केरल सहित चार राज्यों में भारी बारिश ने मचाई तबाही, चेतावनी जारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में रविवार से सोमवार तक भारी बारिश से हुई दुर्घटनाओं में 17 लोगों की मौत हो गई। हिमाचल में जान गंवाने वाले दस लोगों में एक स्थानीय भाजपा नेता भी शामिल है। वहीं, पिछले पांच दिनों से अभूतपूर्व रूप से मूसलाधार बारिश और बाढ़ से बेहाल केरल के भी कई इलाकों में सोमवार को भी बारिश हुई।
मौसम विभाग (आईएमडी) ने केरल में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी बारिश का अनुमान जारी करते हुए मछुआरों को समुद्र तटों पर जाने से मना किया है। सबसे अधिक प्रभावित जिले इडुक्की और एर्नाकुलम हैं। इस त्रासदी में अब तक मरने वालों की संख्या 39 हो गई है। वहीं एक लाख से अधिक लोग विस्थापित या बेघर हो गए हैं।
आईएमडी के मुताबिक, अगले 24 से 48 घंटे के दौरान अरब सागर के मध्य और दक्षिण-पश्चिम हिस्से में अत्यंत भीषण परिस्थितियां देखने को मिल सकती हैं। इसके अलावा कोझिकोड, इडुक्की, मलप्पुरम, कन्नूर और वायनाड जैसे बुरी तरह प्रभावित जिलों में राहत और बचाव के लिए सेना के तीनों अंगों के साथ राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमें लगातार काम कर रही हैं।
वहीं, जम्मू-कश्मीर में पांच और उत्तराखंड में दो लोगों की जान चली गई। तीनों राज्यों में कई जगहों पर बिजली के खंभे और मोबाइल टावर गिरने से दूरसंचार, बिजली और पानी व्यवस्था चरमरा गई है। कई जगह पर पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई हैं। आंचलिक मौसम विभागों ने तीनों राज्यों में अगले 24 घंटों में भारी बारिश की चेतावनी दी है।
हिमाचल के बिलासपुर में मकान धंसने से भाजपा मत्स्य प्रकोष्ठ के संयोजक ठाकुर दास की मौत हो गई। सोलन में घर पर पहाड़ गिरने से परिवार के चार सदस्यों की, जबकि हमीरपुर में मकान गिरने से दादी-पोती की मौत हो गई। पानी के तेज बहाव में अलग-अलग जगह तीन लोग बह गए। भूस्खलन और मलबा आने से 923 मार्ग बंद हैं। हिमाचल में लोक निर्माण विभाग ने कर्मचारियों और अफसरों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। विभाग ने सड़कों से मलबा हटाने के लिए 624 मशीनें लगा दी हैं।
पर्यटन और वृक्षारोपण उद्योग को भारी नुकसान
केरल में हो रही मूसलाधार बारिश ने केरल में राजस्व के दो बड़े स्त्रोतों को नुकसान पहुंचाया है। जहां पर्यटन उद्योग बर्बाद हो गया है वहीं वृक्षारोपण क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कारोबारियों का कहना है कि निपाह वायरस के बाद होटलों और रिजॉर्टों की रद्द हुई बुकिंग से उबरने में लगे पर्यटन उद्योग को भारी बारिश और बाढ़ ने बड़ा झटका दिया है।
भारतीय टूर ऑपरेटर संगठन (आईएटीओ) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ईएम नजीब ने कहा कि इडुक्की, मुन्नार, कुमारक्कोम में 70-80 फीसदी बुकिंग रद्द हो चुकी है। ये जगहें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की पसंदीदा जगहों में से हैं।
वैष्णो देवी चॉपर सेवा ठप
जम्मू में अर्द्धकुंवारी से वैष्णो देवी भवन की ओर से जाने वाला हिमकोटि मार्ग भूस्खलन के कारण तीसरे दिन भी बंद रहा। बारिश और धुंध से कटड़ा-अर्द्धकुंवारी चॉपर सेवा ठप रही। पुंछ में करंट लगने से दंपती ने दम तोड़ दिया। उधमपुर के आरएन पुरा में दीवार गिरने से शिक्षिका की मौत हो गई।
मानसरोवर यात्री भी फंसे
कैलाश मानसरोवर यात्रा के 13वें दल के यात्री सोमवार को मौसम खराब होने के चलते उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से गुंजी के लिए रवाना नहीं हो पाए। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग लामबगड़ में अवरुद्ध है। उत्तरकाशी में गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे सहित जिले के आठ संपर्क मार्ग भूस्खलन से अवरुद्ध हो गए हैं। टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे पर पेड़ की चपेट में आने से महिला की मौत हो गई।