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गुजरात चुनाव नहीं इन चार राज्यों के चुनाव तय करेंगे राहुल की काबिलियत

Mon, 18 Dec 2017 08:22 AM IST
amarujala.com: presented by-पूजा मेहरोत्रा
amarujala.com: presented by-पूजा मेहरोत्रा Updated Mon, 18 Dec 2017 08:22 AM IST
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gujarat vidhan sabha result: not gujarat, these four state may set future of rahul gandhi

गुजरात का चुनाव राहुल गांधी का असल लिटमस टेस्ट के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि इसके परिणाम से पहले ही राहुल की ताजपोशी विधानसभा चुनाव के पहले ही की जा चुकी है,  लेकिन राहुल और कांग्रेस का असल टेस्ट 2019 में लोकसभा चुनाव से पहले 2018 में चार राज्यों में होनेवाले विधानसभा चुनाव में ही हो जाएगा।

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आगामी  2018 में जिन चार राज्यों में चुनाव होने हैं उनमें राजस्थान, मध्यप्रदेश, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ प्रमुख हैं इन राज्यों में 744 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव होने हैं। इन चुनावों में आया परिणाम ही कांग्रेस की  2019 की स्थिति को बताएगा। 
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2018 में राजस्थान में चुनाव होंगे, राजस्थान हर बार कभी कांग्रेस को तो कभी बीजेपी आती रही है। राजस्थान में विधानसभा की 200 सीटे हैं। राजस्थान राहुल और कांग्रेस के लिए थोड़ा मुश्किलभरा सफर हो सकता है। फिलहाल यहां बीजेपी की सरकार है और वसुंधरा राजे को बहुमत हांसिल है जबकि कांग्रेस के पास महज 21 सीटें ही हैं।

कांग्रेस को यहां अपनी पार्टी को मजबूत करने के लिए बहुत मशक्कत करनी होगी क्योंकि बाइपोल चुनाव में धौलपुर की सीट गंवाई है वहीं लोकसभा के बाईपोल चुनाव अजमेर और अलवर सीट पर दिसंबर में होने हैं। और अगर पार्टी में जान फूंकनी है तो उन्हें ये चुनाव जीतना ही होगा।

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राहुल का दूसरा टेस्ट मध्यप्रदेश होगा और ऐसा माना जा रहा है कि राहुल को यहां एंटीकंबेंसी का फायदा मिल सकता है। क्योंकि यहां 2003 से बीजेपी सरकार और शिवराज सिंह चौहान की सरकार है। यहां 230 विधानसभा सीटें हैं।

कांग्रेस ने यहां चुनाव से पहले काफी फेरबदल किए हैं। एआईसीसी जनरल सेक्रेटरी के रूप में मोहन प्रकाश को हटाकर दीपक बाबरिया को ये कार्य दिया है। हाल ही में कांग्रेस को यहां चित्रकूट सीट की जीत के साथ  बड़ी जीत हांसिल की है। 

वहीं कर्नाटक भी कांग्रेस और राहुल के लिए बड़ी चुनौती के रूप में मुंह बाए खड़ा है। वैसे तो वहां कांग्रेस की सरकार है और सिद्धरमैया मुख्यमंत्री है। लेकिन बीजेपी कर्नाटक को अपने कब्जे में लाने के लिए अमितशाह ने एग्रेसिव कैंपेन की शुरुआत कर दी है। यहां 224 सीटों के लिए चुनाव होने हैं। बीजेपी ने अभी से वहां पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येद्दुरप्पा को मुख्यमंत्री कैंडिडेट घोषित कर दिया है। जबकि कांग्रेस ने एकबार फिर से सिद्धरमैया को ही अपना चेहरा बनाया है। 

जबकि छत्तीसगढ़ भी कांग्रेस के लिए मगरमच्छ के मुंह में जाने जैसा है। यहां कांग्रेस और बीजेपी में हमेशा कांटे की टक्कर रही है लेकिन पिछले 14 सालों से यहां बीजेपी का कब्जा रहा है। मध्यप्रदेश की तरह कांग्रेस को भी यहां एंटी कंबेसी का फायदा मिलने का आसार नजर आ रहा है।

90 एसेंबली सीटों में  बीजेपी को 49 सीटें मिली हैं और वोट शेयर 41.01 फीसदी रहा है। जबकि कांग्रेस को 39 सीटें मिली थीं। यहां रमन सिंह को कांग्रेस बार बार कई करोड़ के पीडीएस घोटाले मामले में घेरती रही है। और ऐसा माना जा रहा है कि पीडीएस घोटाला राहुल गांधी और कांग्रेस के लिए फायदे का सौदा साबित होगा और बीजेपी हारेगी।

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