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Hindi News ›   India News ›   Home Minister Rajnath Singh's SAARC speech

राजनाथ ने पाकिस्तान को उसी के घर में लगाई फटकार, पढ़ें भाषण की अहम बातें

Fri, 05 Aug 2016 08:46 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Fri, 05 Aug 2016 08:46 AM IST
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Home Minister Rajnath Singh's SAARC speech
- फोटो : file photo

पाकिस्तान में सार्क सम्मेलन में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के मुद्दे मेजबान देश पर करार प्रहार किया। राजनाथ ने दो टूक कहा कि आतंकवाद अच्छा या बुरा नहीं होता है, उसे जड़ से खत्म करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सार्क देशों को आतंकवाद की घटनाओं की निंदा करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी धरती से आतंकवाद का खूनी खेल नहीं खेला जाएगा।

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राजनाथ ने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि आतंकवाद का महिमामंडन कोई देश न करे, और न ही उसे कोई संरक्षण दे। एक देश का आतंकवादी शहीद या स्वतंत्रता सेनानी नहीं हो सकता है।
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पहले यह कहा गया था कि राजनाथ सिंह के भाषण का प्रसारण रोक दिया गया था। भारत सरकार के सूत्रों ने साफ किया कि सार्क सम्मेलन के दौरान मेजबान देश के भाषण का प्रसारण किया जाता है, ऐसा प्रावधान है। सार्क के दौरान यह नियम है कि मेजबानी करने वाला देश का पहला भाषण सार्वजनिक होता है और मीडिया में भी देखा जा सकता है।

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राजनाथ सिंह ने अपने पूरे भाषण में क्या कहा, यहां देखें

Home Minister Rajnath Singh's SAARC speech
राजनाथ स‌िंह - फोटो : file photo

सर्वप्रथम, मैं एचीई चौधरी निसार अली खान को उनके इस मीटिंग के लिए बतौर अध्यक्ष चुने जाने पर बधाई देता हूं। मैं पाकिस्तान की सरकार के द्वारा इस मीटिंग के लिए किए गए बढ़िया इंतजाम के लिए उन्हें गंभीरता से धन्यवाद देने का अवसर भी भुनाना चाहता हूं, कि मेरा और शिष्ठ मंडल की जबरदस्त खिदमत और स्वागत किया गया।

ठीक दो साल पहले हमारी सरकार बनने के बाद हमने यह साफ किया था कि भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध रखे, यह हमारी प्राथमिकता में होगा। पड़ोसी देशों के साथ चैन-अमन कायम करने की नीति पर अमल नहीं हो सका। मैं इस मीटिंग में उसी उद्देश्य के साथ आया हूं।

मुझे याद है कि नवंबर 2014 में काठमांडू में पिछला सार्क सम्मेलन हुआ था। उस दौरान नेताओं ने दक्षिण एशिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि स्थापित करने के लिए वादा किया था। 30 वर्षों से सार्क के वजूद के समय से आज पहले के मुकाबसे सबसे ज्यादा इस बात की जरूरत है कि हम हमारे लोगों के लिए क्षेत्रीय सहयोग पर उस स्तर तक काम करें जहां उनकी उम्मीदें और आकांक्षाएं मेल खाती हों।

'जो अातंकवाद का समर्थन करते हैं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो'

Home Minister Rajnath Singh's SAARC speech
राजनाथ सिंह - फोटो : file photo

इस क्षेत्र के लिए हमारी दृष्टी है, जैसा कि 18वें सार्क सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि बिना किन्हीं अड़चनों के व्यापार, निवेश, व्यापक विकास सहयोग, हमारे लोगों के बीच संपर्क जारी रखने पर काम होना चाहिए। हमने प्रधानमंत्री के कहे अनुसार काम भी किया। मैं इस बात को लेकर खुश हूं कि भारत ने बिजनेस कार्ड योजना लागू की, जो सुयोग्य कारोबारियों के भारत भ्रमण के लिए काम आएगा।

दक्षिण एशिया का माहौल, क्षेत्रीय समृद्धि, संपर्क और सहयोग के लिए तय किए हमारे मानदंडों पर हम खरे उतरे हैं। हालांकि इस दौरान क्षेत्र में हमें शांति भंग करने की धमकियां भी मिलती रही हैं। आतंकवाद हमारे सामने सबसे बड़ी समस्या है। दक्षिण एशिया में आतंकवाद सबसे बड़ी बीमारी है। हाल ही में पठानकोट, ढाका, काबुल और अन्य स्थानों पर हुए आतंकी हमले इस बात की बानगी हैं। इन आतंकी हमलों की केवल निंदा कर देना ही उपाय नहीं है, हमें इसके खिलाफ सख्त कदम उठाना होगा।

जो लोग आतंकवाद का समर्थन करते हैं, प्रोत्साहन देते हैं, जमीन मुहैया कराते हैं, सुरक्षित ठिकाना मुहैया कराने या किसी भी तरह की मदद करते हैं, उन्हें अलग कर देना चाहिए। कार्रवाई केवल आतंकवाद ही नहीं, बल्कि उन देशों और संस्थानों और संगठनों के खिलाफ भी होनी चाहिए जो उसे संरक्षण देते हैं।

'आतंकवाद के खिलाफ हमे जीरो टोलेरेंस'

Home Minister Rajnath Singh's SAARC speech
rajnath singh - फोटो : file photo

अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को भी आतंकवाद के खिलाफ एक समुचित और समग्र कदम उठाना चाहिए। किसी भी तरह के आतंकवाद के खिलाफ हमे 'जीरो टोलेरेंस' अपनाना चाहिए।

आतंकवाद का सबसे ज्यादा खतरा यह है कि उसके जरिए डिजिटल तकनीकी का गलत इस्तेमाल हो सकता है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हमे उसके हर पहलू को ध्यान में रखना होगा, हमें ध्यान देना होगा कि वह साइबर क्राइम के साथ किस प्रकार जुड़ा है। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए के युवा सोशल मीडिया के माध्यम से आतंकियों के जरिए न बहकाए जा सकें। 

हमें इस बात की खुशी है कि 22-23 सितंबर को दिल्ली में सार्क की दूसरी होने वाली मीटिंग में सभी सार्क देशों ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की बात कही है। इस बात के लिए मैं सभी को धन्यवाद करता हूं और हम अपने उद्देश्य में जरूर सफल होंगे।

'नशे का कारोबार भी हमारे लिए बड़ी समस्या'

Home Minister Rajnath Singh's SAARC speech

नशे का कारोबार भी हमारे लिए बड़ी समस्या है। यह ऐसा कारोबार है जो सभी प्रकार के ऑर्गनाइज्ड अपराधों से जुड़ा है। ड्रग कारोबारे के लिए भारी अवैध संपत्ति का जमा की जा रही है। ड्रग के अवैध धंधे के कारण नकली नोटों की समस्या भी खड़ी हुई है, जो आतंकवाद के समर्थन में काम कर सकती है और जिससे आर्थिक संकट पैदा होंगे।

इसके अलावा दक्षिण एशिया में महिला और बाल विकास के कार्यों, भ्रष्टाचार और सूचना प्रद्योगिकी जैसे मुद्दों पर भी राजनाथ का भाषण केंद्रित रहा, लेकिन सबसे ज्यादा फोकस आतंकवाद पर रहा।

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