स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया: अगर कोविड टीके की दूसरी खुराक में अलग टीका दिया जाता है तो क्या होगा?
स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि पिछले 24 घंटों में देश में 2,11,000 मामले दर्ज किए गए हैं। सक्रिय मामले 8.84 फीसदी हैं। रिकवरी रेट अब 90 फीसदी हो गई है।
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को देश में कोरोना की स्थिति को लेकर अहम जानकारी दी है। मंत्रालय ने प्रेस वार्ता में कहा कि 24 राज्यों ने पिछले सप्ताह से सक्रिय मामलों में गिरावट दर्ज की गई है। इसके साथ ही मंत्रालय ने दो अलग-अलग वैक्सीन की खुराक दिए जाने पर भी स्थिति को स्पष्ट किया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने प्रेस वार्ता में कहा कि पिछले 24 घंटों में देश में 2,11,000 मामले दर्ज किए गए हैं। सक्रिय मामले 8.84 फीसदी हैं। 10 मई को देश में 37,45,000 सक्रिय मामले थे जो अब 24,19,000 रह गए हैं।
उन्होंने कहा कि 3 हफ्ते पहले 531 जिलों में रोज 100 नए मामले प्रतिदिन दर्ज किए जाते थे, अब ऐसे जिले 359 रह गए हैं। देश में आज 2,83,000 रिकवरी दर्ज की गई हैं। 23 राज्य देश में ऐसे हैं, जहां प्रतिदिन रिकवर मामलों की संख्या नए मामलों से ज्यादा है। रिकवरी रेट अब 90 फीसदी हो गई है।
पिछले 1 सप्ताह में प्रतिदिन 21,00,000 टेस्ट किए जा रहे हैं। पॉजिटिविटी रेट देश में 10.45 फीसदी रह गई है। केंद्र सरकार द्वारा अब तक 45 साल से अधिक आयु के 14.85 करोड़ लोगों को कोरोना वैक्सीन की डोज दी गई है। 18-44 साल के बीच के लोगों को अब तक 1.39 करोड़ डोज दी जा चुकी हैं।
टीके की दूसरी डोज देने पर सतर्क रहने की जरूरत
मंत्रालय ने कहा कि देश में कोविड-19 की दूसरी लहर के प्रकोप में कमी आ रही है, हमारा मानना है कि पाबंदियों में सार्थक ढील देने पर भी यह परिपाटी बनी रहेगी। वहीं एक सवाल के जवाब में मंत्रालय ने कहा कि अगर कोविड-टीके की दूसरी खुराक में अलग टीका दिया जाता है तो उसके उल्लेखनीय दुष्प्रभाव होने की आशंका नहीं है, इसमें घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।
सिद्धार्थनगर में लगा दी थीं अलग-अलग डोज
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) बढ़नी में कोविड-19 टीकाकरण को लेकर लापरवाही का यह मामला सामने आया था। यहां 20 ग्रामीणों को पहली खुराक कोविशील्ड की दी गई थी। जबकि दूसरी खुराक में कोवाक्सिन का टीका लगा दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की जांच में इस लापरवाही की पुष्टि हुई।
शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के औंदहीकला के 20 लोगों में दूसरी कंपनी का टीका लगाने का मामला सामने आया था। ग्रामीणों को पहली बार एक अप्रैल को कोविशील्ड का टीका लगा था, जबकि दूसरी डोज में उन्हें कोवाक्सिन का टीका लगा दिया गया। इसी मामले में अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। बता दें कि देश के अन्य हिस्सों से भी इसी तरह के मामले सामने आ चुके हैं।
दिल्ली ने केवल 13 प्रतिशत टीकों की खुराक सीधे खरीदीं: केंद्र
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि दिल्ली ने कोविड टीकों की केवल 13 प्रतिशत खुराक सीधे खरीदी हैं और बाकी केंद्र ने उसे दी हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने एक संवाददाता सम्मेलन में एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार दिल्ली को केंद्र की ओर से टीकों की 45.46 लाख खुराक नि:शुल्क दी गई हैं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली ने प्रत्यक्ष खरीद के तहत 8.17 लाख खुराक खरीदी हैं और निजी अस्पतालों ने 9.04 लाख खुराक खरीदी हैं तथा अब तक कुल 52.25 लाख खुराक लगाई गई हैं। अग्रवाल ने कहा कि कोविन के आंकड़ों के अनुसार 3.8 प्रतिशत खुराक बेकार होने का पता चला है। कुल खुराक में से केवल 13 प्रतिशत राज्य स्तर पर खरीदी गई हैं, बाकी सरकार ने दी हैं।