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Pannun Case: 'अमेरिका द्वारा दी गई जानकारी को गंभीरता से ले रहे' पन्नू हत्या केस में विदेश मंत्रालय का बयान
Fri, 18 Oct 2024 01:19 AM IST
शुभम कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शुभम कुमार
Updated Fri, 18 Oct 2024 01:19 AM IST
सार
Pannun Case: खालिस्तानी आतंकी पन्नू की हत्या की कथित साजिश के सिलसिले में गठित भारतीय जांच समिति की अमेरिका में अधिकारियों के साथ बैठक हुई के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि हमने अमेरिका द्वारा दी गई जानकारी को बहुत गंभीरता से लिया है।
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने सिख अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश के मामले में अमेरिका की ओर से दी गई जानकारी को बेहद गंभीरता से लिया है। इसके साथ ही जायसवाल ने अमेरिकी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी उस बयान की पुष्टि की कि अमेरिका में पन्नू की हत्या की साजिश रचने का आरोप जिस शख्स पर लगाया गया था वह अब भारत सरकार का कर्मचारी नहीं है। जायसवाल ने कहा, यह सही है कि संबंधित शख्स अब भारत सरकार का कर्मचारी नहीं है।
जायसवाल ने दी जानकारी
जायसवाल ने कहा, इस मामले की जांच में सहयोग के लिए दो भारतीय अधिकारियों की एक टीम अभी अमेरिका में है जिसने वहां न्याय विभाग और विदेश विभाग के अधिकारियों संग बैठक की है। यह अधिकारी पिछले साल नवंबर में गठित उच्च स्तरीय जांच समिति के सदस्य हैं। यह समिति अमेरिका की ओर से मुहैया जानकारियों पर कदम उठा रही है और हम इन सूचनाओं को पूरी गंभीरता से ले रहे हैं।
बाइडन सरकार ने लगाया था आरोप
इसी साल जून में बइडन प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था कि अमेरिका ने पन्नू की हत्या की कथित नाकाम साजिश की भारतीय जांच के बारे में अपडेट के लिए लगातार भारत पर दबाव डाला है और यह स्पष्ट किया है कि वह मामले में जवाबदेही चाहता है। इसके साथ ही अमेरिकी उप विदेश मंत्री कर्ट कैंपबेल ने कहा था कि अमेरिका ने इस मुद्दे को सीधे भारतीय सरकार के सबसे वरिष्ठ स्तरों पर उठाया है। जहां अमेरिका ने आरोप लगाया था कि भारत पिछले वर्ष सिख अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की जांच में कनाडा के साथ सहयोग नहीं कर रहा है।
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बता दें कि अमेरिकी संघीय अभियोजकों ने भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता पर न्यूयॉर्क में पन्नू की हत्या की नाकाम साजिश में एक भारतीय सरकारी कर्मचारी के साथ काम करने का आरोप लगाया था। आतंकवाद के आरोपों में भारत में वांछित पन्नू के पास अमेरिका और कनाडा की दोहरी नागरिकता है। गुप्ता को पिछले साल जून में चेक गणराज्य में गिरफ्तार किया गया था और 14 जून को अमेरिका को सौंपा गया था।
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जायसवाल ने दी जानकारी
जायसवाल ने कहा, इस मामले की जांच में सहयोग के लिए दो भारतीय अधिकारियों की एक टीम अभी अमेरिका में है जिसने वहां न्याय विभाग और विदेश विभाग के अधिकारियों संग बैठक की है। यह अधिकारी पिछले साल नवंबर में गठित उच्च स्तरीय जांच समिति के सदस्य हैं। यह समिति अमेरिका की ओर से मुहैया जानकारियों पर कदम उठा रही है और हम इन सूचनाओं को पूरी गंभीरता से ले रहे हैं।
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बाइडन सरकार ने लगाया था आरोप
इसी साल जून में बइडन प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था कि अमेरिका ने पन्नू की हत्या की कथित नाकाम साजिश की भारतीय जांच के बारे में अपडेट के लिए लगातार भारत पर दबाव डाला है और यह स्पष्ट किया है कि वह मामले में जवाबदेही चाहता है। इसके साथ ही अमेरिकी उप विदेश मंत्री कर्ट कैंपबेल ने कहा था कि अमेरिका ने इस मुद्दे को सीधे भारतीय सरकार के सबसे वरिष्ठ स्तरों पर उठाया है। जहां अमेरिका ने आरोप लगाया था कि भारत पिछले वर्ष सिख अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की जांच में कनाडा के साथ सहयोग नहीं कर रहा है।
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बता दें कि अमेरिकी संघीय अभियोजकों ने भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता पर न्यूयॉर्क में पन्नू की हत्या की नाकाम साजिश में एक भारतीय सरकारी कर्मचारी के साथ काम करने का आरोप लगाया था। आतंकवाद के आरोपों में भारत में वांछित पन्नू के पास अमेरिका और कनाडा की दोहरी नागरिकता है। गुप्ता को पिछले साल जून में चेक गणराज्य में गिरफ्तार किया गया था और 14 जून को अमेरिका को सौंपा गया था।