पूजा पंडाल के बाहर हिस्ट्रीशीटर को गोलियों से भूना, पहले बम से किया था हमला
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कैंट क्षेत्र में मंगलवार रात सनसनीखेज वारदात हुई। रेडियो स्टेशन चौराहे पर स्थित दुर्गा पूजा पंडाल के बाहर हिस्ट्रीशीटर नीरज वाल्मीकि को गोलियों से भून दिया गया। बाइक से पहुंचे तीन बदमाश वारदात को अंजाम देकर मिलिट्री एरिया की ओर भाग निकले। परिजन जख्मी हालत में उसे अस्पताल ले गए लेकिन, तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
नीरज कैंट थाने का हिस्ट्रीशीटर था। शहर में हुई कई सनसनीखेज वारदातों में इसका नाम सामने आ चुका था। वह कैंट क्षेत्र स्थित अपने ससुराल में परिवार संग रहता था। साले विशाल ने बताया कि हर साल की तरह इस साल भी रेडियो स्टेशन चौराहे के पास दुर्गा पूजा का आयोजन किया गया था।
रात आठ बजे के करीब नीरज पंडाल के बाहर बने फूड स्टॉल के पास कुर्सी पर बैठा था। इसी दौरान यहां बाइक से तीन युवक पहुंचे। बाहर बाइक खड़ी कर वे पैदल ही पंडाल परिसर में घुसे और बम चलाना शुरू कर दिया। धमाके हुए तो पंडाल में मौजूद श्रद्धालुओं में भगदड़ मच गई। उधर, बदमाश बम चलाते हुए नीरज के पास पहुंच गए और फिर असलहा निकालकर उसे गोलियों से भून दिया।
नीरज लहूलुहान होकर जमीन पर गिरा तो बदमाश गोलियां चलाते हुए ही बाइक तक पहुंचे और फिर मिलिट्री एरिया की ओर भाग निकले। घटना की जानकारी पर घरवाले व आसपास रहने वाले लोग बड़ी संख्या में पंडाल के बाहर जुट गए। जबकि दहशत के चलते श्रद्धालु वहां से भाग निकले।
पंडाल के बाहर हुई इस सनसनीखेज वारदात की जानकारी मिली तो पुलिस मौके पर पहुंची। नीरज को पहले निजी अस्पताल ले जाया गया जहां से उसे एसआरएन रेफर कर दिया गया। हालांकि एसआरएन पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस पर परिजन फूट-फूटकर रोने लगे। जानकारी पर एसएसपी, एसपी सिटी भी अस्पताल पहुंचे और परिजनों से पूछताछ की।
घटना को लेकर परिजन आक्रोशित भी थे, ऐसे में एहतियातन कई थानों की फोर्स एसआरएन बुला ली गई। साथ ही घटनास्थल पर भी कैंट समेत तीन थानों की फोर्स तैनात कर दी गई। किसी तरह समझाकर पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और फिर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
एक दर्जन से ज्यादा मुकदमे, छोटा राजन से भी जुड़ा था नाम
पुलिस का कहना है कि नीरज शातिर अपराधी था। उस पर एक दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज थे। हत्या के दो मुकदमों के साथ ही रंगदारी समेत कई अन्य मामलों में उसका नाम सामने आ चुका था। 2006 में कचहरी डाकघर लूटकांड में भी उसके शामिल होने की बात आई थी। पुलिस का कहना है कि उसकी कई लोगों से दुश्मनी की बात सामने आई थी। पंडाल के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
एसएसपी नितिन तिवारी के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज के जरिए हत्यारों को चिह्नित करने का प्रयास किया जा रहा है। परिजनों के साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की गई है। क्राइम ब्रांच समेत तीन टीमें मामले के खुलासे के लिए लगाई गई हैं।