भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी की पांचवीं जमानत अर्जी को कोर्ट ने किया खारिज
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पीएनबी से साढ़े 13 हजार करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में भगोड़ा घोषित हीरा व्यापारी नीरव मोदी ने ब्रिटेन से अपने प्रत्यर्पण को चुनौती देते हुए पांचवीं बार दाखिल की गई जमानत अर्जी को लंदन हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है।
United Kingdom Court rejects fugitive diamond merchant Nirav Modi’s fifth bail plea in PNB bank fraud case pic.twitter.com/3mNVcTO32U
— ANI (@ANI) March 5, 2020
नीरव मोदी को ब्रिटिश पुलिस ने पिछले साल मार्च में गिरफ्तार किया था जिसके बाद से वह साउथ वेस्ट लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में बंद है। उसके प्रत्यर्पण पर मई में सुनवाई होनी है। इस बीच नीरव ने जमानत के लिए पांचवीं बार प्रयास किया है।
उसने हालातों में परिवर्तन के आधार पर लंदन हाईकोर्ट से जमानत की मांग की थी। हालांकि उसने पिछले वर्ष भी हाईकोर्ट में अपील की थी जिस पर भारत सरकार की ओर से पैरवी कर रही क्राउन प्रॉसीक्यूशन सर्विसेज (सीपीएस) ने कहा था कि नीरव की याचिका पर वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में सुनवाई होनी चाहिए।
सीपीएस के प्रवक्ता ने कहा, मोदी ने जमानत राशि भी बढ़ा दी है और पिछले बार से अधिक कठोर जमानत शर्तों की पेशकश की है। उसने इससे पहले तीन बार जमानत अर्जी दी है जिसमें सबसे पहले 20 लाख पाउंड और फिर 40 लाख पाउंड की जमानत राशि की पेशकश की थी।
हालांकि जज ने यह कहते हुए उसकी अर्जी खारिज कर दी थी कि उसे एक बार रिहा किया गया तो उसके वापस समर्पण की संभावनाएं बेहद कम हैं। मोदी पिछले हफ्ते वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट के जज डेविड रॉबिनसन के समक्ष वीडियो लिंक के जरिए जेल से पेश हुआ था। वीडियो लिंक के जरिए उसकी अगली पेशी 24 मार्च को होगी।
नीरव के घर जब्त पेंटिंग की नीलामी पर रोक से हाईकोर्ट ने किया इनकार
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 13 हजार करोड़ रुपये के पीएनबी बैंक घोटाले में भगोड़ा घोषित हीरा व्यापारी नीरव मोदी के घर से ईडी द्वारा जब्त पेंटिंग्स की नीलामी पर रोक लगाने से बुधवार को इनकार कर दिया। इनकी नीलामी शुक्रवार को होनी है।
कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश बीपी धर्माधिकारी और जस्टिस एनआर बोरकर की पीठ नीरव के बेटे रोहिन मोदी की याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें दावा किया गया कि यह पेंटिंग रोहिन ट्रस्ट की हैं। नीरव का ट्रस्ट पर स्वामित्व नहीं है।
रोहिन के वकील अमित देसाई ने कहा कि पेंटिंग्स को अपराध की आय के रूप में नहीं देखा जा सकता और उनके मुवक्किल एक भी मामले में आरोपी नहीं हैं। ऐसे में नीलामी रोकी जाए। इस पर ईडी के वकील अनिल सिंह और हितेन वेनगांवकर ने कहा कि नीरव, उनकी पत्नी और बेटा रोहिन ट्रस्ट के लाभार्थी हैं। ईडी ने पेंटिंग्स को पिछले वर्ष मार्च में जब्त किया था और नीलामी का विज्ञापन जनवरी 2020 में जारी किया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पीठ इस नतीजे पर पहुंची कि रोहिन ने अंतिम समय में कोर्ट का रुख किया। रोहिन ट्रस्ट या इसके लाभार्थी नीरव और उनकी पत्नी ने कोई याचिका नहीं दी। ऐसे में देर से दाखिल की गई याचिका का उद्देश्य सिद्ध नहीं होता।
ऐसे इस लिए कोर्ट इस मामले में अंतरिम आदेश जारी नहीं कर सकता। पीठ ने ईडी को याचिका के जवाब में 23 मार्च तक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने ईडी को नीलामी की रकम अलग बैंक खाते में जमा करने और अगले आदेश तक इस्तेमाल न करने का निर्देश दिया।
15 पेंटिंग और हीरे की घड़ियों की है नीलामी
ईडी ने नीरव मोदी के घर से 15 पेंटिंग के अलावा कई हीरों की घड़ियां, कीमती हैंडबैग, रॉल्स रॉयस घोस्ट और पोर्श जैसी लग्जरी गाड़ियां भी जब्त की हैं। इनकी नीलामी होनी है।