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Bombay HC: घाटकोपर हादसे को लेकर भावेश भिंडे की याचिका पर सुनवाई, अदालत ने पुलिस से हलफनामा दाखिल करने को कहा

Fri, 19 Jul 2024 10:06 PM IST
मिथिलेश नौटियाल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: मिथिलेश नौटियाल Updated Fri, 19 Jul 2024 10:06 PM IST
सार

बॉम्बे हाईकोर्ट में घाटकोपर होर्डिंग हादसे को लेकर सुनवाई हुई। अदालत ने मुंबई पुलिस को विज्ञापन कंपनी के मालिक भावेश भिंडे की याचिका पर हलफनामा दायर करने के निर्देश दिए हैं। होर्डिंग हादसे के बाद भावेश भिंडे को गिरफ्तार किया गया था।

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Hoarding crash HC asks cops to respond to ad firm director's plea seeking quashing of FIR
मुंबई हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शुक्रवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में घाटकोपर होर्डिंग हादसे को लेकर सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत ने मुंबई पुलिस को विज्ञापन कंपनी के मालिक भावेश भिंडे की याचिका पर हलफनामा दायर करने के निर्देश दिए। आपको बता दें कि घाटकोपर होर्डिंग हादसे के बाद भावेश भिंडे को गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि उन्होंने रेलवे की जमीन पर अवैध रूप से होर्डिंग लगाने के लिए नियमों का उल्लंघन किया था। 

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अदालत में भावेश भिंडे की याचिका पर सुनवाई
भावेश भिंडे ने अदालत से अपील की है कि इस मामले में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द किया जाए। उन्होंने अदालत में दावा किया होर्डिंग के गिरने की घटना एक ‘दैवीय घटना’ थी। उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि याचिका पर सुनवाई होने तक उन्हें रिहा किया जाए। आपको बता दें कि भिंडे पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। 
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याचिका में क्या बताया गया?
भावेश भिंडे द्वारा अदालत में दाखिल की गई याचिका में बताया गया है कि होर्डिंग के निर्माण के लिए सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) द्वारा अनुमति दी गई थी। इसके अलावा इसके लिए  अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) भी जारी किया गया था। याचिका में आगे कहा गया है कि होर्डिंग रेलवे की जमीन पर था इसलिए यह माना गया कि बृह्नमुंबई नगर निगम (बीएमसी) से अनुमति की आवश्यकता नहीं थी। याचिका में आगे बताया गया है कि जिस दिन तेज हवाओं और बारिश की वजह से हादसा हुआ, उस दिन के लिए मौसम विभाग द्वारा पहले से कोई चेतावनी जारी नहीं की गई। आगे बताया गया है कि होर्डिग गलत निर्माण की वजह से नहीं बल्कि अप्रत्याशित तूफान के कारण गिरी। इसलिए, इस हादसे के लिए न तो भावेश भिंडे और न ही एगो मीडिया प्राइवेट लिमिटेड को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।
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पुलिस को अपना पक्ष रखने की आवश्यकता- अदालत
अदालत में न्यायमूर्ति भारती डांगरे और न्यायमूर्ति मंजूषा देशपांडे की पीठ ने कहा कि याचिका में अवैध और गैरकानूनी गिरफ्तारी का दावा किया गया है। याचिका में भावेश भिंडे ने कहा कि उन्हें गिरफ्तारी के कारणों की भी जानकारी नहीं दी गई। उच्च न्यायालय की पीठ ने इस बात पर जोर दिया है कि पुलिस को अपना पक्ष रखने की आवश्यता है। अदालत ने कहा कि पूर्व में कई अदालतों के फैसले में अवैध तरीके से गिरफ्तारी पर अनिवार्य और तत्काल रिहाई की बात कही गई है।

13 मई को हुआ था हादसा
आपको बता दें कि 13 मई को घाटकोपर पूर्व में तूफान की वजह से एक विज्ञापन होर्डिंग गिर गई थी। इस हादसे में 17 लोगों की मौत हो गई और 84 घायल हो गए थे। इस होर्डिंग को राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) की जमीन पर अवैध रूप से लगाया गया था।
 
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