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भारत में टीकाकरण: स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा ,टीका लगने के बाद होगा थोड़ा दर्द, घबराए नहीं

Fri, 18 Dec 2020 03:02 PM IST
अनवर अंसारी पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: अनवर अंसारी Updated Fri, 18 Dec 2020 03:02 PM IST
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Health Ministry said taking coronavirus vaccine depend on will of person, told when vaccination will start
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई

कोरोना वायरस के टीकाकरण को लेकर केंद्र सरकार ने सवाल-जबाव जारी किए हैं ताकि इसे लेकर समाज में कोई मिथ्य या अफवाह की आशंका न रहे। इन सवाल-जबाव में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि टीका लगने के बाद कुछ देर तक थोड़ा दर्द हो सकता है। जहां टीका की डोज लगेगी, केवल उतने हिस्से में कुछ वक्त या मिनट के लिए दर्द रह सकता है। इसके अलावा हल्का बुखार भी हो सकता है लेकिन इसमें घबराने की जरूरत नहीं है। यह बहुत सामान्य सी बात है। किसी भी टीकाकरण में यह दिक्कत हो सकती है।

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आठ पेज के इन सवाल-जबाव में मंत्रालय ने 27 सवालों के जबाव के जरिए ज्यादातर जानकारी उसी में शामिल करने की कोशिश की है। इसमें साफ तौर पर कहा है कि टीका लगने के बाद भी हर व्यक्ति को चेहरे पर मास्क लगाना होगा। सोशल डिस्टैसिंग का पालन टीकाकरण के दौरान और बाद में भी सभी के लिए अनिवार्य है। सबसे पहले टीका स्वास्थ्य कर्मचारी, पुलिस और सैन्य जवानों के अलावा निगम कर्मचारियों को मिलेगा। इसके बाद 50 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोग और पहले से बीमार मरीजों को मिलेगा। चूंकि टीका आने के बाद उसकी सप्लाई भी एक चुनौती है। इसलिए सरकार जैसे जैसे सप्लाई आती रहेगी टीकाकरण चलता रहेगा।
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सरकार ने यह भी कहा है कि अभी तक टीका नहीं आया है लेकिन जब भी टीका आएगा वह पूरी तरह से सुरक्षित होगा। हर पैमाने पर टीका की जांच के बाद ही उसे लोगों तक मुहैया कराया जाएगा। मंत्रालय ने बताया कि दो डोज लेने के दो सप्ताह बाद ही शरीर में पर्याप्त एंटीबॉडीज मिल सकती हैं। 28 दिन के अंतराल में दो डोज लेना जरूरी है। जिन लोगों को एक या उससे अधिक रोग हैं वह उच्च जोखिम समूह में शामिल हैं। उन्हें टीका जरूर दिया जाएगा।
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स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कोविड-19 की वैक्सीन लगवाना व्यक्ति की इच्छा पर निर्भर करेगा। साथ ही इस बात को रेखांकित किया कि भारत में उपलब्ध वैक्सीन भी दूसरे देशों में विकसित वैक्सीन जितनी ही कारगर होगी।

मंत्रालय ने कहा कि पूर्व में कोविड-19 से संक्रमित हो चुके लोगों को भी कोरोना वायरस के वैक्सीन की पूरी खुराक लेने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इससे बीमारी के खिलाफ मजबूत प्रतिरोधक क्षमता तैयार होगी। मंत्रालय ने कहा कि दूसरी खुराक लेने के दो हफ्ते बाद शरीर में एंटीबॉडी का सुरक्षात्मक स्तर तैयार होता है।



कोरोना से ठीक होने वाले भी लगवाएं टीका
स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि जो लोग कोरोना संक्त्रस्मित हो चुके हैं और अब वह स्वस्थ्य हैं लेकिन सरकार द्वारा बनाए गए आवश्यक समूह में वह शामिल हैं तो उन्हें टीका जरूर लगवाना है। टीका लगवाने से उनके शरीर में मजबूत प्रतिरोधक क्षमता विकसित होगी। अगर ?कोई कोरोना संक्त्रस्मित या संदिग्ध व्यक्ति है तो उसे 14 दिन का क्वारंटीन अवधि पूरा करने के बाद ही टीका दिया जा सकेगा।

मंत्रालय ने वैक्सीन से जुड़े सवालों-जवाबों की सूची तैयार की
मंत्रालय ने गुरुवार रात कोविड-19 वैक्सीन से जुड़े कुछ सवालों-जवाबों की सूची तैयार की। इसमें कुछ सवालों को शामिल किया गया है जैसे कि क्या सबके लिए वैक्सीन लेना जरूरी है, वैक्सीन से कितने दिनों में एंटीबॉडी तैयार होंगी, क्या कोविड-19 से उबर चुका व्यक्ति भी वैक्सीन ले सकता है आदि।

जल्द शुरू होगा टीकाकरण
मंत्रालय ने कहा, कोविड-19 की वैक्सीन लेना व्यक्ति की इच्छा पर निर्भर करेगा। हालांकि वैक्सीन की पूरी खुराक लेने की सलाह दी जाती है। मंत्रालय ने कहा कि विभिन्न वैक्सीन परीक्षण के अलग-अलग चरण में हैं। सरकार जल्द ही कोविड-19 टीकाकरण शुरू करने के लिए तैयारी कर रही है।

इन छह वैक्सीन का देश में हो रहा परीक्षण
भारत में कोविड-19 के छह वैक्सीनों का परीक्षण चल रहा है। इसमें आईसीएमआर के तालमेल से भारत बायोटेक द्वारा विकसित वैक्सीन, जायडस कैडिला, जेनोवा, ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन पर परीक्षण चल रहा है। रूस के गमालेया राष्ट्रीय केंद्र के साथ तालमेल से हैदराबाद में डॉ रेड्डी लैब में स्पूतनिक वी  वैक्सीन और एमआईटी, अमेरिका के साथ तालमेल से हैदराबाद में बायोलोजिकल ई लिमिटेड द्वारा विकसित वैक्सीन भी शामिल हैं।

28 दिनों के अंतराल पर मिलेगी वैक्सीन की खुराक
कम अवधि में परीक्षण के बाद तैयार वैक्सीन क्या सुरक्षित होगी और क्या इसके कुछ दुष्प्रभाव हो सकते हैं, इस पर मंत्रालय ने कहा है कि सुरक्षा और कारगर होने के आधार पर नियामक संस्थानों की मंजूरी के बाद वैक्सीन की पेशकश की जाएगी।

मंत्रालय ने कहा कि सुरक्षित टीकाकरण अभियान के लिए राज्यों को वैक्सीन के विपरीत असर की स्थिति से निपटने के लिए भी इंतजाम करने को कहा गया है। मंत्रालय ने कहा कि 28 दिन के अंतराल पर वैक्सीन की दो खुराक लेने की आवश्यकता होगी। कैंसर, मधुमेह, हाइपरटेंशन आदि से जूझ रहे मरीज भी कोविड-19 के वैक्सीन की खुराक ले सकते हैं।


टीकाकरण के लिए ये दस्तावेज होंगे मान्य
आरंभिक चरण में कोविड-19 वैक्सीन स्वास्थ्यकर्मियों और अग्रिम मोर्चे पर काम करने वाले प्राथमिकता समूह को दी जाएगी। वैक्सीन की उपलब्धता के आधार पर 50 वर्ष से ज्यादा उम्र वालों को भी इसकी खुराक दी जा सकती है। चिन्हित लोगों को टीकाकरण और उसके समय के बारे में उनके मोबाइल नंबर पर सूचना दी जाएगी।

स्वास्थ्यकर्मियों और अग्रिम मोर्चे के कर्मियों को टीकाकरण के लिए क्यों चुना गया है, इस पर मंत्रालय ने कहा कि सरकार अत्यंत जोखिम वाले समूहों को प्राथमिकता दे रही है। उन्हें सबसे पहले वैक्सीन की खुराक मिलेगी। वैक्सीन के लिए ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड आदि दस्तावेज मान्य होंगे।

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