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उम्रकैद पाए 11 दोषियों के लिए फांसी चाहती है एसआईटी

Sat, 20 Aug 2016 11:23 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 20 Aug 2016 11:23 AM IST
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Gulberg Society massacre SIT seeks death penalty for 11 who got life term
- फोटो : Getty Images
सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्ति की गई स्पेशल इंन्वेस्टिगेशन टीम ने गुलबर्ग सोसायटी नरसंहार मामले में उम्र कैद की सजा पाए 11 दोषियों के लिए फांसी की सजा की सिफारिश की है। गौरतलब है कि मामले की सुनवाई करते हुए स्पेशल कोर्ट ने 17 जून 2016 को 11 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। 
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एसआईटी ने पिछले सप्ताह ही राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपी है। टीम ने दोषियों को मिली सजा और 14 लोगों की रिहाई को गुजरात हाईकोर्ट में चुनौती देने के लिए राज्य सरकार से अनुमति मांगी है। 
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स्पेशल कोर्ट ने मामले में 24 आरोपियों को दोषी ठहराया था और 36 लोगों को बरी कर दिया था। 

हालांकि एसआईटी ने रिटायर्ड डिप्टी सुपरिटेंडेंट केजी इरडा की रिहाई को चुनौती नहीं दी है। इरडा को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था। 

गौरतलब है कि गोधरा ट्रेन कांड में 59 कार सेवकों के जलाए जाने के बाद भड़की हिंसा में 28 फरवरी 2002 को भीड़ ने गुलबर्ग सोसायटी में हमला कर दिया था। भीड़ ने 69 लोगों की हत्या कर दी, इनमें कांग्रेस सांसद एहसान जाफरी भी थे। 
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मोदी के कार्यकाल में हुए थे दंगे

Gulberg Society massacre SIT seeks death penalty for 11 who got life term
एसआईटी के मुताबिक 12 दोषियों को सात साल की जेल और एक को 10 साल जेल की सजा को उम्र कैद की तब्दील किया जाना चाहिए। 

कोर्ट की ओर से नियुक्त की गई जांच टीम ने तर्क दिया है कि ये तेरह लोग भीड़ का हिस्सा थे और गैरकानूनी तरीके से इकट्ठा होने और आगजनी के आरोपी हैं। इन्हें 'हत्यारा' माना जाना चाहिए। 

इंडियन एक्सप्रेस ने इस आशय की खबर प्रकाशित है। खबर के मुताबिक एसआईटी रिटायर्ड पुलिस अधिकारी इरडा की रिहाई को चैलेंज नहीं करेगी। टीम का मानना है कि इरडा को गलत तरीके से मामले में फंसाया गया है। गौरतलब है कि 28 फरवरी 2002 को गुलबर्ग सोसायटी में हुए दंगे के समय इरडा मेघानीनगर के पुलिस इंस्पेक्टर थे। 

नाम न बताने की तर्ज पर एसआईटी के सदस्य ने कहा , 'हमने राज्य सरकार को अपनी सिफारिश भेज दी है। और मामले को आगे बढ़ाने के लिए उनकी अनुमति का इंतजार है। फैसले के विश्लेण के बाद हमने पाया है कि दोषियों की सजा को बढ़ाया जा सकता है। कम से कम 14 लोगों की रिहाई को चुनौती तो दी ही जा सकती है।' 

30 अगस्त से दोबारा सुनवाई होने की उम्मीद

Gulberg Society massacre SIT seeks death penalty for 11 who got life term
17 जून को फैसले के समय स्पेशल कोर्ट ने गुलबर्ग सोसायटी दंगे को 'दुर्भाग्यपूर्ण' और 'गुजरात सिविल सोसायटी के लिए काला दिन' करार दिया था। 

गौरतलब है कि एहसान जाफरी की विधवा पत्नी जकिया जाफरी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य के खिलाफ दंगे की साजिश रचने के आरोप में कोर्ट में शिकायत दायर की थी। एसआईटी ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत जकिया के आरोपों की जांच की और गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को क्लीन चिट दे दी। 

इस क्लीन चिट के खिलाफ जकिया जाफरी ने गुजरात हाईकोर्ट में अपील किया है। इस याचिका पर 30 अगस्त से दोबारा सुनवाई होने की उम्मीद है। 
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