असम में सोनोवाल का साथ देने के लिए हेमंत विश्व शर्मा को डिप्टी सीएम बनाएगी बीजेपी
- सोनोवाल मई 24 को ग्रहण करेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ
- असम में भाजपा की जीत में रही है शर्मा की अहम भूमिका
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असम की जीत को भाजपा आलाकमान देशभर में भुनाने के मूड में है। केंद्र सरकार की दो साल के उपलब्धियों के साथ-साथ अब पार्टी नेता असम की विजय को भी जनता के सामने पेश करेंगे।
मुख्यमंत्री पद पर सोनोवाल की ताजपोशी के क्षण को भी यादगार बनाने की तैयारी है। पार्टी की ओर से सोनोवाल की ताजपोशी के लिए 24 मई का दिन तय किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत केंद्र सरकार के सभी वरिष्ठ मंत्री और राजग नेताओं को शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया जाएगा। शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों को लेकर भाजपा आलाकमान की पल-पल नजर है।
भाजपा महासचिव अरूण सिंह यहां से सारी तैयारियों का अपडेट हासिल कर रहे हैं। इस बीच भाजपा की जीत में सोनोवाल के साथ नायक रहे हेमंत विश्व शर्मा को उपमुख्यमंत्री का पद दिया जा सकता है।
शर्मा को शासन-प्रशासन का अच्छा अनुभव
भाजपा आलाकमान विश्व शर्मा को उपमुख्यमंत्री बनाने पर विचार कर रहा है। उनके रोल पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि हेमंत पर निर्णय असम के मुख्यमंत्री लेंगे। तो सर्वानंद सोनोवाल ने भी उन्हें अपने साथ ही सरकार में जोड़े रखने के संकेत दिए हैं। जबकि खुद शर्मा की चाहत केंद्र में मोदी सरकार में काम करने की थी। लेकिन असम में उनके जलवे और जीत की भूमिका को देखते हुए भाजपा नेतृत्व उन्हें प्रदेश में ही रखने के पक्ष में है। ताकि सरकार चलाने के उनके अनुभवों का लाभ मिल सके।
गोगोई सरकार में शिक्षा और स्वास्थ्य सरीखे विभागों का दायित्व संभाल चुके शर्मा को शासन-प्रशासन का अच्छा अनुभव है। भाजपा आलाकमान को लगता है कि वे सोनोवाल के साथ मिलकर अच्छी सरकार चला सकते हैं। भारी बहुमत के साथ चुनाव जीतने के बाद भाजपा के सामने वहां बेहतर शासन देने की चुनौती है। इसलिए वे विश्व शर्मा को प्रदेश से बाहर रखकर कोई जोखिम मोल नहीं लेना चाहती है।
शर्मा के करीबी भी इस बात की दलील दे रहे हैं कि उनके असम से बाहर जाने के बाद उनके समर्थकों की भाजपा में अनदेखी हो सकती है। इसलिए शर्मा पर अपने समर्थक विधायकों और नेताओं का भी दबाव है कि वे असम में रहकर उनके हितों का ध्यान रखें। बताया जा रहा है कि सूबे में भाजपा की सहयोगी असम गण परिषद और बोडो विधायकों के अलावा भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर आए विधायकों में भी शर्मा के समर्थकों की संख्या ज्यादा है। भविष्य में किसी तरह का असंतोष न उभरे इसलिए पार्टी आलाकमान भी फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। शर्मा को सोनोवाल के साथ सरकार में शमिल करने का फैसला भी उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
TMC विधायक दल की नेता बनीं ममता, चांडी ने सौंपा इस्तीफा
तृणमूल कांग्रेस के नए चुने विधायकों की बैठक में ममता बनर्जी को औपचारिक तौर पर आम सहमति से विधायक दल का नेता चुन लिया गया। पार्टी के महासचिव पार्थ चटर्जी, दो बेहला पश्चिम सीट से दोबारा चुने गए हैं, ने बैठक में ममता के नाम का प्रस्ताव रखा। तृणमूल के तमाम विधायकों ने इसका समर्थन
किया। बैठक के बाद ममता ने राजभवन जाकर राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया। राज्यपाल ने उनको सरकार के गठन का न्योता दिया है।
ममता की अगुवाई वाली नई सरकार शुक्त्रस्वार 27 मई को शपथ लेगी। इसका एलान ममता ने कल ही कर दिया था। उन्होंने कहा था कि शुक्रवार का दिन सभी धर्मों के लोगों के लिए पवित्र माना जाता है। इसलिए वे उसी दिन शपथ लेंगी। ममता का कहना था कि वे आज ही शपथ लेना चाहती थीं। लेकिन चुनाव आयोग से निर्वाचित प्रतिनिधियों के प्रमाणपत्र शुक्रवार शाम से पहले नहीं पहुंच पाएंगे। वैसे, शुक्रवार का ममता के राजनीतिक करियर में खास महत्व रहा है।
इससे पहले वर्ष 2011 में पहली बार जीतने के बाद उन्होंने 20 मई को शपथ ली थी। उस दिन भी शुक्रवार ही था। ममता ने बताया कि अगले शुक्रवार को शपथ लेने के बाद अगले दिन यानी शनिवार को विधानसभा की बैठक संक्षिप्त बैठक बुलाई जाएगी। नियमों के मुताबिक 29 मई से पहले उक्त बैठक बुलाना जरूरी है। लेकिन उस दिन रविवार होने की वजह से शनिवार को ही बैठक बुलाई जाएगी। उस दिन बैठक में अस्थायी विधानसभा अध्यक्ष का भी चुनाव किया जाएगा।
ओमन चांडी ने दिया इस्तीफा
केरल के मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दिया है। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नीत यूडीएफ की हार के बाद चांडी ने राजभवन
जाकर राज्यपाल पी सदाशिवम को अपना इस्तीफा सौंपा।
राज्यपाल ने उन्हें अगली व्यवस्था होने तक पद पर बने रहने को कहा है।