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आज फिर खुलेंगे सबरीमाला मंदिर के कपाट, हिंदू संगठनों ने की महिला पत्रकारों को न भेजने की अपील

Mon, 05 Nov 2018 01:53 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम Updated Mon, 05 Nov 2018 01:53 AM IST
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Hindu outfits urged media houses dont depute young women journolists to sabarimala
Sabrimala Temple - फोटो : amar ujala

हिंदू संगठनों के विरोध के बीच सोमवार को सबरीमाला मंदिर के कपाट फिर खुलेंगे। राज्य सरकार ने सुरक्षा के भारी इंतजाम किए हैं। इस बीच, मंदिर में महिलाओं के प्रवेश का विरोध कर रहे हिंदू संगठनों ने मीडिया संस्थानों को पत्र लिखकर महिला पत्रकारों नहीं भेजने की अपील की है।

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सबरीमाला कर्म समिति ने रविवार को संपादकों को पत्र लिखकर कहा कि महिला पत्रकारों के अपने काम के सिलसिले में मंदिर में प्रवेश करने से स्थिति बिगड़ सकती है। हम उम्मीद करते हैं कि इस मुद्दे पर आप ऐसा कोई कदम नहीं उठाएंगे, जिससे हालात बिगड़ें। सबरीमाला कर्म समिति दक्षिणपंथी संगठनों का संयुक्त मंच है, जिसमें विश्व हिंदू परिषद और हिंदू एक्यावेदी भी शामिल हैं। 
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समिति मंदिर में 10 से 50 वर्ष की महिलाओं के प्रवेश का विरोध कर रही है। भगवान अय्यपा के मंदिर में 10 से 50 साल की बच्चियों और महिलाओं के प्रवेश पर रोक खत्म करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पिछले महीने 17 से 22 अक्तूबर तक मंदिर खुलने पर प्रदर्शन हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने एक भी महिला को मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया था। इस दौरान रिपोर्टिंग पर आईं महिला पत्रकारों को भी वापस लौटने पर मजबूर किया गया था। विरोध प्रदर्शन में महिलाएं भी शामिल थीं।

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राज्य सरकार नजरअंदाज कर रही आंदोलन 

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समिति ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट ने पुनर्विचार याचिकाओं पर 13 नवंबर को सुनवाई करने का फैसला किया। वहीं, राज्य सरकार फैसले के खिलाफ जन आंदोलन को जानबूझकर नजरअंदाज कर रही है। पुलिस बल का इस्तेमाल कर फैसले को लागू कराने पर आमादा है। समिति ने कहा कि ऐसी स्थिति में श्रद्धालुओं के पास शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रखने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।

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