हार्दिक पटेल ने घर पर ही शुरू किया अनशन, जूनागढ़ में धारा 144 लागू
गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने पटेलों को आरक्षण और किसानों का कर्ज माफ करने की मांग को लेकर शनिवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया। हार्दिक के अनशन पर बैठने की घोषणा के बाद शुक्रवार रात से ही गुजरात हाई अलर्ट पर है। हार्दिक पटेल ने पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति को अहमदाबाद और गांधीनगर में अनशन की अनुमति मांगी थी, जो नहीं दी गई। इसके बाद उन्होंने अहमदाबाद में अपने घर पर ही आमरण अनशन की घोषणा कर दी।
गुजरात में आरक्षण और किसानों की क़र्ज़ा माफ़ी की माँग के साथ 25 अगस्त से अहमदाबाद में अनिच्छितकालिन अनशन ।।
— Hardik Patel (@HardikPatel_) July 24, 2018
हमारा विजय संकल्प है और सरकार को जनता के मौलिक अधिकारों के सामने झुकाएँगे !!! युवाओं को मिले अधिकार,
किसानों को मिले सम्मान ।। pic.twitter.com/SW52RRC3P8
पाटीदार इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाने के साथ सूरत, राजकोट, मेहसाणा से अहमदाबाद आने वाले वाहनों की जांच और पाटीदार युवकों की धरपकड़ की जा रही है। हार्दिक के घर पर भी सैकड़ों की तादाद में पुलिस बल तैनात किया गया है। कांग्रेस ने हार्दिक के अनशन का समर्थन किया है। हार्दिक ने सरकार और पुलिस पर आंदोलन को दबाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके अनशन में शामिल होने वाले 16 हजार पाटीदार युवकों की धरपकड़ की गई है। उन्होंने आशंका जताई है कि उन्हें भी हिरासत में ले लिया जाएगा। राज्य में कई इलाकों में आगजनी की आशंका से बीआरटीएस और एसटी बसों को रद कर दिया गया है।
गुजरात के एडीजीपी आरबी ब्रह्मभट्ट के अनुसार, 16,000 युवकों की धरपकड़ की बात निराधार है। पुलिस ने अब तक 158 युवकों को गिरफ्तार किया है। ये सभी पहले से हिंसा और आगजनी में शामिल होने के आरोपी हैं। 25 अगस्त, 2015 में पाटीदार महारैली के बाद पूरे राज्य में हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ हुई थी। 19 अगस्त को प्रतीकात्मक अनशन के दिन भी सूरत में एक बस जलाई गई थी। उन्होंने कहा कि कानून व शांति व्यवस्था भंग करने वालों पर पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी।