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हिमाचल चुनाव: एक परिवार-एक टिकट पर भाजपा सख्त, धूमल का टिकट काट दूसरे दलों को परिवारवाद पर घेरने की तैयारी

Thu, 20 Oct 2022 05:25 AM IST
Jeet Kumar हिमांशु मिश्र, नई दिल्ली।
हिमांशु मिश्र, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Thu, 20 Oct 2022 05:25 AM IST
सार

परिवारवाद पर घर दुरुस्त करने का सिलसिला पार्टी ने बीते लोकसभा चुनाव के बाद से ही शुरू कर दिया था। इस क्रम में मोदी कैबिनेट में मेनका गांधी-वरुण गांधी में से किसी को जगह नहीं मिली।

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Himachal elections, BJP strictness on one family one ticket
भाजपा - फोटो : Twitter/@BJP4india

विस्तार

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में राज्य के दो बार मुख्यमंत्री रहे प्रेम कुमार धूमल का पत्ता साफ कर भाजपा ने पार्टी के अंदर परिवारवाद के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के पिता सुजानपुर और हमीरपुर सीट से दावेदार धूमल को टिकट न देने का फैसला प्रधानमंत्री के स्तर पर लिया गया। दरअसल, लोकसभा चुनाव में परिवारवाद को सबसे बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिशों में जुटी भाजपा इस मामले में अपना घर दुरुस्त करने में जुटी है।

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पार्टी की योजना लोकसभा चुनाव से पहले होने वाले विधानसभा चुनाव में परिवारवाद पर सख्त संदेश देने की है। इस क्रम में हिमाचल प्रदेश के बाद गुजरात, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान विधानसभा चुनाव में भी एक परिवार एक टिकट और चुनाव लड़ने के लिए 75 साल के उम्र के पैमाने का सख्ती से पालन किया जाएगा। इसके बाद लोकसभा चुनाव में भी इसी फार्मूले को अपना कर पार्टी राजनीति में परिवारवाद को सबसे बड़ा मुद्दा बनाएगी।
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लोकसभा चुनाव के बाद शुरू हुआ सिलसिला
परिवारवाद पर घर दुरुस्त करने का सिलसिला पार्टी ने बीते लोकसभा चुनाव के बाद से ही शुरू कर दिया था। इस क्रम में मोदी कैबिनेट में मेनका गांधी-वरुण गांधी में से किसी को जगह नहीं मिली। पार्टी ने मजबूरी में 75 वर्ष उम्र के पैमाने पर खरा न उतरने वाले बीएस येदियुरप्पा को कर्नाटक का सीएम बना तो दिया, मगर बाद में उनकी विदाई हो गई। 
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हालिया उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में रिकार्ड तोड़ जीत हासिल करने वाले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह को मंत्री नहीं बनाया गया। पार्टी राजस्थान में वसुंधरा राजे को मुख्यमंत्री पद का चेहरा नहीं बनाने जा रही है।

भाजपा को क्यों लगता है लाभ का मुद्दा?
वाम दलों, जदयू और बीजेडी को छोड़ दें तो कांग्रेस व सभी क्षेत्रीय दलों में वंशवाद और परिवारवाद चरम पर है। ज्यादातर क्षेत्रीय दल तो एक परिवार विशेष तक ही सीमित हैं। ऐसे में भाजपा को लगता है कि यह मुद्दा उसे सियासी लाभ दे सकता है। 

62 प्रत्याशी घोषित, एक मंत्री और 11 विधायकों के टिकट कटे
हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने बुधवार को 62 प्रत्याशियों के टिकट घोषित कर दिए। जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर समेत 11 विधायकों के टिकट कट गए हैं, जबकि दो मंत्रियों के हलके बदले गए हैं। भाजपा हाईकमान ने महेंद्र सिंह का टिकट काटकर उनके बेटे रजत ठाकुर को दिया है। 


शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज का हलका शिमला से बदलकर कसुम्पटी और राकेश पठानिया का नूरपुर से फतेहपुर किया है। घोषित प्रत्याशियों में पांच महिलाएं और 17 नए उम्मीदवार शामिल हैं। 

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