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गुलबर्ग सोसाइटी नरसंहार: दो दर्जन दोषी करार और तीन दर्जन बरी
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Thu, 02 Jun 2016 01:54 PM IST
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गुलबर्ग सोसाइटी नरसंहार
- फोटो : India Today
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गुजरात के गुलबर्ग सोसाइटी नरसंहार मामले में अहमदाबाद की एक विशेष अदालत ने 24 आरोपियों दोषी करार दिया गया है। 14 साल बाद विशेष अदालत ने ये फैसला सुनाया। कोर्ट ने मामले में 36 आरोपियों को बरी कर दिया है।
जो लोग बरी किए गए हैं उनमें पुलिस अधिकारी केजी एर्डा और बीजेपी काउंसलर विपिन पटेल भी शामिल हैं। वहीं जिन्हें दोषी पाया गया है उनमें विश्व हिंदू परिषद के नेता अतुल वैद्य और कांग्रेस के पूर्व पार्षद मेघजी चौधरी शामिल हैं। विशेष अदालत के न्यायाधीश पीवी देसाई ने फैसला सुनाया। इस मामले में सजा का ऐलान 6 जून को होगा।
गुलबर्ग सोसाइटी नरसंहार में 28 फरवरी 2002 को हजारों की हिंसक भीड़ ने गुलबर्ग सोसायटी पर हमला कर दिया था। जिसमें कांग्रेस के पूर्व सांसद एहसान जाफरी समेत 69 लोग मारे गए थे।
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इस नरसंहार में 39 लोगों के शव बरामद हुए थे और 30 लोगों का कुछ भी पता नहीं लग पाया था। इस हादसे में 30 लापता लोगों को सात साल बाद मृतक मान लिया गया था।
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जो लोग बरी किए गए हैं उनमें पुलिस अधिकारी केजी एर्डा और बीजेपी काउंसलर विपिन पटेल भी शामिल हैं। वहीं जिन्हें दोषी पाया गया है उनमें विश्व हिंदू परिषद के नेता अतुल वैद्य और कांग्रेस के पूर्व पार्षद मेघजी चौधरी शामिल हैं। विशेष अदालत के न्यायाधीश पीवी देसाई ने फैसला सुनाया। इस मामले में सजा का ऐलान 6 जून को होगा।
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गुलबर्ग सोसाइटी नरसंहार में 28 फरवरी 2002 को हजारों की हिंसक भीड़ ने गुलबर्ग सोसायटी पर हमला कर दिया था। जिसमें कांग्रेस के पूर्व सांसद एहसान जाफरी समेत 69 लोग मारे गए थे।
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इस नरसंहार में 39 लोगों के शव बरामद हुए थे और 30 लोगों का कुछ भी पता नहीं लग पाया था। इस हादसे में 30 लापता लोगों को सात साल बाद मृतक मान लिया गया था।
14 साल बाद आया फैसला
कोर्ट के फैसले पर जकिया जाफरी ने कहा कि वह अभी इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं और मामले को सुप्रीम कोर्ट लेकर जाएंगी।
बता दें कि गोधरा कांड के ठीक एक दिन बाद यानी 28 फरवरी, 2002 को 29 बंगलों और 10 फ्लैट वाली गुलबर्ग सोसायटी पर हमला किया गया। गुलबर्ग सोसायटी में सिर्फ एक पारसी परिवार के अलावा बाकी सभी मुस्लिम रहते थे।
पूर्व कांग्रेस सांसद एहसान जाफरी का मकान भी इस सोसाइटी में था। उनकी पत्नी जकिया जाफरी अब इस केस की पहचान बन चुकी हैं। गुलबर्ग सोसाइटी पर 20,000 से ज्यादा लोगों की हिंसक भीड़ ने पूरी सोसायटी पर हमला किया।
इस मामले में 66 आरोपी थे। इसमें प्रमुख आरोपी भाजपा के असारवा के पार्षद बिपिन पटेल भी थे। इस मामले के 4 आरोपियों की ट्रायल के दौरान मौत हो गई।
बता दें कि गोधरा कांड के ठीक एक दिन बाद यानी 28 फरवरी, 2002 को 29 बंगलों और 10 फ्लैट वाली गुलबर्ग सोसायटी पर हमला किया गया। गुलबर्ग सोसायटी में सिर्फ एक पारसी परिवार के अलावा बाकी सभी मुस्लिम रहते थे।
पूर्व कांग्रेस सांसद एहसान जाफरी का मकान भी इस सोसाइटी में था। उनकी पत्नी जकिया जाफरी अब इस केस की पहचान बन चुकी हैं। गुलबर्ग सोसाइटी पर 20,000 से ज्यादा लोगों की हिंसक भीड़ ने पूरी सोसायटी पर हमला किया।
इस मामले में 66 आरोपी थे। इसमें प्रमुख आरोपी भाजपा के असारवा के पार्षद बिपिन पटेल भी थे। इस मामले के 4 आरोपियों की ट्रायल के दौरान मौत हो गई।