फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   HC issues notice to Assam govt to provide details on 'declared foreigners'

Assam: गुवाहाटी हाईकोर्ट का असम सरकार को आदेश, कहा- 'घोषित विदेशियों' की मौजूदा स्थिति की जानकारी दें

Fri, 30 May 2025 01:02 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 30 May 2025 01:02 PM IST
सार

Assam: गुवाहाटी हाई कोर्ट ने असम सरकार से दो 'घोषित विदेशी' भाइयों की स्थिति पर जवाब मांगा है, जिन्हें 25 मई को हिरासत में लिया गया था। याचिका में आशंका जताई गई है कि उन्हें गैरकानूनी रूप से बांग्लादेश भेजा जा सकता है।

विज्ञापन
HC issues notice to Assam govt to provide details on 'declared foreigners'
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

गुवाहाटी (गौहाटी) हाई कोर्ट ने असम सरकार को नोटिस जारी करते हुए आदेश दिया है कि वह उन दो भाइयों अबू बक्कर सिद्दीक और अकबर अली की वर्तमान स्थिति की जानकारी दे, जिन्हें एक न्यायाधिकरण ने 'घोषित विदेशी' करार दिया था और जो 25 मई को कामरूप जिले के नगरबेरा थाने में हिरासत में लिए गए थे। यह आदेश जस्टिस कल्याण राय सुराणा और जस्टिस मालश्री नंदी की बेंच ने गुरुवार को दिया। अगली सुनवाई की तारीख 4 जून तय की गई है।

विज्ञापन


दोनों भाइयों के भतीजे तोराप अली की ओर से याचिका दायर की गई है। इसमें दावा किया गया है कि परिवार को डर है कि दोनों को गैरकानूनी तरीके से बांग्लादेश भेजा जा सकता है। याचिकाकर्ता का कहना है कि 25 मई के बाद से पुलिस ने उनके ठिकाने की कोई जानकारी नहीं दी। राज्य सरकार के वकील जे. पायेंग ने कोर्ट में बताया कि सिद्दीक और अली को असम सीमा पुलिस ने हिरासत में लिया है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: BJP: '26/11 के बाद UPA ने अमेरिकी दबाव में फिर शुरू की थी पाकिस्तान से बातचीत', सांसद निशिकांत दुबे का आरोप
विज्ञापन
विज्ञापन


2017 में दोनों भाइयों को विदेशी घोषित कर गोलपाड़ा के हिरासत केंद्र (डिटेंशन सेंटर) में भेजा गया था, क्योंकि वे यह साबित नहीं कर पाए थे कि वे या उनके पूर्वज 24 मार्च 1971 से पहले भारत में आए थे, जो असम समझौते के अनुसार निर्धारित अंतिम तारीख है। 2020 में सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के बाद उन्हें जमानत पर रिहा किया गया, जिसमें कहा गया था कि दो साल से अधिक समय से हिरासत में रह रहे लोगों को जमानत दी जा सकती है।

याचिका में कहा गया है कि दोनों को उपलब्ध सभी कानूनी उपायों का लाभ लेने का मौका नहीं दिया गया और यदि उन्हें बिना किसी नतीजे के बांग्लादेश भेजा गया, तो यह संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होगा। विदेशी न्यायाधिकरण असम में नागरिकता से जुड़े मामलों की जांच के लिए बने अर्ध-न्यायिक निकाय हैं। इनका उद्देश्य यह तय करना होता है कि कोई व्यक्ति विदेशी है या नहीं। पूरे असम में ऐसे 100 न्यायाधिकरण काम कर रहे हैं, जो खासतौर से राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) से जुड़े मामलों पर फोकस करते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed