{"_id":"6537937508791582a0055c84","slug":"harimau-shakti-2023-joint-bilateral-training-exercise-of-indian-and-malaysian-armies-2023-10-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Harimau Shakti 2023: भारत-मलेशिया के बीच द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास का आगाज, 120 सैन्य कर्मियों ने लिया हिस्सा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Harimau Shakti 2023: भारत-मलेशिया के बीच द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास का आगाज, 120 सैन्य कर्मियों ने लिया हिस्सा
Tue, 24 Oct 2023 03:20 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता महतो
Updated Tue, 24 Oct 2023 03:20 PM IST
सार
भारत-मलेशिया द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास में दोनों देशों के लगभग 120 सैन्य कर्मी शामिल हुए हैं। इस दौरान दोनों दल एक संयुक्त कमांड पोस्ट और एक इंटिग्रेटेड सर्विलेंस ग्रिड के साथ संयुक्त सर्विलेंस सेंटर स्थापित करेगी।
विज्ञापन
Exercise Harimau Shakti 2023
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत और मलेशिया के सेना के बीच द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास हरिमऊ शक्ति 2023 का आगाज सोमवार 23 अक्तूबर को हुआ। यह अभ्यास पांच नवंबर तक चलने वाला है। पिछले साल यह अभ्यास नंवबर में मलेशिया के पुलाई, क्लुआंग में आयोजित किया गया था।
इस अभ्यास में दोनों देशों के लगभग 120 सैन्य कर्मी शामिल हुए हैं। इस दौरान दोनों दल एक संयुक्त कमांड पोस्ट और एक इंटिग्रेटेड सर्विलेंस ग्रिड के साथ संयुक्त सर्विलेंस सेंटर स्थापित करेगी। दोनों पक्ष जंगल, अर्ध-शहरी, शहरी वातावरण में संयुक्त अभ्यास करेंगे। इस अभ्यास में ड्रोन, यूएवी और हेलीकॉप्टरों का भी उपयोग किया जाएगा।
विज्ञापन
दोनों पक्ष हताहत प्रबंधन और मिकासी अभ्यास और बटालियन स्तर पर उत्तरजीविता प्रशिक्षण का भी अभ्यास करेंगे। इस अभ्यास का मुख्य फोकस उच्च स्तर की शारीरिक फिटनेस, सामरिक स्तर पर अभ्यास का संचालन पर रहेगा। यह अभ्यास अर्ध शहरी क्षेत्र में 48 घंटे लंबे अभ्यास के बाद समाप्त होगा। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की सुरक्षा सहयोग द्विपक्षीय रिश्ते को मजबूत करना है।
विज्ञापन
इस अभ्यास में दोनों देशों के लगभग 120 सैन्य कर्मी शामिल हुए हैं। इस दौरान दोनों दल एक संयुक्त कमांड पोस्ट और एक इंटिग्रेटेड सर्विलेंस ग्रिड के साथ संयुक्त सर्विलेंस सेंटर स्थापित करेगी। दोनों पक्ष जंगल, अर्ध-शहरी, शहरी वातावरण में संयुक्त अभ्यास करेंगे। इस अभ्यास में ड्रोन, यूएवी और हेलीकॉप्टरों का भी उपयोग किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
दोनों पक्ष हताहत प्रबंधन और मिकासी अभ्यास और बटालियन स्तर पर उत्तरजीविता प्रशिक्षण का भी अभ्यास करेंगे। इस अभ्यास का मुख्य फोकस उच्च स्तर की शारीरिक फिटनेस, सामरिक स्तर पर अभ्यास का संचालन पर रहेगा। यह अभ्यास अर्ध शहरी क्षेत्र में 48 घंटे लंबे अभ्यास के बाद समाप्त होगा। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की सुरक्षा सहयोग द्विपक्षीय रिश्ते को मजबूत करना है।