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पाकिस्तान में हिंदू विवाह विधेयक बना कानून
amarujala.com- Presented by: संदीप भट्ट
Updated Mon, 20 Mar 2017 01:56 AM IST
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एजेंसी,इस्लामाबाद। पाकिस्तान में एक महत्वपूर्ण फैसले के तहत अल्पसंख्यक हिंदुओं के विवाह के नियमन के लिए लाया गया विधेयक कानून बन गया है। रविवार को पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने इस विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी।
इस तरह से राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद पाकिस्तान के हिंदुओं को विवाह को विनयमित करने के लिए एक विशेष कानून मिल गया। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की सलाह से इस्लामी गणतंत्र पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने ‘हिंदू विवाह अधिनियम 2017’ को मंजूरी प्रदान कर दी।
इस कानून का उद्देश्य हिंदू परिवारों के वैध अधिकारों और हितों की सुरक्षा करने के साथ उनके विवाह, परिवार, मां और बच्चों की भी सुरक्षा करना है। यह पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू परिवारों के विवाहों के विलय के लिए एक समेकित कानून है। प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा कि उनकी सरकार हमेशा से पाकिस्तान में रहने वाले अल्पसंख्यकों को समान प्रावधान देने पर ध्यान केंद्रित करती रही है।
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इस तरह से राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद पाकिस्तान के हिंदुओं को विवाह को विनयमित करने के लिए एक विशेष कानून मिल गया। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की सलाह से इस्लामी गणतंत्र पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने ‘हिंदू विवाह अधिनियम 2017’ को मंजूरी प्रदान कर दी।
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इस कानून का उद्देश्य हिंदू परिवारों के वैध अधिकारों और हितों की सुरक्षा करने के साथ उनके विवाह, परिवार, मां और बच्चों की भी सुरक्षा करना है। यह पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू परिवारों के विवाहों के विलय के लिए एक समेकित कानून है। प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा कि उनकी सरकार हमेशा से पाकिस्तान में रहने वाले अल्पसंख्यकों को समान प्रावधान देने पर ध्यान केंद्रित करती रही है।
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