{"_id":"5fda3abdefe28a47c2494d9e","slug":"hair-cutting-and-shaving-arrangement-for-farmers-protesting-on-singhu-border","type":"story","status":"publish","title_hn":"वॉशिंग मशीन के बाद किसानों के लिए अब दाढ़ी, कटिंग और फेशियल का हुआ इंतजाम","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
वॉशिंग मशीन के बाद किसानों के लिए अब दाढ़ी, कटिंग और फेशियल का हुआ इंतजाम
Wed, 16 Dec 2020 10:57 PM IST
गौरव पाण्डेय
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Wed, 16 Dec 2020 10:57 PM IST
विज्ञापन
सिंघु बॉर्डर पर दाढ़ी बनवाते आंदोलनरत किसान
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिंघु बॉर्डर पर किसान आंदोलन आसानी से चलता रहे, प्रदर्शनकारी किसानों को किसी भी चीज की परेशान नहीं हो इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। किसानों के लिए कपड़े धोने के लिए वॉशिंग मशीन, नहाने के लिए गीजर से लेकर पैरों की मसाज के लिए मशीनें तक लगा दी गई हैं। किसानों को अब दाढ़ी-बाल बनवाने और फेशियल के लिए कहीं और नहीं जाना पड़े, इसकी व्यवस्था भी अब धरना स्थल पर ही कर दी गई है।
विज्ञापन
हरियाणा के पिहुआ जिला, कुरुक्षेत्र में रहने वाले सोनू अपनी टीम को लेकर सिंघु बॉर्डर पहुंच चुके हैं। उन्होंने यहां पर प्रदर्शनकारी किसानों के लिए दाढ़ी और बालों की कटिंग के साथ फेशियल की व्यवस्था की है। वे सुबह नौ बजे से लेकर रात के आठ बजे तक किसानों की कटिंग और फेशियल कर रहे हैं।
विज्ञापन
उन्होंने अमर उजाला को बताया कि, पिहुआ में वह सैलून की दुकान का संचालन करते हैं। किसानों की मांगों को समर्थन देने के लिए वे यहां आए हैं। उनके साथ पांच लोग ओर भी हैं जो यहां किसानों की बाल कटिंग और दाढ़ी बनाने का कम करेंगे। जब तक किसान आंदोलन खत्म नहीं हो जाता तब तक वे यहां सेवाएं देते रहेंगे।
विज्ञापन
वहीं, दूसरी तरफ बुजुर्ग किसानों को ठंड से बचाने के लिए लुधियाना के खुशमीत सिंह भी आगे आए हैं। वे रोज यहां एक हजार बुजुर्ग किसानों को गर्म जैकेट दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि ठंड में बुजुर्ग किसानों को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हो इसलिए वे उनके लिए गर्म जैकेट लेकर सिंघु बॉर्डर पर आए हैं।
गौरतलब है कि, नए कृषि कानूनों के विरोध में 21 दिनों से दिल्ली के बॉर्डर पर दिल्ली, हरियाणा से आए किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार और किसान नेताओं के बीच कई दौर की वार्ता भी हुई पर अब तक कोई सहमति नहीं बन पाई है। किसान तीनों कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़े हैं। इधर, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बुधवार को कहा कि पंजाब के किसान संगठनों सहित देश के कई किसान संगठनों से बातचीत चल रही है और जल्दी ही इसका समाधान निकल आएगा।