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बीएमसी चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका: गुरुदास कामत का कांग्रेस से इस्तीफा
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुंबई
Updated Tue, 07 Jun 2016 05:04 AM IST
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कांग्रेस महासचिव व पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री गुरुदास कामत ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। सोमवार को कामत ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देकर राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा की। एशिया की सबसे वैभवशाली मुंबई महानगरपालिका चुनाव से पहले कामत का इस्तीफा कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। वहीं, कामत के इस्तीफा बम से भाजपा के एकनाथ खड़से के विकेट जाने की कांग्रेस की खुशी में भी खलल पड़ गया है।
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गुरुदास कामत 44 साल से कांग्रेस में थे। उन्हें गांधी परिवार का वफादार भी माना जाता रहा है लेकिन उन्होंने पार्टी हाईकमान से नाराज होकर अचानक कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। मीडिया को भेजे संदेश में उन्होंने लिखा है कि बीते चार दशक से अधिक समय तक कांग्रेस में काम किया। बीते कुछ महीने से सोच रहा था कि अब पार्टी में अन्य लोगों को भी मौका मिलना चाहिए। दस दिन पहले उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलकर अपनी इच्छा जाहिर की थी। उसके बाद सोनिया गांधी और पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखा था। लेकिन, इस पत्र का कोई जवाब नहीं मिला।
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कामत ने इस्तीफे की वजह भले ही अलग है लेकिन हाल के दिनों में कांग्रेस में उनका कद लगातार घटता जा रहा था। मुंबई में कांग्रेस का एक बड़ा धड़ा कामत का समर्थक है। लेकिन, संजय निरूपम को मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद वे हाशिए पर थे। उन्होंने कई बार निरूपम की कार्यपद्धति को लेकर पार्टी हाईकमान से शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। समझा जा रहा है कि इससे नाराज होकर उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दिया है। कामत की फितरत रही है कि जब भी उन्हें उनके मनमाफिक पद नहीं मिलता तब वे इस्तीफे की राजनीति करते रहे हैं। यूपीए सरकार में कैबिनेट मंत्री नहीं बनाए जाने पर भी उन्होंने राज्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर दिल्ली से मुंबई लौट आए थे। हालांकि उसके बाद उन्हें कांग्रेस महासचिव का पद और कोर कमेटी में शामिल कर संगठन की जिमेदारी देकर संतुष्ट कर दिया गया था।
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कामत का राजनीतिक सफर
गुरुदास कामत ने एनएसयूआई के जरिए राजनीतिक जीवन में कदम रखा था। कामत सन 1976 में कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई के अध्यक्ष नियुक्त किए गए। उसके बाद सन 1984 में पहली बार लोकसभा के लिए चुने गए। उसके बाद 1991, 1998, 2004 और 2009 में कुल पांच बार लोकसभा का चुनाव जीता और सन 2009 से लेकर 2011 तक यूपीए सरकार में गृह व दूरसंचार राज्यमंत्री बने। उससे पहले कामत मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर में उत्तर-पश्चिम मुंबई से शिवसेना के गजानन कीर्तिकर से चुनाव हार गए।