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फिल्म 'संता-बंता' के प्रसारण पर रोक की मांग खारिज
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Thu, 28 Apr 2016 04:18 AM IST
सार
- केंद्रीय गुरुद्वारा कमेटी ने दाखिल की थी याचिका
- फिल्म खुशवंत सिंह की लिखी किताब पर आधारित
- सेंसर बोर्ड के निर्णय पर सवाल उठाना उचित नहीं
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संता बंता
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विस्तार
हाईकोर्ट ने फिल्म संता-बंता के प्रसारण पर रोक लगाने की मांग में दाखिल याचिका खारिज कर दी है। याचिका में कहा गया था कि फिल्म के प्रसारण से सिख समुदाय के लोगों की भावनाएं आहत होंगी।
केंद्रीय गुरुद्वारा कमेटी की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति वीके शुक्ल और न्यायमूर्ति यूसी श्रीवास्तव की पीठ ने कहा कि फिल्म के प्रसारण की अनुमति सेंसर बोर्ड द्वारा इसे देखने के बाद प्रदान की गई है। इसमें ऐसा कुछ नहीं है जिससे किसी की भावनाएं आहत हों।
फिल्म की पटकथा खुशवंत सिंह की लिखी किताब पर आधारित है। याचिका में कहा गया कि फिल्म में सिखों को मूर्ख और जोकर के रूप में दिखाया गया है जो उनके सम्मान के खिलाफ है।
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सेंसर बोर्ड के वकील गौरव का कहना था कि केंद्रीय फिल्म प्रसारण बोर्ड ने हर पहलू से फिल्म को देखने के बाद ही इसके प्रसारण की अनुमति दी है। सेंसर बोर्ड एक जिम्मेदार और वैधानिक संस्था है इसलिए उसके निर्णय पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
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केंद्रीय गुरुद्वारा कमेटी की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति वीके शुक्ल और न्यायमूर्ति यूसी श्रीवास्तव की पीठ ने कहा कि फिल्म के प्रसारण की अनुमति सेंसर बोर्ड द्वारा इसे देखने के बाद प्रदान की गई है। इसमें ऐसा कुछ नहीं है जिससे किसी की भावनाएं आहत हों।
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फिल्म की पटकथा खुशवंत सिंह की लिखी किताब पर आधारित है। याचिका में कहा गया कि फिल्म में सिखों को मूर्ख और जोकर के रूप में दिखाया गया है जो उनके सम्मान के खिलाफ है।
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सेंसर बोर्ड के वकील गौरव का कहना था कि केंद्रीय फिल्म प्रसारण बोर्ड ने हर पहलू से फिल्म को देखने के बाद ही इसके प्रसारण की अनुमति दी है। सेंसर बोर्ड एक जिम्मेदार और वैधानिक संस्था है इसलिए उसके निर्णय पर सवाल उठाना उचित नहीं है।