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गुजरात में 14 साल की बच्ची से हुए रेप केस की सुनवाई के लिए बनाया फास्ट ट्रैक कोर्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सूरत
Updated Fri, 12 Oct 2018 05:06 PM IST
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Gujarat High Court
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सूरत में हुए 14 साल की लड़की से रेप के मामले में अब गुजरात हाईकोर्ट अलर्ट हो गया है। हाईकोर्ट ने इस मामले को अब फास्टट्रैक कोर्ट में ले जाने का फैसला किया है। इस मामले में जल्द से जल्द फैसला आए इसके लिए विशेष जज की नियुक्ति भी की गई है। गुजरात हाईकोईट ने इसके लिए मुख्य जिला जज केबी गुजराती की नियुक्ति की है। यह सभी बातें गुजरात सरकार द्वारा एक प्रेस रीलीज में कही गई हैं।
बता दें कि गुजरात के साबरकांठा जिले में 14 माह की बच्ची से दुराचार के बाद उत्तर भारतीयों खासतौर से यूपी और बिहार के लोगों पर सामूहिक हमला किया जा रहा है। यही नहीं बनारस के कैंट रेलवे स्टेशन पर अहमदाबाद से आई साबरमती एक्सप्रेस से उतरे पूर्वांचल के लोगों ने भी यह बात कही है। इस मामले में पिछले हफ्ते एक 14 महीने की बच्ची से कथित रेप के आरोप में बिहार के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है जिसके बाद राज्य के कई हिस्सों में गैर गुजरातियों, खासतौर पर उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले लोगों को निशाना बनाया गया है।
पिछले हफ्ते गांधीनगर, मेहसाना, साबरकांठा, पाटन और अहमदाबाद जिलों में इन लोगों पर कई हमले हुए हैं। और इन घटनाओं के संबंध में 170 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बलात्कार का आरोपी बिहार का रहने वाला है, यह पता लगने के बाद क्षत्रिय ठाकोर सेना ने कहा कि अन्य राज्यों के प्रवासी कामगारों को गुजरात में नौकरी नहीं दी जानी चाहिए।
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पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति ने यह संदेश फैला दिया कि एक फैक्ट्री में बड़ी संख्या में गैर गुजराती लोगों को नौकरी दी गई है। इसके बाद अरवल्ली जिले के काबोला गांव में एक फैक्ट्री के बाहर 200 लोगों की भीड़ इकट्टी हो गई।
हालांकि, अरवल्ली जिले के पुलिस अधीक्षक मयूर पाटिल ने कहा कि पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर कर दिया और इनमें से 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया और उन पर दंगा भड़काने और दो समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने के आरोप लगाये गये।
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बता दें कि गुजरात के साबरकांठा जिले में 14 माह की बच्ची से दुराचार के बाद उत्तर भारतीयों खासतौर से यूपी और बिहार के लोगों पर सामूहिक हमला किया जा रहा है। यही नहीं बनारस के कैंट रेलवे स्टेशन पर अहमदाबाद से आई साबरमती एक्सप्रेस से उतरे पूर्वांचल के लोगों ने भी यह बात कही है। इस मामले में पिछले हफ्ते एक 14 महीने की बच्ची से कथित रेप के आरोप में बिहार के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है जिसके बाद राज्य के कई हिस्सों में गैर गुजरातियों, खासतौर पर उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले लोगों को निशाना बनाया गया है।
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पिछले हफ्ते गांधीनगर, मेहसाना, साबरकांठा, पाटन और अहमदाबाद जिलों में इन लोगों पर कई हमले हुए हैं। और इन घटनाओं के संबंध में 170 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बलात्कार का आरोपी बिहार का रहने वाला है, यह पता लगने के बाद क्षत्रिय ठाकोर सेना ने कहा कि अन्य राज्यों के प्रवासी कामगारों को गुजरात में नौकरी नहीं दी जानी चाहिए।
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पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति ने यह संदेश फैला दिया कि एक फैक्ट्री में बड़ी संख्या में गैर गुजराती लोगों को नौकरी दी गई है। इसके बाद अरवल्ली जिले के काबोला गांव में एक फैक्ट्री के बाहर 200 लोगों की भीड़ इकट्टी हो गई।
हालांकि, अरवल्ली जिले के पुलिस अधीक्षक मयूर पाटिल ने कहा कि पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर कर दिया और इनमें से 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया और उन पर दंगा भड़काने और दो समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने के आरोप लगाये गये।