फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   H1B visa effect, 50 percent more Indians took canadian citizenship this year

कनाडा की नागरिकता लेने वाले भारतीयों की संख्या में इजाफा, इस साल 50 फीसदी बढ़े

Wed, 26 Dec 2018 09:40 AM IST
Prabudhh Jain न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Prabudhh Jain Updated Wed, 26 Dec 2018 09:40 AM IST
विज्ञापन
H1B visa effect, 50 percent more Indians took canadian citizenship this year
passport - फोटो : pexels.com

कनाडा की नागरिकता लेने वाले भारतीयों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। भारतीयों की संख्या में इस साल 50 फीसदी का इजाफा हुआ है। कुछ समय कनाडा में रहने के बाद ये लोग वहां की स्थायी नागरिकता ले रहे हैं। कनाडा के अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी देते हुए बीते 10 महीने के आंकड़े दिखाए जो अक्तूबर 2018 तक के हैं। इसमें कहा गया है कि करीब 15 हजार भारतीयों ने नागरिकता ली है। अगर इन आंकड़ों की साल 2017 के आंकड़ों से तुलना करें तो इसमें 50 फीसदी तक की बढ़त हुई है। 

विज्ञापन


जिस देश में संबंधित व्यक्ति ने जन्म लिया है उसके आधार पर आवेदनों में भारतीयों का स्थान दूसरा है। वहीं फिलीपींस पहले नंबर पर है। जिसमें 15,642 फिलीपींस के लोगों ने कनाडा की नागरिकता ली है। इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर ईरान (7,921) है। जबकि चौथे नंबर पर चीन  (7,609) है। आंकड़ों से साफ है कि बीते साल के मुकाबले कनाडाई नागरिकता लेने वाले फिलीपींस के लोगों की संख्या 11 फीसदी अधिक हुई है। भारतीयों की संख्या 50 फीसदी बढ़ी है, ईरान के लोगों की संख्या में 124 फीसदी और चीन के लोगों की संख्या में 31 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।  
विज्ञापन


आंकड़ों के अनुसार बीते 10 महीनों में 30 अक्तूबर तक 1,39, 503 पर्मानेंट रेजिडेंट ने कनाडाई नागरिकता ली है। यह आंकड़े प्राथमिक तौर पर दिए गए हैं। ये संख्या और अधिक भी हो सकती है। बीते साल के मुकाबले ये आंकड़ा बढ़ा है लेकिन साल 2015 के आंकड़े से ये फिर भी कम है। जब 28 हजार भारतीयों ने कनाडाई नागरिकता हासिल की थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

ये है वजह

इन आंकड़ों के पीछे की वजह बताते हुए माइग्रेशन ब्यूरो कॉर्प के एमडी और इमिग्रेशन लॉ स्पेशलिस्ट तल्हा मोहानी ने बताया कि ये संख्या इसलिए भी बढ़ रही है क्योंकि अक्तूबर 2017 के बाद से कनाडाई नागरिकता लेना पहले के मुकाबले अधिक आसान हो गया है। पहले पर्मानेंट रेजिडेंट को 5 साल रहना होता था लेकिन अब 3 साल ही रहना पड़ता है। 

H1B वर्क वीजा

इस संख्या के पीछे एच-1बी वर्क वीजा भी एक वजह है। इस बारे में बताते हुए एनपीजेड लॉ ग्रुप में मैनेजिंग अटॉर्नी डेविड ने कहा कि कनाडाई पासपोर्ट (नागरिकता) किसी व्यक्ति को ट्रेड नेशनल (टीएन) वीजा के लिए आवेदन करने के योग्य भी बनाता है। जिससे अमेरिका में काम करने की इजाजत मिल जाती है। इसे एक तरह का एच-1बी वर्क वीजा भी कहा जाता है। कई ऐसे लोग हैं जो काम के लिए कनाडा से अमेरिका जाते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed