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हाइवे के किनारे शराब दुकानों पर पाबंदी मामले में SC में सुनवाई अाज

Wed, 29 Mar 2017 05:51 AM IST
amarujala.com- presented By: अभिषेक तिवारी
amarujala.com- presented By: अभिषेक तिवारी Updated Wed, 29 Mar 2017 05:51 AM IST
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Hearing in Supreme Court in case of ban on liquor shops
देश के तमाम राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के 500 मीटर के दायरे में शराब की दुकानों पर पाबंदी के आदेश में फेरबदल को लेकर दाखिल याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट बुधवार को सुनवाई करेगा। इस मामले की सुनवाई सोमवार को होनी थी लेकिन पीठ के न बैठने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी थी। मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व आदेश के तहत 31 मार्च के बाद राजमार्गों के किनारे शराब की दुकानें नहीं होंगी।
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चीफ जस्टिस जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी की अगुवाई में याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकीलों को भरोसा दिलाया कि बुधवार को याचिका पर सुनवाई होगी। चीफ जस्टिस ने कहा कि अगर किसी कारणवश न्यायमूर्ति डीयू चंद्रचूड़ उपलब्ध नहीं होते हैं तो दूसरी पीठ का गठन किया जाएगा। इससे पहले अटॉर्नी जनरल ने कहा कि 31 मार्च की डेडलाइन नजदीक है, इसलिए इस पर तत्काल सुनवाई की दरकार है।
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मालूम हो कि पंजाब, तमिलाडु, केरल, तेलंगाना आदि ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर गत 15 दिसंबर के आदेश में फेरबदल की गुहार की है। इसके अलावा कई अन्य एसोसिएशन ने भी याचिका दायर की है। इन याचिकाओं में कहा गया है कि राज्य राजमार्ग अंदर-अंदर तक हैं, ऐसे में तो लगभग हर सड़क इसके दायरे में आ जाएगी।
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गत 15 दिसंबर के अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अपने फैसले में कहा था कि राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के 500 मीटर के दायरे में एक अप्रैल, 2017 से शराब की दुकानें नहीं होंगी। साथ ही अदालत ने इस दायरे में शराब की दुकानों के लिए नए लाइसेंस जारी करने पर रोक लगा दी थी। 31 मार्च, 2017 के बाद राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के 500 मीटर के दायरे तक किसी भी शराब के ठेके के लाइसेंस नवीनीकरण पर पाबंदी लगा दी गई थी। साथ ही राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर शराब के दुकानों की मौजूदगी के संकेतक या बोर्ड लगाने पर भी प्रतिबंध लगा दिए थे। 


सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के वर्ष 2015 के आंकड़े के मुताबिक, देश में हर वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में हर वर्ष करीब डेढ़ लाख लोगों की मौत होती है जबकि इससे तिगुनी संख्या में लोग घायल होते हैं। अधिकतर दुर्घटनाओं की वजह शराब पीकर वाहन चलाना है।

 
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