महाराष्ट्र, कर्नाटक सहित कई राज्यों में बाढ़ का कहर, कोच्चि एयरपोर्ट तीन दिन के लिए बंद
- देश के कई हिस्सों में तेज बारिश और बाढ़ से हालात गंभीर, महाराष्ट्र में दो लाख लोग विस्थापित
- केरल में भारी बारिश की वजह से राज्य भर के सभी स्कूलों में एक दिन की छुट्टी।
- कर्नाटक में अबतक बाढ़ से नौ लोगों की मौत, 43,858 लोगों को बचाया गया है।
- ओडिशा, गोवा, गुजरात और मेघालय और मध्यप्रदेश में भी बारिश से हालात खराब हैं।
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केरल, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। भारी बारिश, तेज हवाओं और भूस्खलन से भारी तबाही हुई है। वहीं कोच्चि हवाई अड्डे पर 11 अगस्त दोपहर तीन बजे तक सभी विमानों का परिचालन रोक दिया गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और केरल में अगले दो दिन में भीषण बारिश होने का अनुमान है।
केरल में मृतक संख्या बढ़कर 22 हुई, कोच्चि एयरपोर्ट पर विमान निलंबित
केरल के विभिन्न हिस्सों में लगातार जारी भारी बारिश के कारण 22 लोगों की मौत हो गई और 22,000 से अधिक लोगों को राहत केंद्रों में स्थानांतरित किया गया है। नौ जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है जिनमें वायनाड, मलप्पुरम, कन्नूर और इडुक्की सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं।
मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने हालात की समीक्षा के लिए शुक्रवार सुबह एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि पिछले तीन दिनों में भारी बारिश के कारण 22 लोगों की मौत हुई है। विजयन ने बताया कि 24 स्थानों पर भूस्खलन हुआ है। सरकार ने भारतीय वायु सेना से सहायता मांगी है। बचाव अभियान में मदद करने के लिए एनडीआरएफ कर्मियों की 13 टीम और करीब 180 सैन्य अधिकारी पहले ही राज्य में पहुंच गए हैं।
महाराष्ट्र में दो लाख लोग विस्थापित
महाराष्ट्र में लगभग दो लाख लोगों को पश्चिम महाराष्ट्र में सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है। कोल्हापुर और सांगली जिलों में स्थिति गंभीर बनी हुई है। इसी बीच बाढ़ प्रभावित लोगों को एयरलिफ्ट करके वहां से निकालने की कोशिश की जा रही है। इसे लेकर रक्षा प्रवक्ता ने कहा, 'कोल्हापुर और सांगली जिले में प्रतिकूल मौसम होने की वजह से जब एयरलिफ्ट नहीं हो सका तो नौसेना के बचाव दल की 12 टीमें कल रात सड़क मार्ग से सांगली के लिए रवाना हो गईं। पुलिसकर्मियों ने उन्हें सांगली तक के लिए ग्रीन कॉरिडोर मुहैया करवाया।'
बारिश और बाढ़ से राज्य की परेशानियों को पुणे, सतारा, सांगली और कोल्हापुर के बांधों ने बढ़ाने का काम किया है। यहां के सभी बांध पूरी तरह से भर चुके हैं और पुणे जिले के नदी किनारे रहने वाले लोगों को अलर्ट कर दिया गया है। बाढ़ की वजह से पुणे, सतारा, सांगली, सोलापुर और कोल्हापुर में 16 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं गुरुवार को बाढ़ प्रभावितों को लेकर जा रही नाव के पलटने से नौ लोगों की मौत हो गई थी। जिसके कारण अबतक मरने वालों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है।
मध्यप्रदेश में नर्मदा में बाढ़
मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले में सरदार सरोवर बांध के डूब क्षेत्र में बृहस्पतिवार को नर्मदा नदी खतरे के निशान से 5.62 मीटर ऊपर बही। बाढ़ से अनहोनी के खतरे के मद्देनजर प्रशासन ने कुछ निचले इलाकों को खाली कराते हुए करीब 100 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
अधिकारियों ने बताया कि गुजरात में नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बांध के बैक वॉटर का स्तर मॉनसूनी बारिश के कारण लगातार बढ़ रहा है जिससे जिले के कुछ स्थानों पर बाढ़ के हालात हैं।
कर्नाटक में हालात बेहाल
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य में लगातार बारिश और बाढ़ की गंभीर समस्या के कारण उपजे हालात से निपटने के लिये हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। येदियुरप्पा ने बागलकोट जिले के मुधोल में पत्रकारों को बताया कि मैं केंद्र सरकार के लगातार संपर्क में हूं। मुख्यमंत्री ने मुधोल में बाढ़ प्रभावित लोगों से बात की और बाद में क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया।
अब तक प्राप्त आंकड़े के अनुसार कर्नाटक में बाढ़ और बारिश से प्रभावित इलाकों से करीब 44,000 लोगों को बाहर निकालकर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। राज्य में पिछले कुछ दिनों में बारिश जनित घटनाओं में नौ लोगों की मौत हो गई है। बेलगावी जिला बारिश से सर्वाधिक प्रभावित हुआ है जहां छह लोगों के मरने की सूचना है जबकि दमकल एवं आपात विभाग, राज्य आपदा मोचन बल, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और सेना की बचाव टीमों ने वहां से 40,180 लोगों को निकालकर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया है। ओडिशा, गोवा, गुजरात और मेघालय में भी बारिश से हालात खराब हैं।