सुप्रीम कोर्ट ने कहा, हाईकोर्ट जजों को हवाई अड्डे पर तलाशी से छूट नहीं
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चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने 11 वर्ष पुराने राजस्थान हाईकोर्ट के उस आदेश को दरकिनार कर दिया है जिसमें केंद्र सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी को निर्देश दिया गया था कि हवाईअड्डे पर हाईकोर्ट जजों की तलाशी नहीं होनी चाहिए। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि सरकार हाईकोर्ट जजों के स्टेटस को बरकरार रखने में नाकाम रही है।
शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि सुरक्षा से जुड़े मसलों पर अच्छा-बुरा केंद्र सरकार बेहतर समझ सकती है। पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट को इस तरह के नीतिगत मसले में नहीं पड़ना चाहिए। जजों से उम्मीद की जाती है कि वे कानून के तहत तय किए गए मानकों का पालन करें।
जजों को संवैधानिक सिद्धांतों पर अमल करना चाहिए
शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में यह भी कहा कि हाईकोर्ट के पास हवाईअड्डे पर सुरक्षा में चूक की खबर से संबंधित मामला आया था। लेकिन इस मसले को दरकिनार करते हुए हाईकोर्ट ने चीफ जस्टिस सहित अन्य जजों की सुरक्षा जांच के मसले को शामिल कर लिया।
साथ ही शीर्ष अदालत ने राष्ट्रीय सुरक्षा नीति बनाने के लिए हाईकोर्ट द्वारा दी गई सलाह को भी गलत बताया है। गौरतलब है कि देश के 24 हाईकोर्ट के करीब एक हजार जज हैं। वर्ष 2005 के सर्कुलर के द्वारा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को सुरक्षा जांच से छूट मिली हुई है।
नोटबंदी के बाद हवाईअड्डों से 70 करोड़ नकदी, 170 किलो सोना जब्त
एजेंसी/मुंबई। नोटबंदी के बाद देश भर के हवाईअड्डों से केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) 70 करोड़ रुपये से अधिक नकदी और 170 किलों से अधिक सोना जब्त किया है। यह जानकारी सीआईएसएफ के महानिदेशक ओपी सिंह ने बुधवार को दी। सिंह ने कहा, ‘हमने 70 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद की है।
नोटबंदी के बाद से देश के विभिन्न हवाईअड्डों पर 170 किलोग्राम से ज्यादा सोना बरामद किया गया है।’ बरामद नकदी में नए नोटों के शामिल होने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘दोनों (नए और पुराने) तरह के नोट इसमें शामिल थे लेकिन अधिकतर नोट नए ही थे।’