेगा।
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विज्ञप्ति के अनुसार इस नजरिये से सुरक्षा और रसद से जुड़ी चुनौतियां कम होंगी. इसके चलते प्रशासनिक और वित्तीय बोझ कम होता है. साथ ही कैदियों की देखभाल की निरंतरता और चिकित्सा तक पहुंच सुनिश्चित होती है। मंत्रालय की ओर से कहा गया है, ''जल्दी निदान और त्वरित चिकित्सा रोग के बढ़ने को रोकती हैं। पेचीदा होने के जोखिम को कम करती हैं। कैदियों के लिए व्यापक स्वास्थ्य सेवा कैदियों के मानवाधिकारों को बनाए रखने और उनके पुनर्वास और समाज में पुनः एकीकरण को बढ़ावा देने का एक जरूरी घटक है।''


मंत्रालय की ओर से कहा गया है, ''राज्यों को टेली-परामर्श सेवाएं देने के लिए उपयुक्त सरकारी अस्पतालों या मेडिकल कॉलेजों की पहचान करनी चाहिए. जेल के अस्पतालों या औषधालयों में वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग का बुनियादी ढांचा स्थापित करना चाहिए. टेली-परामर्श के समन्वय और व्यापक चिकित्सा रिकॉर्ड बनाए रखने के लिए नोडल चिकित्सा अधिकारियों को नामित करना चाहिए।''

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