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पोलियो के बाद HIV होगा भारत मुक्त, अगले महीने से मरीजों को मिलेगी यह सुविधा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Tue, 27 Feb 2018 09:27 PM IST
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लोग एड्स को लेकर नहीं हैं जागरूक
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देश के 12 लाख एचआईवी पीड़ित मरीजों को अब नि:शुल्क जांच सुविधा उपलब्ध होगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को वायरल लोड मशीन का उद्घाटन करते हुए कहा कि इस मशीन की मदद से मरीजों में दवाओं का असर, उनमें वायरस की स्थिति और बीमारी की समय पर पुष्टि हो सकेगी। एक निजी क्षेत्र की कंपनी के साथ एमओयू हस्ताक्षर करने के बाद उन्होंने हर राज्य में यह मशीन उपलब्ध कराने की घोषणा की है।
देश में एचआईवी और एड्स के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। टीबी की भांति इस बीमारी से ग्रस्त मरीजों में भी दवाओं का असर देखने को मिलता है। कई मरीज बीच में ही उपचार छोड़ देते हैं तो कई को पहले चरण में ही बीमारी की पुष्टि नहीं हो पाती। इन्हीं परेशानियों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने पूरे देश में एक साथ एचआईवी के खिलाफ अभियान की शुरुआत की है।
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देश में एचआईवी और एड्स के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। टीबी की भांति इस बीमारी से ग्रस्त मरीजों में भी दवाओं का असर देखने को मिलता है। कई मरीज बीच में ही उपचार छोड़ देते हैं तो कई को पहले चरण में ही बीमारी की पुष्टि नहीं हो पाती। इन्हीं परेशानियों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने पूरे देश में एक साथ एचआईवी के खिलाफ अभियान की शुरुआत की है।
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एचआईवी एड्स
इसके लिए निजी जांच प्रयोगशालाओं की भी मदद ली गई है। इसके अलावा बताया गया कि इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए साल 2020 तक एड्स के 90 फीसदी मरीजों की पहचान, जांच और इलाज की कोशिश की जा रही है। देश के 525 केंद्रों पर एड्स के मरीजों के वायरल लोड टेस्ट कराए जा सकेंगे। इसके अलावा एड्स के मरीजों की जल्द पहचान और उनके इलाज के लिए भी सरकार प्रयासरत है।
नड्डा ने बताया कि कई बार एआरटी केंद्र पर मौजूद चिकित्सीय अधिकारी के लिए एचआईवी मरीजों की पहले चरण में जांच कर पाना मुश्किल होता है। लेकिन इस मशीन के आने के बाद यह आसान हो जाएगा। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने एचआईवी-1 वायरल लोड टेस्टिंग पर दो दिशा-निर्देश भी जारी किए।
नड्डा ने बताया कि कई बार एआरटी केंद्र पर मौजूद चिकित्सीय अधिकारी के लिए एचआईवी मरीजों की पहले चरण में जांच कर पाना मुश्किल होता है। लेकिन इस मशीन के आने के बाद यह आसान हो जाएगा। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने एचआईवी-1 वायरल लोड टेस्टिंग पर दो दिशा-निर्देश भी जारी किए।