कौन बनाएगा सरकार की पसंदीदा मिठाई: मंत्रिमंडल में फेरबदल होने के बाद अब बदलने जा रहे हैं मंत्रालयों के 'हलवाई'
केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों में चल रही गैर-वैधानिक कैंटीन के मॉडल भर्ती नियमों में बदलाव किया गया है। डीओपीटी द्वारा 13 जुलाई को जारी पत्र के मुताबिक, मंत्रालयों एवं विभागों में अब नए नियमों के तहत 'हलवाई कम कुक' की नियुक्ति की जाएगी...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल होने के बाद अब केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के 'हलवाई' बदले जा रहे हैं। मंत्रालयों में जो कैंटीन स्थित हैं, वहां के लिए खास हलवाई की तलाश है। ऐसे हलवाई जो मंत्रियों, अधिकारियों और दूसरे स्टाफ को अच्छी मिठाई बनाकर खिला सकें। हलवाई की योग्यता दसवीं पास रहेगी। खास बात ये है कि 'हलवाई' के काम में किसे कितनी महारत हासिल है, इसका टेस्ट लिया जाएगा। मिठाई बनवा कर देखेंगे कि वह उम्मीदवार मंत्रालय का हलवाई बनने लायक है या नहीं। नए हलवाई के चयन के लिए जरूरी योग्यता एवं शर्तों वाला आदेश पत्र डीओपीटी द्वारा सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों को भेज दिया गया है।
केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों में चल रही गैर-वैधानिक कैंटीन के मॉडल भर्ती नियमों में बदलाव किया गया है। डीओपीटी द्वारा 13 जुलाई को जारी पत्र के मुताबिक, मंत्रालयों एवं विभागों में अब नए नियमों के तहत 'हलवाई कम कुक' की नियुक्ति की जाएगी। मंत्रालय का हलवाई ऐसा व्यक्ति होगा कि उसके बनाए खानपान पर कोई अंगुली न उठा सके। हलवाई के लिए पढ़ाई लिखाई की योग्यता दसवीं पास निर्धारित की गई है। मान्यता प्राप्त कैटरिंग इंस्टीट्यूट से डिप्लोमा भी होना चाहिए।
अगर किसी उम्मीदवार की शैक्षणिक योग्यता पूरी होती है तो उसके बाद ट्रेड स्किल टेस्ट होगा। मंत्रालय की एक टीम यह देखेगी कि वह हलवाई, मिठाई या दूसरा खानपान तैयार करने में कितना पारंगत है। कितने समय में और स्वच्छता के साथ, पकवान बना सकता है। अगर कोई उम्मीदवार टेस्ट में पास हो जाता है तो उसकी नियुक्ति की संभावना प्रबल बन जाएगी।
वजह, मौजूदा सरकार ने इस बार हलवाई की नियुक्ति प्रक्रिया आसान बना दी है। अभी तक जारी नियमों में यह प्रावधान है कि 'हलवाई कम कुक' के पद के लिए आवेदन देने वाले व्यक्ति के पास सरकारी विभाग या अंडरटेकिंग महकमे में काम करने का दो वर्ष का अनुभव होना चाहिए। अब इस योग्यता को एच्छिक कॉलम में डाल दिया गया है। नई नियुक्ति में ट्रेड स्किल टेस्ट पर ही ज्यादा जोर रहेगा।